IPL 2021 का बजट और अपेक्षित रेवेन्यु

IPL आज के समय में सबसे ज्यादा पसंदीदा लीग बना हुआ है और इस बात में कोई दो राय नही है, ब्रांड वैल्यु के मामले में भी IPL किसी भी लीग से पीछे नही है। साल 2008 में शुरु हुयी IPL आज के समय में अन्य सभी लीग से काफी आगे निकल चुका है और इस बात का प्रमाण आपको IPL लाइव स्ट्रीमिंग आर्टिकल से पता चल जायेगा। साल 2021 में IPL का 14वां सीजन खेला जायेगा और इस IPL की सबसे अच्छी बात ये है कि ये भारत में ही खेला जायेगा। 

IPL खिलाडीयों और दर्शकों के साथ-साथ आज के समय में BCCI के लिए भी काफी अहम लीग बन गया है, और शायद यही वजह है की साल 2020 में कोरोना और ICC भी IPL को होने से रोक नही पायी। BCCI बिना दर्शकों के हि IPL कराने के लिए तैयार था, अब आप इसे समय कि मांग लिजीये या फिर BCCI कि जरुरत। सुत्रों कि माने तो साल 2020 में खेले गये IPL से BCCI को करीब 4000 करोड रकम का फायदा हुआ है और ये कमाई तब है, जब IPL भारत में नही खेला गया है और नाही IPL मैच के दौरान स्टेडियम में दर्शक उपलब्ध थे। शायद यही वजह है की ICC  भी IPL  को हेने से नही रोक पायी और BCCI भी IPL को हमेशा से प्राथमिकता देते आयी है, IPL को प्राथमिकता मिलने के पीछे पीछले 14 सालो कि मेहनत और बढती ब्रांड वैल्यु है। जिससे IPL आज के समय में लोगो की पहली पसंद बन चुकी है। 

IPL आज के समय में BCCI के रेवेन्यु में सबसे बेहतर स्त्रोत है, बढते सालो के अनुसार खेल के दुनिया में IPL का रुतबा और मांग बढता रहा है और इसका साफ असर BCCI के रेवेन्यु में दिखता है तभी तो कोविड के समय में भी कई क्रिकेट बोर्ड अपनी खिलाडीयों की सैलरी कम कर रही थी लेकिन BCCI ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया और जबाव में IPL का आयोजन कर दिया। चलिये अब जानते है IPL किस तरह से BCCI को फायदा पहुंचाता है या फिर IPL किस तरह से BCCI रेवेन्यु के लिए लाभदायक है।

टाइटल स्पांसर ( IPL Title Sponsor)

किसी लीग के पीछे ये जरुरी हो जाता है की वो लीक किस नाम से जाना जायेगा, जैसे में साल 2021 Vivo IPL के तौर पर जाना जायेगा और इसे ही टाइटल स्पांसर कहते है। टाइटल स्पांसर IPL का एक बेहतरीन रेवेन्यु का स्त्रोत है। साल 2008 में जब IPL शुरु हुआ था तब इसका टाइटल स्पांसर (Title Sponsor) डीएलएफ (DLF) हुआ करता था, करीब 5 सालो (साल 2008-2012) तक डीएलएफ (DLF) ही IPL का टाइटल स्पांसर (Title Sponsor) था और इस 5 सालो के अनुबंध के लिए डीएलएफ (DLF) ने करीब 220 करोड रकम IPL को चुकाया था। आज करीब 10 साल बाद 2018 में IPL टाइटल स्पांसर के लिए VIVO ने IPL को 2,199 करोड चुकाया है और ये स्पांसरशिप अनुबंध करीब 5 सालो(2018-22) के लिए है।  

हांलाकी साल 2020 में एंटी-चिन मुवमेंट के कारण BCCI ने IPL13वें सीजन के लिए Dream 11 को टाइटल स्पांसर बनने का मौका दिया है, इस एक सीजन टाइटल स्पांसरशिप के लिए Dream 11 ने 220 करोड रकम चुकाया था।  

मिडीया अधिकार (IPL Media Rights) 

मिडीया अधिकार दो अलग-अलग जगहो पर दो अलग-अलग तरह से एक अहम रोल निभाता है, सबसे पहला की ये मिडीया अधिकार IPL  के रेवन्यु में काफी अहमीयत रखता है और दूसरा खेल का प्रसारीत करके खेल के मैदान को सीधे घर से जोडता है। जानते है रेवेन्यु में मिडीया अधिकार का योगदान है, 

