भारतीय महिला बॉक्सिंग खिलाड़ी निखत जरीन के बारे में जानिए सभी जानकारी

Nikhat Zareen

देश में सिर्फ मैरी कॉम के अलावा और भी महिला बॉक्सर खिलाड़ियों ने अपनी अलग पहचान बनाना शुरू कर दिया है। इसी में एक नाम हैं, युवा बॉक्सर खिला़ड़ी निखत जरीन का जो उस समय सभी की नजरो में आयी जब उन्होंने वर्ल्ड जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल को अपने नाम पर किया था। निखत ने गुवाहटी में हुई दूसरी इंडिया ओपन बॉक्सिंग टूर्नामेंट में सिल्वर पदक भी जीता था। निखत 51 किलोग्राम महिला कैटेगरी में बॉक्सिंग इवेंट में हिस्सा लेती हैं और उन्हें जेएसडब्लू स्पोर्ट्स की तरफ से काफी सपोर्ट मिलता हैं। निखत साल 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक में जगह बनाने के लिए काफी कड़ी मेहनत कर रही हैं।

शुरूआती जीवन

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14 जून 1996 को निखत जरीन का जन्म तेलांगना के निजामाबाद डिस्ट्रिक में हुआ था। निखत ने स्कूल की पढ़ाई निजामाबाद में स्थित निर्माला ह्रुदाया गर्ल्स स्कूल से की है। मौजूदा समय में निखत एवी कॉलेज ऑफ हैदराबाद से बी.ए. की पढ़ाई कर रही हैं। बॉक्सिंग में निखत को उनके पिता मोहम्मद जमील लेकर आये जिन्होंने एक साल तक उन्हें शुरूआती ट्रेनिंग दी, जिसके बाद उनके पिता ने उन्हें साल 2009 में विशाखापट्टनम स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया भेज दिया और यहां पर आई.वी. रॉव के अंडर में उनकी ट्रेनिंग हुई।

निजी जीवन

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अपने परिवार में तीसरी बेटी के तौर पर जन्म लेने वाली निखत जरीन के पिता जमील अहमद एक सेल्सपर्सन हैं, वहीं मां परवीना सुल्तान एक गृहणी हैं। निखत को अपने चाचा शम्शुद्दीन को बॉक्सिंग करते देखने के बाद इस खेल में दिलचस्पी बढ़ी। निखत ने इस बात को कबूला कि सफलता पाना उनके लिए आसान काम नहीं था, क्योंकि परिवार और दोस्तो में इसको लेकर उनकी काफी आलोचना होती थी, लेकिन वह लगातार आगे बढ़ती रहीं।

पिता अपनी बेटी को लगातार सपोर्ट करते रहे जिससे वह अपना सपना पूरा कर सके। शुरू से ही निखत किसी अवार्ड को जीतने के बारे में नहीं सोचती थी, लेकिन बाद में वह देश के लिए पदक जीतना चाहती थी। निखत खुद को एक मेहनती बॉक्सर के तौर पर देखती हैं, जो अपनी प्रतिभा के दम पर अपने सपने पूरा कर सकती है।

प्रोफेशनल जीवन

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निखत जरीन के लिए बॉक्सिंग रिंग तक पहुंचना आसान नहीं था, क्योंकि एक मुस्लिम परिवार में जन्म लेने के बाद उन्हें कई सामाजिक दबाव भी झेलने थे, जो उन्हें इस खेल में आगे बढ़ने से रोक रहे थे। निखत कई लड़कियों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है, जो सामाजिक बंधनो को तोड़ते हुए अपने सपने को पूरा करती हैं। निखत ने साल 2011 में हुई महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता और इसके साथ ही टर्की में हुई एआईबीए महिला जूनियर एंड वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में फ्लाइवेट डिवीजन में गोल्ड मेडल जीता।

