CWC 2019: सचिन तेंदुलकर के विश्वकप में 16 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब ये 5 खिलाड़ी

इंग्लैंड में खेले जा रहे वनडे विश्वकप में इस बार सभी टीमों के उपरी क्रम के बल्लेबाज़ो ने काफी शानदार प्रदर्सन किया है, जिसमें सबसे आगे भारतीय टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा हैं। विश्वकप के इतिहास में एक एडिशन में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भारत के लिटिल मास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम पर हैं, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका में खेले गए 2003 के विश्वकप के 11 मैचो में 673 रन बना दिए थे।

सचिन ने उस विश्वकप में जिस तरह से अकेले बल्लेबाज़ की थी, उनके आसपास भी कोई नहीं भटक सका था और उनका इंग्लैंड के खिलाफ मैच में एंड्रयू कैडिक की गेंद पर पुल शॉट और पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख्तर की गेंद पर स्कैवयर कट खेलते हुए डीप प्वाइंट पर लगाया छक्का आज भी सभी को याद रहेगा।

2007 के विश्वकप में ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने जरूर सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन वह पूरे टूर्नामेंट 659 रन ही बना सके थे। इस विश्वकप में भी कुछ खिलाड़ी हैं, जो सचिन के इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं।

सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब ये खिलाड़ी | Sachin Tendulkar Record Under Threat

#1 रोहित शर्मा

rohit sharma

रोहित शर्मा का इस विश्वकप में जिस तरीके से बल्ला चला है, उससे भारतीय फैंस के साथ टीम मैनेजमैंट भी काफी खुश हैं। रोहित ने 8 लीग मैचो में 4 शतक लगा दिए और विश्वकप के एक एडिशन में चार शतक लगाने वाले कुमार संगकारा के बाद दूसरे बल्लेबाज़ बन गए हैं और भारत के सौरव गांगुली के 3 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए पहले भारतीय बन गए हैं।

मुम्बई के इस बल्लेबाज़ ने अब तक 544 रन बना चुके हैं और उनके फार्म को देखते हुए सचिन के 673 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने का सबसे नायाब मौका है, क्योंकि यदि भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंचती है, तो रोहित के पास कम से कम 3 मैच होंगे।

#2 शाकिब अल हसन

शाकिब अल हसन ने इस विश्वकप में बांग्लादेश के लिए वह काम किया जो 2011 के विश्वकप में भारतीय टीम के लिए युवराज़ सिंह ने किया था। 32 साल के शाकिब ने इस विश्वकप में अपनी टीम के लिए नंबर 3 की महत्तवपूर्ण पोजीशन पर बल्लेबाज़ी करते हुए 542 रन बना चुके हैं और वह विश्वकप के इतिहास में पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने 500 से अधिक रन बनाने के साथ 10 से अधिक विकेट भी हासिल किए हों।

इससे पहले यह रिकॉर्ड न्यूज़ीलैंड के स्कॉट स्टाइरिस के नाम पर था जिन्होंने 2007 के विश्वकप में 9 विकेट लेने के साथ 499 रन भी बनाये थे। शाकिब ने इस विश्वकप में वेस्टइंडीज़ और मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ शतकीय पारियां खेली थी।

जहां बांग्लादेश की टीम इस विश्वकप में सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी है, तो शाकिब के पास पाकिस्तान के खिलाफ मैच में ही मौका होगा कि वह 131 रनों की पारी खेलकर सचिन के इस रिकॉर्ड को तोड़ सके।

#3 डेविड वार्नर

David warner

जबसे ऑस्ट्रेलियन टीम में डेविड वार्नर की वापसी हुई है, तो टीम का उपरी क्रम काफी मजबूत दिखाई दे रहा है और वार्नर ने भी अपने अंदाज़ को बदलते हुए जिस तरह से बल्लेबाज़ी की है उससे साफ तौर पर पता चलता है, कि वह लम्बी पारी खेलना चाहते हैं।

वार्नर ने अभी तक इस विश्वकप में 516 रन बना चुके हैं और इस विश्वकप में 2 बार 150 रनों की अधिक पारियां खेलने वाले विश्वकप के इतिहास में पहले बल्लेबाज़ भी बन गए हैं। ऑस्ट्रेलियन टीम इस विश्वकप में सेमीफाइनल में अपनी जगह को पक्का करने वाली पहली टीम बनी थी, जिस कारण वार्नर के पास भी सचिन के रिकॉर्ड को तोड़कर विश्वकप में इतिहास रचने का काफी शानदार मौका होगा।

#4 ऐरन फिंच

ऑस्ट्रेलिया के लिए इस विश्वकप में कप्तान ऐरन फिंच के बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। 32 साल के फिंच के उपर विश्वकप से पहले बल्ले से प्रदर्शन करने का काफी दबाव था, जिसके बाद उन्होंने अपने आलोचको को लगभग जवाब दे दिया है।

फिंच ने अभी तक इस विश्वकप में 504 रन बना चुके हैं, जिसमें उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 153 रनों की पारी खेलने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए पहले ऐसे कप्तान बने जिन्होंने विश्वकप में 150 रनों से अधिक पारी खेली इससे पहले यह रिकॉर्ड रिकी पोटिंग के नाम पर था। पोटिंग ने भारत के खिलाफ 2003 विश्वकप के फाइनल मैच में 140 रनों की नाबाद पारी खेली थी।

#5 जो रूट

joe root

जो रूट जिनके उपर इंग्लैंड की टीम काफी निर्भर करती है, क्योंकि ओपनिंग में जॉनी बेयरस्टो और जेशन रॉय की जोड़ी तेज़ी के साथ रन बनाने का काम करती है और उसके बाद रूट पारी को संभालते हुए एक छोर से टीम को बड़े स्कोर पर लेकर जाने का काम करते हैं।

28 साल के जो रूट ने इस विश्वकप में 2 शतक लगाए हैं और विश्वकप में इंग्लैंड के लिए एक एडिशन में 2 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गए हैं।

अभी तक रूट ने इस विश्वकप में 500 रन बना चुके हैं और टीम सेमीफाइनल में भी अपनी जगह को पक्का कर चुकी है, जिसके बाद जिस तरह की पिच आने वाले मैचो में होने वाली है उसे देखते हुए रूट का बल्ला इंग्लैंड के नज़रिए से चलना बेहद जरूरी है।

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