IPL के शुरुआती दौर में ब्रॉडकास्ट पार्टनर सोनी था और करीब दस साल तक सोनी पिक्चर्स IPL को ब्रॉडकास्ट करता रहा है और इसके लिए सोनी पिक्चर्स नेटवर्क ने 8200 करोड रकम का भुगतान किया था। साल 2015 में हॉटस्टार ने IPL डिजीटल स्ट्रीमिंग का हक(Rights) खरीदा और लगभग 3 साल (2015-17) के लिए 303 करोड रकम चुकाया था। 

साल 2018-22 लाइव ब्रॉडकास्टींग के लिए IPL ने हक(Rights) स्टार स्पोटर्स को दिया, इस अनुबंध के लिए स्टार स्पोटर्स ने 16347.50 करोड रकम चुकाया है और इस अनुबंध के अनुसार IPL टी.वी स्ट्रीमिंग स्टार स्पोटर्स चैनल और साथ में IPL का डिजीटल स्ट्रीमिंग हॉटस्टार(Hotstar) पर होगा। 

ब्रांड स्पांसर (IPL Brand Sponsors)  

IPL में 8 टीमें खेलती है और हरेक टीम को एक ब्रांड स्पांसर करती है, ये ही स्पांसर ही टीमो को खरीदते है और टीम के जर्सी पर इन्ही के ब्रांड के लोगो आपको दिखते है। आमतौर पर एक टीम को खरीदने में कई ब्रांड सहयोग करती है और तब जाकर एक टीम को खरीदा जाता है। अब सवाल ये है की ये IPL के रेवेन्यु में मददगार कैसे है तो जवाब ये है की किसी ब्रांड को IPL टीम स्पांसर बनने के लिए एक अनुबंध करना होता है और अनुबंध के अनुसार कुछ साल तक ब्रांड टीम का स्पांसर रहता है और इसके लिए ब्रांड को एक तय रकम चुकानी होती है। जैसे में IPL के शुरुआती दौर में Aircel कंपनी चेन्नई टीम की ब्रांड स्पांसर थी और ये अनुबंध 3 साल के लिए था इसके लिए Aircel ने करीब 8.5 करोड रुपये चुकाया था। 

हांलाकी इससे IPL कांउसिल को कुछ ज्यादा फायदा तो नही होता है लेकिन IPL को भविष्य में और बडा और बेहतर   लिए ये एक अच्छा विकल्प है। 

मैच टिकट

BCCI के लिए मैच टिकट हमेशा से रेवेन्यु का प्राथमिक स्त्रोत रहा है, जब IPL नही था तब भी BCCI को इससे काफी फायदा होता था लेकिन IPL के मुकाबले अंतरराष्ट्रीय मैच में रेवेन्यु का फर्क दिखता है। जहां अंतरराष्ट्रीय मैच में एक दिन की कमाई होती है वहीं IPL में हर दिन हरेक मैच के दौरान स्टेडियम दर्शको से भरा रहता है। 

अंपायर पार्टनर

आमतौर पर ये नाम आप शायद पहली बार सुन रहे होगें लेकिन IPL के रेवेन्यु में ये अनुबंध भी काफी मददगार साबित हुआ है, साल 2018 में Paytm ने 5 सालो के लिए IPL के साथ अंपायर पार्टनरशिप का अनुबंध किया था। इस अनुबंध एक अनुसार Paytm कंपनी IPL के हरेक मैच के दौरान करीब 3.25 करोड रकम चुकायेगा, इसी वजह से आपने IPL मैच के दौरान देखा होगा कि फिल्ड अंपायर Paytm के जर्सी में दिखते है। 

प्राइज मनी

आपको सबसे पहले एक बात बता दें की प्राइज मनी किसी भी तरह से IPL के रेवेन्यु में योगदान नही देता है लेकिन साल-दर-साल बढते प्राइज मनी IPL ब्रांड वैल्यु को बढाने में अहम रोल निभा रहे है। कहते है ना की पैसो के साथ-साथ इज्जत भी कमानी जरुरी है, प्राइज मनी भी IPL के लिए कुछ ऐसा ही करता है।    

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