जरीन ने साल 2014 में बुलगारिया में हुई यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर पदक को अपने नाम पर किया था। इसी साल निखत ने नेशन कप इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में रसियन बॉक्सर खिलाड़ी को 52 किलोग्राम कैटेगरी में हराकर गोल्ड मेडल जीता था। साल 2016 में आसाम में हुई 16 वीं सीनियर महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में निखत ने गोल्ड मेडल जीता था।

सम्मान

  • तेलांगना के निजामाबाद में निखत का आधिकारिक अम्बेसडर के तौर पर चयन हुआ।
  • जालंधर में साल 2015 में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग चैंपियनशिप में निखत को बेस्ट बॉक्सर खिलाड़ी का खिताब मिला।
  • अचीवमेंट
  • टर्की में साल 2011 में हुई यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप एंड एंआईबीए महिला जूनियर में फ्लाइवेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता।
  • बुलगारिया में साल 2014 में हुई यूथ बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीता।
  • सर्बिया में साल 2014 में हुए तीसरे नेशन कप जो एक इंटरनेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप हैं, उसमें 51 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता।
  • आसाम में साल 2015 में हुई 16 वीं सीनियर महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।

निजी जानकारी

  • पूरा नाम – निखत जरीन
  • उम्र – 23 साल (साल 2019 तक)
  • जन्म – 14 जून 1996
  • होमटाउन – निजामाबाद डिस्ट्रिक, तेलांगना, भारत
  • राशी – मिथुन
  • रिलीजन – इस्लाम
  • उच्चतम शिक्षा – स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं।
  • स्कूल – निर्माला ह्रुदाया गर्ल्स हाई स्कूल, निजामाबाद
  • कॉलेज – एवी कॉलेज, हैदराबाद

शारीरिक माप

  • लम्बाई – 1.93 मीटर
  • वजन – 51 किलोग्राम
  • आंखो का रंग – ग्रे
  • बालों का रंग – ब्राउन

नेटवर्थ

हम निखत जरीन की नेटवर्थ को लेकर बात करे तो वह 1 मिलियन डॉलर के आसपास होने का अनुमान लगाया गया है।

विवाद

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रसियन वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए जब महिला बॉक्सिंग के लिए ट्रायल्स रोक दिए गए थे, जो निखत को अच्छा नहीं लगा था, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी, कि उनका सामना दिग्गज़ मैरी कॉम से होगा लेकिन जब उन्हें पता चला कि ट्रायल्स इसलिए नहीं होंगे क्योंकि वह अभी काफी युवा हैं।

इसके बाद निखत ने निराशा में बॉक्सिंग फेडरेशन के प्रेसीडेंट अजय सिंह और चेयरमैन राजेश भंडारी को पत्र लिखते हुए चयन समिति को लेकर अपना गुस्सा व्यक्त किया। यह विवाद 23 साल की निखत जरीन और 36 साल की मैरी कॉम के बीच में एक शीत युद्ध की तरह दिखने लगा।

वहीं निखत जरीन एकबार फिर से उस समय खबरो में आ गयी जब उन्होंने मैरी कॉम को चैलेंज किया जिसको सुनने के बाद मैरी भी काफी गुस्से में आ गयी। इसके बाद मैरी कॉम ने 51 किलोग्राम के फाइनल में निखत को हराने के बाद कहा कि, यह मैच मेरे लिए एक नया अनुभव होता है, यहां तक मैं नहीं जानती कि यह लड़की कौन हैं। मैं काफी लम्बे समय से खेल रही हूं, मैं ये सब नहीं चाहती हूं।

36 साल की मैरी कॉम ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, पहले आपको रिंग के अंदर खुद को साबित करना होता है, क्योंकि उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ 1 पदक अभी तक जीता हैं, लेकिन उनका व्यहार बिल्कुल भी अच्छा नहीं जो एक खराब चीज़ हैं। मैने कितनी बार देश के लिए खेला और खुद को साबित किया है और वह इस मामले में अभी मुझसे काफी दूर हैं।

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