Ravi Shastri and Support Staff: भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड में खेले जा रहे आईसीसी वनडे विश्वकप में व्यस्त हैं, जो 14 जुलाई को खत्म होगा जिसके बाद टीम सीधे वेस्ट इंडीज़ के दौरे पर रवाना होगी जहां पर टीम को 3 टी20 और वनडे मैच की सीरीज़ खेलने के बाद 2 टेस्ट मैच की सीरीज़ भी खेलनी है।
क्रिकेट प्रशासको की समिति ने इसी बीच मुख्य कोच रवि शास्त्री और टीम के सहयोगी स्टॉफ का कार्यकाल जो विश्वकप से समाप्त हो रहा था, उसे 45 दिन के लिए और बढ़ा दिया है, जो एडहॉक बेसिस पर होगा।
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त क्रिकेट प्रशासकों की समिति के अध्यक्ष विनोद रॉय इस समय में भारतीय टीम के लिए नए मुख्य कोच की खोज़ को भी पूरा करेंगे। मीटिंग के बाद यह फैसला लिया गया कि, सहयोगी स्टॉफ का अनुबंध 45 दिनों के बढ़ाया जायेगा ताकि विश्वकप के खत्म होने के बाद हम नयी नियुक्तीयां कर सके।
टीम के सहयोगी स्टॉफ में इस समय बल्लेबाज़ी कोच संजय बांगर, गेंदबाज़ी कोच भरत अरूण और फील्डिंग कोच आर. श्रीधर शामिल हैं। इस मामले में सभी का अनुबंध सुप्रीम कोर्ट में मार्च में हुई सुनवाई के बाद लिया गया था।
बीसीसीआई के नये नियम 24 (5) के अनुसार टीम के लिए मुख्य कोच की नियुक्ति के लिए क्रिकेट सलाहाकार की समिति करती हैं, वहीं टीम के लिए सपोर्ट स्टॉफ की नियुक्ती सीईओ करते हैं। बीसीसीआई ने इसके लिए सीएसी के सदस्यों से बात की है और उनकी सर्विस के लिए उचित मानदेय भी दिया जायेगा।
Ravi Shastri and Support Staff: लेकिन सीएसी की समिति में शामिल भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण ने बीसीसीआई के नियमों के कारण इस जिम्मेदारी को लेने से मना कर दिया क्योंकि उनके उपर इससे पहले आईपीएल के दौरान हितो के टकराव की वजह से उन्होंने बीसीसीआई के लोकपाल डी.के. जैन से साफ कह दिया था, कि उन्हें नहीं पता कि उनकी आखिर क्या जिम्मेदारियां हैं।
रवि शास्त्री जिनको साल 2017 में अनिल कुंबले की जगह पर भारतीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया था उनके और सहयोगी स्टॉफ के अनुबंध उसे आगे बढाने की बात नहीं लिखी है, जिसके बाद देखना होगा कि क्या विश्वकप के बाद ये सब टीम के साथ जुड़े रहेंगे।
यह भी पढ़ें:-
- जब युवराज सिंह को उनकी गतली का एहसास सचिन तेंडुलकर ने करवाया
- मोहम्मद शहज़ाद ने खुद को टीम से बाहर किए जाने को लेकर उठाये ये सवाल
- भारत के खिलाफ पाक कप्तान सरफारज़ की इस हरकत को करने से किया गया मना


