भारतीय महिला डिस्कस थ्रोअर सीमा अंतिल के बारे में जानिए सभी जानकारियां

Seema Antil

भारत की महिला डिस्कस थ्रोअर सीमा अंतिल जिनका इस इवेंट में सबसे शानदार प्रदर्शन 62.62 मीटर का है, जो उन्होंने यूएस के कैलीफोर्निया में साल 2016 में हुए पैट यंग्स थ्रोअर क्लासिक में बनाया था।

शुरूआती जीवन

सीमा अंतिल का जन्म हरियाणा के सोनिपत जिले में खेवड़ा गांव में हुआ था। सीमा के परिवार का खेल से पुराना नाता रहा है और इस कारण वह भी एथलेटिक में काफी रूचि रखती थी। सीमा जब 11 साल की थी, तो उस समय उन्होंने अपने स्पोर्टिंग करियर को एक लान्ग जम्पर और हर्डलर खिलाड़ी के तौर पर शुरू किया। जिसके बाद उन्होंने डिस्कस थोअर में हाथ आजमाया और इसमें बेहतर करने से उन्होंने इस पर आगे बढ़ने का फैसला लिया। कई इंटर-स्टेट मीट्स में सीमा ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। अपने सभी भाई-बहनों में सीमा सबसे छोटी थी। सीमा के 2 भाई अमितपाल हॉकी खेलता है तो वहीं अंदापन एक रेसलर हैं।

निजी जीवन

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सीमा ने साल 2004 में हुए एथेंस ओलंपिक में डिस्कस थ्रोअर इवेंट में देश के लिए खेलने वाले अंकुश पूनिया से शादी की। साल 2011 में सोनीपत में दोनों ने शादी की। अंकुश एक मेंटर के तौर पर भी सीमा की काफी मदद करते हैं, जिससे उनके प्रदर्शन में सुधार हो सके, दोनों ही इस समय उत्तर प्रदेश के मेरठ में रहते हैं। साल 2000 में जब सीमा ने वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीती थी, तो उसके बाद फैंस ने उन्हें मिलेनियम चाइल्ड के तौर पर फेमस किया था।

साल 2010 में सीमा ने हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर ज्वाइन किया क्योंकि उन्हें हरियाणा सरकार ने नौकरी का प्रस्ताव दिया था। सीमा को अपने जीवन में कई बार परेशानियों का भी सामना करना पड़ा है, क्योंकि उन्हें तैयारी के लिए लगभग 1 लाख से उपर खर्च करने पड़ते थे, जिसमें उनके जूते ही लगभग 10 हजार के आसपास आते थे। इतना कठिन स्पोर्ट्स होने की वजह से सीमा को तैयारी भी काफी करनी पड़ती थी। जब सीमा को कैश प्राइज मिलने शुरू हुए तो उन्होंने अपने उधार को चुकाने का काम करते हुए अपनी तैयारी का सारा खर्चा खुद ही करने लगी। पति अंकुश भी उनकी अब लगातार मदद करते रहते हैं।

प्रोफेशनल लाइफ

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सीमा ने कई इवेंट में हिस्सा लेते हुए काफी मेडल्स को अपने नाम पर किया है। सीमा का प्रोफेशनल करियर उस समय शुरू हुआ था, जब उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में हुई नेशनल चैंपियनशिप में 57.30 मीटर का थ्रो करके जीत हासिल की थी, यह उनके करियर की एक शानदार शुरूआत के तौर पर भी देखा जा सकता है। इसके बाद सीमा ने अपने जीवन में पीछे मुड़कर नहीं देखा और साल 2000 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में जीत हासिल करके मिलेनियम चाइल्ड के तौर पर पहचान बनायी।

इसके बाद साल 2002 में हुए जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सीमा ने कांस्य पदक जीता। सीमा के पदक जीतने का सिलसिला आगे भी जरा रहा और उन्होंने 2006 के कॉमनवेल्थ गेम्स में डिस्कस थ्रो इवेंट में सिल्वर मेडल जीता जिसके बाद उन्हें हरियाणा सरकार की तरफ से भीम अवार्ड दिया गया। जिसके बाद साल 2006 के एशियन गेम्स में सीमा उस समय सुर्खियां में आयी जब वह डोप टेस्ट में पॉजिटिव पायी जाने के बाद हिस्सा नहीं ले सकी थे, लेकिन उन्हें नेशनल फेडरेशन ने हिस्सा लेने की मंजूरी दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद सीमा ने ना खेलने का फैसला लिया।

अगले कॉमनवेल्थ गेम्स में सीमा ने हिस्सा लेते हुए डिस्कस थ्रो इवेंट में कांस्य पदक जीता। वहीं साल 2012 में हुए लंदन ओलंपिक में जो सीमा के करियर का दूसरा ओलंपिक था, उसमें उन्होंने 61.91 का थ्रो करते हुए 13 वें स्थान पर खत्म किया था। इससे पहले साल 2004 में एथेंस में हुए ओलंपिक में सीमा ने 14 वें स्थान पर खत्म किया था, लेकिन सीमा का कॉमनवेल्थ में पदक जीतने का सिलसिला जारी रहा और साल 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने सिल्वर पदक जीता।

