विश्वकप से पहले ये 5 खिलाड़ी थे टीम के लिए विलेन लेकिन विश्वकप में बन गए हीरो

List of Players Who Found Lost Form in World Cup 2019

क्रिकेट के खेल में हर खिलाड़ी के अंदर एक ऐसी बात होती है, जो उसे अच्छा खेलने के लिए प्रेरित करती है और जब उनका फार्म शानदार होता है, तो वह किसी भी टीम के खिलाफ खेलते हुए अच्छा दिखते हैं। कोई भी खिलाड़ी घरेलू टूर्नामेंट में अच्छा करने के बाद ही अंतरराष्ट्रीय टीम में अपनी जगह को पक्का कर पाता है। हमने कई ऐसे खिलाड़ियों को भी देखा है जिनसे टीम को उम्मीद तो काफी थी लेकिन वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके जिस कारण उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

इंग्लैंड में इस समय खेले जा रहे विश्वकप के शुरू होने से प्रमुख टीमों के कुछ खिलाड़ी फार्म में नहीं थे, जिस कारण टीम मैनेजमैंट भी काफी संशय की स्थिती में था, कि उन्हें शामिल करना ठीक रहेगा या नहीं लेकिन उन खिलाड़ियों के टीम में रहने से टीम का मनोबल और संतुलन काफी शानदार हो जाता है और आज हम कुछ ऐसे ही 5 खिलाड़ियों के बारे में आपको बताने जा रहे है, जिनका विश्वकप शुरू होने से पहले फार्म उतना अच्छा नहीं था, लेकिन वह विश्वकप में टीम के लिए सबसे मजबूत स्तंभ साबित हुए।

खिलाड़ी जिन्होंने इस विश्वकप में की अपने फार्म में वापसी | Players Who Found Lost Form in World Cup

#1 ऐरन फिंच

Players Who Found Lost Form in World Cup

21 नवंबर 2018 तक ऑस्ट्रेलियन टीम ने 5 टी20 और 8 वनडे मैच खेले थे, विश्वकप के शुरू होने से पहले और ऐरन फिंच के बल्ले से सिर्फ 246 रन ही बने थे और फिंच के लिए कप्तानी के साथ बल्ले से प्रदर्शन करने का दबाव साफ तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन विश्वकप से पहले पाकिस्तान के खिलाफ हुई विश्वकप से पहले वनडे सीरीज़ से पहले तक के ये आसार थे।

फिंच ने पाकिस्तान के खिलाफ हुई वनडे सीरीज़ में बल्ले से वापसी करते हुए 2 शतक और 2 अर्धशतकीय पारियां खेली जिसके बाद फिंच ने विश्वकप में भी अपने इसी फार्म को जारी रखते हुए अभी तक 500 से अधिक रन बना चुके हैं, जिस कारण वह टीम के लिए कप्तान के रूप में सबसे मजबूती के साथ उभरे हैं।

#2 रोहित शर्मा

Players Who Found Lost Form in World Cup

विश्वकप के शुरू होने से पहले भारतीय टीम के हिटमैन रोहित शर्मा के फार्म को देखा जाए तो वह उस तरह का नहीं था, जैसा उनसे उम्मीद की जाती है, क्योंकि विश्वकप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई 5 मैचो की वनडे सीरीज़ के दौरान रोहित ने एक भी शतकीय पारी नहीं खेली थी और उसके बाद आईपीएल के 12 वें सीज़न में भी वह कोई बड़ी पारी नहीं खेल सके थे।

लेकिन इसके बाद रोहित जैसे ही विश्वकप में अपना पहला मैच खेलने उतरे तो एकबार फिर से सभी को हिटमैन के दर्शन हो गए और उन्होंने एक इस विश्वकप में अब तक 4 शतकीय पारियां खेलकर सबसे अधिक रन बनाने की लिस्ट में पहले पायदान पर हैं। रोहित अब तक विश्वकप में 90 के औसत से 500 से अधिक रन बना चुके हैं।

#3 लॉकी फर्ग्युसन

lockie ferguson

न्यूज़ीलैंड के लॉकी फर्ग्युसन एक शानदार गेंदबाज़ हैं और वह काफी तेज़ी के साथ अपनी गेंदो को पिच करते हैं, जिससे बल्लेबाज़ो को खेलने में तकलीफ में देखा जा सकता है, लेकिन फर्ग्युसन का फार्म विश्वकप से पहले उतना अच्छा नहीं था और भारत के खिलाफ इस साल के शुरू में हुई वनडे सीरीज़ के दौरान फर्ग्युसन ने सिर्फ 6 विकेट ही हासिल किए थे और बांग्लादेश के खिलाफ अगली सीरीज़ में 5 विकेट।

आईपीएल के इस सीज़न नें केकेआर के लिए खेलते हुए भी फर्ग्युसन अपनी गेंदबाज़ी से अधिक प्रभावित नहीं कर सके थे, जिस कारण विश्वकप में उनके प्रदर्शन के लेकर टीम काफी चिंतित थी लेकिन फर्ग्युसन ने सभी को जवाब देते हुए टीम के लिए मैच विनिंग गेंदबाज़ बनकर निकले और अब तक विश्वकप में 17 विकेट अपने नाम पर चुके हैं।

#4 बेन स्टोक्स

Players Who Found Lost Form in World Cup

बेन स्टोक्से ने इस साल वेस्टइंडीज़ के दौरे पर हुई सीरीज़ के दौरान अच्छा खेल दिखाया था, लेकिन आईपीएल के 12 वें सीज़न में वह बल्ले और गेंद से उस तरह का प्रदर्शन नहीं कर सके जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी और आईपीएल के बीच में ही जब स्टोक्स इंग्लैंड वापस गए पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज़ के लिए वापसी गए तो वहां पर भी वह अपने फार्म को वापस नहीं पा सके थे।

इसके बाद जब विश्वकप शुरू हुआ तो इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स का अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी था, जिसके बाद स्टोक्स ने इस बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए अब तक टीम के लिए विश्वकप में 381 रन बना चुके हैं और गेंद से भी 7 विकेट हासिल कर चुके हैं।

#5 मोहम्मद आमिरmohammad amir

जिस समय पाकिस्तान टीम का चयन विश्वकप के लिए हुआ था तो उसमें जुनैद खान और मोहम्मद आमिर को खराब फार्म की वजह से शामिल नहीं किया गया था। 2017 में हुई चैम्पियंस ट्राफी के बाद से आमिर ने 14 मैच खेले जिसमें वह 92.6 के औसत से सिर्फ 5 विकेट ही हासिल कर सके थे।

आमिर को बाद में विश्वकप के लिए टीम अंतिम समय पर शामिल कर लिया गया जो एक काफी बड़ा फैसला था, लेकिन आमिर ने सभी आलोचको जवाब देते हुए 8 मैचो में 20.31 के औसत से 16 विकेट हासिल करके इस बात को साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं, जो दबाव के समय और अधिक शानदार प्रदर्शन करते हैं और वह टीम के मैन विनिंग गेंदबाज़ बनकर इस विश्वकप में निकले।

आपको ये भी रोचक लगेगा:

Leave a Reply