Michael Clarke Names Key Player for India: इंग्लैंड एंड वेल्स में खेले जा रहे आईसीसी वनडे विश्वकप में विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम काफी शानदार प्रदर्शन कर रही है। अभी तक टीम ने इस विश्वकप में 5 मैच में से 4 में जीत दर्ज की जबकि 1 मैच बारिश के कारण रद्द रहा था, जिसके बाद अब टीम को सेमीफाइनल में अपनी जगह को पक्का करने के लिए अगले 4 में से 2 मैच में जीत हासिल करना बेहद जरूरी है।
भारतीय टीम इस समय प्वाइंट्स टेबल पर नंबर 3 के पायदान पर काबिज़ है और उसे अपना अगला मैच 27 जून को वेस्टइंडीज़ के खिलाफ मैनचेस्टर में खेलना है, इसके बाद टीम का अगला मुकाबला 30 जून को मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ होगा और आखिरी 2 मैच बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ होंगे जिस कारण टीम का सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
टीम के इस शानदार प्रदर्शन का सबसे अधिक श्रेय तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को जाता है, जिन्होंने भले ही इस विश्वकप में अभी तक 7 विकेट ही हासिल किए हो लेकिन बुमराह का इकॉनमी रेट सिर्फ 4.92 का रहा है, जिससे ये अंदाज़ा लगाया जा सकता है, कि इस गेंदबाज़ के खिलाफ बल्लेबाज़ आक्रामक होकर नहीं खेल पा रहे हैं।
अफगानिस्तान के खिलाफ पिछले मैच में बुमराह को उनकी शानदार गेंदबाज़ी के लिए प्लेयर ऑफ दी मैच का खिताब दिया था। इस मैच में बुमराह ने अपने 10 ओवरो 39 रन देकर 2 महत्तवपूर्ण विकेट हासिल किए थे और 49 वें ओवर में बुमराह ने सिर्फ 5 रन देकर मैच को पूरी तरह से भारत की तरफ मोड़ दिया था।
ऑस्ट्रेलिया टीम के पूर्व कप्तान और पिछले विश्वकप में अपनी कप्तानी में टीम को चैम्पियन बनाने वाले माइकल क्लार्क को बुमराह के इस तरह का प्रदर्शन देखने के बाद बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं हुआ और उन्होंने भारत को यदि कोई खिलाड़ी विश्वकप जिता सकता है, तो वह जसप्रीत बुमराह को चुना है।
बुमराह की यॉर्कर सबसे शानदार | Michael Clarke names Key Player for India
माइकल क्लार्क ने बुमराह को लेकर बयान देते हुए कहा कि, मुझे लगता है, कि एक तेज़ गेंदबाज़ के पास जो कुछ होना चाहिए वह सब बुमराह के पास है वह फिट और मजबूत है और मैं चाहता हूं कि वह पूरे विश्वकप के दौरान ऐसे ही रहे क्योंकि वह भारत को विश्वकप जिताने में अहम भूमिका अदा कर सकते हैं।
क्लार्क ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, बुमराह नयी गेंद से जहां स्विंग कराते हैं, तो वहीं मिडिल ओवरो में उनके पास अतिरिक्त गति है, जो बल्लेबाज़ो को तकलीफ में डालती है। वह लगातार 150 की गति से गेंदबाज़ी करते हैं और आखिरी के ओवरो में उनकी यार्कर गेंद किसी भी और गेंदबाज़ से कहीं अधिक शानदार है और यदि वह इसके साथ रिवर्स भी कराना शुरू कर दें तो और भी अधिक खतरनाक गेंदबाज़ बन जायेंगे।
एक कप्तान होने के नाते मैं ऐसे खिलाड़ी को अपनी टीम में जरूर चाहूंगा क्योंकि जब भी मुझे विकेटो की तलाश हो तो मैं उसे गेंद सौंप सकूं। बुमराह गेंदबाज़ी की शुरूआत करने के साथ 35 ओवर में भी गेंदबाज़ी करने आते और उसके बाद आखिरी के 4 ओवरो में जिससे उनका रोल काफी अहम हो जाता है।
यह भी पढ़ें:
- CWC 2019 : भारत के खिलाफ मिली हार के बाद सुसाइड करना चाहतेे थे, पाकिस्तानी कोच मिकी आर्थर
- CWC 2019 : वेस्टइंडीज़ को लगा बड़ा झटका आंद्रे रसल हुए विश्वकप से बाहर
- हमने रबाडा को आईपीएल के इस सीज़न में ना खेलने की सलाह दी थी – फॉफ डू प्लेसी