इसी साल हुए एशियन गेम्स में सीमा ने गोल्ड मेडल भी जीता। इंचियोन में हुए एशियन गेम्स में सीमा के करियर को एक नयी राह देने का काम किया 61.03 मीटर के थ्रो ने सीमा को गोल्ड मेडल जितवा दिया। 2 एशियाड में पदक ना जीतने के बाद सीमा ने आखिरकार साल 2014 में इस सूखे को भी खत्म कर दिया। सीमा ने अपना आखिरी पदक साल 2018 में हुए एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता जिसका श्रेय उन्होंने अपने पति और कोच अंकुश पूनिया को दिया जो उन्हें लगातार ट्रेनिंग देते रहे।

निजी जानकारी

  • जन्म – 27 जुलाई 1983
  • उम्र – 36 साल (साल 2019 तक)
  • जन्म स्थान – सोनीपत, हरियाणा, भारत
  • राशी – लियो
  • राष्ट्रीयता – भारतीय
  • होमटाउन – हरियाणा
  • निकनेम – मिलेनियम चाइल्ड
  • स्कूल – पता नहीं
  • कॉलेज – गवर्नमेंट कॉलेज हरियाणा
  • प्रोफेशन – ट्रैक एंड फील्ड
  • इवेंट – डिस्कस थ्रो
  • नेटवर्थ – पता नहीं
  • क्वालिफिकेशन – ग्रेजुएट
  • रिलीजन – हिंदू
  • हॉबी – टीवी देखना और परिवार के साथ समय बिताना।

शारीरिक माप

  • लम्बाई – 5 फुट 11 इंच (182 सेंटीमीटर)
  • वजन – 92 किलोग्राम
  • आंखो का रंग – ब्लैक
  • बालों का रंग – ब्लैक

विवाद

अपने पूरे करियर में सीमा अंतिल अभी तक 2 बार विवादो का सामना कर चुकी हैं, जिसमे पहली बार साल 2000 में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय इवेंट वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के दौरान उन्हें प्रतिबंधित ड्रग लेने का दोषी पाया गया था, जिसके बाद नियमों के अनुसार उन्हें चेतावनी देने के साथ बिना किसी पदक के वापस लौटा दिया गया था।

वहीं दूसरी बार जब सीमा ने बुखार होने पर एक दवाई खाई थी, जिसमें प्रतिबंधित ड्रग भी था और उनका डोप टेस्ट पॉजिटिव पायेे जाने के बाद एकबार फिर से वह विवादों में घिरती हुई नजर आ रही थी लेकिन नेशनल फेडरेशन ने उन्हें एशियन गेम्स में हिस्सा लेने की मंजूरी दे दी थी, इसके बावजूद वह खेलने नहीं गयी।

सीमा अंतिल ने अपने बाहर रहने का कारण सभी को मानसिक तौर पर मजबूत नहीं होना बताा, जिसमें उनके पिता की खराब तबियत भी एक बड़ा कारण थी। इसके बावजूद अपने पूरे करियर को दौरान उन्हें कई बार इंजुरी का भी सामना करना पड़ा जिससे भी काफी परेशानी देखने को मिली है।

अचीवमेंट

  • साल 2002 में हुई वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
  • साल 2006 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर पदक जीता।
  • साल 2006 में हरियाणा राज्य सरकार ने सीमा को भीम अवार्ड से नवाज़ा।
  • साल 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता।
  • साल 2014 में इंचियोन में हुए एशियन गेम्स में सिल्वर पदक जीता।
  • साल 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर पदक जीता।
साल स्थान इवेंट मेडल जीता
2002 सेंटिएगो, चिली डिस्कस थ्रो कांस्य
2006 मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया डिस्कस थ्रो सिल्वर
2010 दिल्ली, भारत डिस्कस थ्रो कांस्य
2014 इंचियोन, साउथ कोरिया डिस्कस थ्रो गोल्ड
2014 ग्लासगो, स्कॉटलैंड डिस्कस थ्रो सिल्वर
2018 जकार्ता, इंडोनेशिया डिस्कस थ्रो कांस्य
2018 गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया डिस्कस थ्रो सिल्वर

करियर हाईलाइट

सीमा अंतिल के करियर पर यदि एक नजर डाली जाए तो उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में तो शानदार प्रदर्शन किया और एशियन गेम्स में भी लेकिन वह ओलंपिक में उस क्षमता के अनुरूप अपना प्रदर्शन नहीं कर सकी।

नेटवर्थ

हरियाणा राज्य सरकार ने साल 2010 में सीमा को सब इंस्पेकटर के पद पर तैनात किया था, जिसके बाद सीमा ने उसी साल फोर्स के साथ जुड़ गयी। एशियन गेम्स 2014 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद सीमा को पुरस्कार स्वरूप 50 लाख का इनाम दिया गया था। सीमा एक सरकारी कर्मचारी हैं, लेकिन उनकी नेटवर्थ को लेकर किसी भी तरह की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सोशल मीडिया प्रोफाइल

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