भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप के बारे में जानिए सभी जानकारी

Parupalli Kashyap

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप ने साल 2012 के लंदन ओलंपिक में पुरुषों के व्यक्तिगत इवेंट के क्वाटर फाउनल तक पहुंचकर इतिहास रच दिया था। इस प्रदर्शन के बाद उन्हें अर्जुन पुरस्कार भी मिल चुका है। विश्वस्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप देश के लिए कई अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुके हैं।

शुरूआती जीवन

Parupalli Kashyap

8 सितम्बर 1986 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर डिस्ट्रिक में पारूपल्ली कश्यप का जन्म हुआ था। कश्यप के पिता का नाम उदय शंकर और मां का नाम सुभद्रा कश्यप हैं। पिता एक ऐसी नौकरी में थे, जिसमें उनका तबादला काफी होता रहा जिस कारण परिवार को कई जगह पर जाकर रहना पड़ा। पारूपल्ली ने साल 1997 में शौक के तौर पर बैडमिंटन खेलना शुरू किया जिसके बाद जब वह 11 साल के थे, तो समर कैंप में बैडमिंटन खेलने की शुरूआत की।

लेकिन जल्द ही उनका यह पसंदीदा खेल जुनून के तौर पर बन गया। हैदराबाद में जिस समय परिवार रहता था, तो पारूपल्ली को बैडमिंटन की वहां पर शुरूआती ट्रेनिंग मोहम्मद आरिफ ने दी। जिसके बाद पिता का तबादला होने के बाद परिवार बैंगलौर में जाकर रहने लगा जहां साल 2004 में कश्यप ने पादुकोण एकेडमी में अपनी ट्रेनिंग शुरू की, लेकिन इसी दौरान पारूपल्ली को अस्थमा की शिकायत होने के बाद उन्हें वापस हैदराबाद लौटना पड़ा।

अस्थमा के बावजूद पारूपल्ली ने उम्मीद नहीं छोड़ी और लगातार ट्रेनिंग करते रहे, जिसके बाद पिता ने कश्यप को पुलेला गोपीचंद एकेडमी में भेजा, जहां पर ट्रेनिंग करने के साथ पारूपल्ली की सेहत भी बेहतर होती जा रही थी और इस दौरान किसी को नहीं पता था, वह इस बीमारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन पारूपल्ली अपने साथ इनेहलर्स और ब्रीथलाइजर साथ में लेकर चलते थे।

निजी जीवन

Parupalli Kashyap

हैदराबाद टाइम्स ने साल 2014 में पारूपल्ली को 8 वां सबसे आकर्षक व्यक्ति बताया था। पारूपल्ली जब भी कैमरे के सामने आते थे, तो उनको लेकर कोई ना कोई खबर बन जाती थी। कश्यप अपने परिवार के काफी करीब हैं, खासकरके एक उनकी बहन की दुखद घटना के बाद आत्महत्या करने के बाद। 14 दिसम्बर 2018 को पारूपल्ली ने अपनी साथी खिलाड़ी साइना नेहवाल के साथ एक निजी समारोह में विवाह के बंधन में बंध गए।

प्रोफेशनल जीवन

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साल 2005 में हुई नेशनल जूनियर ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में बयॉज सिंगल इवेंट में पारूपल्ली ने जब गोल्ड मेडल जीता तो उसके बाद वह सभी की नजरो में आये। इसके बाद साल 2006 में कश्यप एकबार फिर से खबरो में आये जब वह बिटरगर ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचे। इसी साल हुए 33 वें नेशनल गेम्स में पारूपल्ली कश्यप ने चेतन आनंद को हराकर गोल्ड मेडल भी जीता। पुलेला गोपीचंद के अंडर में ट्रेनिंग लेने से कश्यप को काफी लाभ हुआ।

