सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) की बायोग्राफी

सुनील छेत्री बायोग्राफी | Sunil Chhetri Biography

जानकारी
पूरा नाम सुनील छेत्री (Sunil Chhetri)
जन्मदिन अगस्त 3, 1984
गर्ल्फ़्रिन्ड (Girlfriend) सोनम भट्टाचार्य
प्लेइंग पोजीशन स्ट्राइकर, सेंटर फारवर्ड
होमटाउन सिकंदराबाद, आंध्र प्रदेश
लम्बाई 5 फुट 7 इंच (1.70 मीटर)
उम्र 35 साल (साल 2019 तक)
इंटरनेशनल गोल 65
घरेलू गोल 119
फीफा 19 रैकिंग 67
नेट वर्थ $1 मिलियन

 

भारतीय कप्तान. विश्व में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों (एक्टिव खिलाड़ियों) की सूची में दूसरे पायदान पर. भारत के उन खिलाड़ियों की सूची में शामिल जिन्होंने विदेशी क्लब के लिए खेला हो. और भी बहुत कुछ. इन सब औधों से ही पता चलता है कि यह खिलाड़ी कितना बड़ा है.

सुनील छेत्री ने भारतीय टीम के लिए जूनियर ओर सीनियर दोनो श्रेणियों में खेला है. वह मौजूदा भारतीय टीम के कप्तान भी हैं. 2008 में उनके कम्बोडिया के विरुद्ध 2 गोलों से वह रातों रात स्टार बन गए थे. पूरे विश्व ने उनकी प्रतिभा को देखा और उसकी सराहना की.

Sunil Chhetri

इतनी सफलता पाने के बाद उन्हे दूसरे देशों से फुटबॉल खेलने के लिए ऑफर आने लगे. अफवाहें यह भी थी की वो इंग्लिश प्रीमियर लीग में लिए खेल सकते हैं परंतु किसी कारणवश नहीं खेल पाए. सुनील ने 2010 में कंसास सिटी के लिए मेजर लीग सॉकर यूएसए में खेलने के लिए गये. वहां खेलने जाते ही वह तीसरे भारतीय बने जो भारत के बाहर खेले.

Sunil Chhetri biography: छेत्री ने 2002 में मोहन बागान में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की. फिर वह जेसीटी में चले गए जहां उन्होंने 48 खेलों में 21 गोल किए. उन्होंने 2010 में मेजर लीग सॉकर के कैनसस सिटी विजार्ड्स के लिए हस्ताक्षर किए, विदेश जाने के लिए उपमहाद्वीप के तीसरे खिलाड़ी बने. हालाँकि, संयुक्त राज्य अमेरिका में वह कार्यकाल लंबे समय तक नहीं चला और जल्द ही वह भारत आई-लीग में वापस आ गया, जहाँ उसने चिराग यूनाइटेड और मोहन बागान के लिए खेला. विदेश जाने से पहले इस बार उन्हें प्राइमिरा लिगा स्पोर्टिंग क्लब डी पुर्तगाल द्वारा हस्ताक्षरित किया गया, जहां उन्होंने क्लब के रिजर्व पक्ष के लिए खेला था.

उन्होंने भारत को 2007 नेहरू कप, 2009 नेहरू कप, 2012 नेहरू कप और साथ ही 2011 सैफ चैम्पियनशिप जीतने में मदद की. वह 2008 एएफसी चैलेंज कप के दौरान भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक था, जिसमें भारत ने टूर्नामेंट जीता और इस तरह 27 वर्षों में अपने पहले एएफसी एशियाई कप के लिए क्वालीफाई किया. उन्होंने तब दो गोल के साथ 2011 एएफसी एशियाई कप में अपने अल्पकालिक अभियान के दौरान भारत का नेतृत्व किया. छेत्री का नाम अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ प्लेयर ऑफ़ द ईयर 6 बार 2007, 2011, 2013, 2014, 2017 और 2018–19 में रखा गया है.

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