कश्यप ने साल 2006 से अंतरराष्ट्रीय इवेंट में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था, साल 2006 से 2007 तक कश्यप ने राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कुछ टूर्नामेंट में भी जीत हासिल की। साल 2009 में कश्यप ने डच ओपन में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। वहीं थाइलैंड इंटरनेशनल, स्पेनिश ओपन में कश्यप उपविजेता रहे।

नई दिल्ली में हुए साल 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में कश्यप ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था, जिस कारण उन्हें कांस्य पदक के संतोष करना पड़ा था, वहीं टीम इवेंट में कश्यप ने जरूर सिल्वर पदक जीता था। इसके अलावा साल 2010 में ही हुए इंडियन ओपन ग्रैंड प्रिक्स में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अगले साल रोहतक में हुई 75 वीं सीनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में कश्यप को फाइनल में अरविंद भट से हार का सामना करना पड़ा था।

कैरियर में सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट पारूपल्ली कश्यप के साल 2012 के लंदन ओलंपिक में आया जब उन्होंने सारे मैच जीतते हुए क्वाटर फाइनल में अपनी जगह को बना लिया, जिसके बाद देश के लिए ओलंपिक में ऐसा करने वाले पहले बैडमिंटन खिलाड़ी बन चुके थे। साल 2012 के बाद कश्यप को अपने करियर में इंजरी का सामना करना पड़ा, लेकिन साल 2014 में ग्लास्गो में हुए एशियन गेम्स में कश्यप ने गोल्ड मेडल जीता।

सैयद मोदी बैडमिंटन चैंपियनशिप साल 2015 को जीतकर कश्यप ने अपने करियर में एक और बड़ा अचीवमेंट जोड़ लिया। 2016 में होने वाले ओलंपिक में सभी को उम्मीद थी, कि कश्यप देश के लिए पदक जीतकर लायेंगे लेकिन इससे पहले ही उन्हें घुटने की चोट के कारण बाहर होना पड़ा। कश्यप ने अपना आखिरी पदक साल 2018 में ऑस्ट्रेलियन ओपन इंटरनेशनल चैलेंज में जीता था।

अचीवमेंट

Parupalli Kashyap

 

  • भारत सरकार की तरफ से बैडमिंटन में शानदार योगदान के लिए साल 2012 में अर्जुन पुरस्कार मिला।
  • पारूपल्ली कश्यप साल 2013 में भारतीय बैडमिंटन लीग टीम बंगा बीट्स के आइकन खिलाड़ी थे।

निजी जानकारी

  • जन्म – 8 सितम्बर 1986
  • उम्र – 33 साल (साल 2019 तक)
  • जन्मस्थान – गुंटूर, आंध्र प्रदेश
  • पिता का नाम – उदय शंकर
  • मां का नाम – सुभद्रा कश्यय
  • पत्नि का नाम – साइना नेहवाल
  • राशी – कन्या
  • राष्ट्रीयता – भारतीय
  • होमटाउन – हैदराबाद, तेलांगना, भारत
  • प्रोफेशन – बैडमिंटन
  • इवेंट – व्यक्तिगत, डबल्स और मिक्सड कैटेगरी
  • वैवाहिक स्थिती – शादीशुदा
  • नेटवर्थ – 2 से 3 मिलियन डॉलर
  • क्वालीफिकेश – कॉमर्स में बैचलर डिग्री
  • रिलीजन – हिंदू
  • हॉबी – गाने गाना, परिवार के साथ समय बिताना और वाद्ययंत्र बजाना

शारीरिक माप

  • लम्बाई – 173 सेंटीमीटर (5 फुट 8 इंच)
  • वजन – 70 किलोग्राम
  • आंखो का रंग – डार्क ब्राउन
  • बालों का रंग – ब्लैक

नेटवर्थ

बैडमिंटन एसोसियेशन की तरफ से 2.5 मिलियन डॉलर का नकद पुरस्कार। तेलांगना राज्य सरकार की तरफ से 5 मिलियन डॉलर का नकद पुरस्कार। इसके अलावा पारूपल्ली कश्यप को और भी नकद पुरस्कार मिल चुके हैं।

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