भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने विश्वकप के भारतीय टीम के सेमीफाइनल से बाहर होने के बाद अब टीम स्टॉफ और मुख्य कोच को बदलने की योजना बना रही है। भारतीय टीम को अब अपनी अगली सीरीज़ वेस्टइंडीज़ के दौरे पर खेलनी हैं, जिसके लिए अभी फिलहाल रवि शास्त्री मुख्य कोच की भूमिका में रहेंगे इसके अलावा संजय बांगर सहायक कोच और भरत अरूण गेंदबाज़ी कोच की भूमिका में रहने वाले हैं।
पूरे सपोर्ट स्टॉफ का कार्यकाल विश्वकप से खत्म हो रहा था, लेकिन बीसीसीआई ने 45 दिनों के लिए इसे बढ़ाने का फैसला लिया जिससे नये स्टॉफ को चुनने का समय मिल सके। रवि शास्त्री और उनके सहयोगी स्टॉफ को फिर से जुड़ने के लिए आवेदन करना होगा। भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड के अलावा एशिया कप में शास्त्री के कार्यकाल में जीत हासिल की हैं, इसके अलावा पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टीम ने टेस्ट सीरीज़ में भी जीत हासिल की है।
मुख्य कोच के पद को लेकर ऐसी भी खबरे आ रहीं हैं, कि पूर्व भारतीय खिलाड़ी सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाद और वीवीएस लक्ष्मण सपोर्ट स्टॉफ के रूप में टीम के साथ जुड सकते हैं, क्योंकि भारतीय टीम ने 2013 में हुई आईसीसी चैम्पियंस ट्राफी के बाद से किसी भी आईसीसी खिताब को नहीं जीता है।
इस कारण गांगुली और सहवाग नहीं बन सकते कोच | Why Ganguly And Sehwag Can’t Become India’s Coach
सौरव गांगुली औऱ वीरेंद्र सहवाग भारतीय टीम के कोच पद के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं, क्योंकि बीसीसीआई के आवेदन को देखा जाए तो उसमें कुछ ऐसे मापदंड रखे गए हैं कोच पद के आवेदन के लिए जो यह दोनों पूरे नहीं कर सकते।
यहां पर देखिए उन मापदंड को:
मुख्य कोच का आवेदन करने वाले व्यक्ति टेस्ट खेलने वाले फुल मेम्बर टीम का सदस्य कम से कम 2 साल के लिए रहा हो।
मुख्य कोच के आवेदन के लिए कम से कम किसी एसोसियेट टीम या आईपीएल या ऐसी ही बराबर की कोई लीग या प्रथम श्रेणी टीम या फिर किसी राष्ट्रीय ए टीम के कोच के रूप में 3 साल का कार्यकाल पूरा किया हो।
कम से कम 30 टेस्ट मैच और 50 वनडे मैच खेले हों।
बीसीसीआई लेवल 3 सर्टिफिकेशन या इसके बराबर की मान्यता प्राप्त हो।
60 साल से उम्र कम हो।
सहवाग और गांगुली की उम्र जहां 60 साल से कम हैं, तो दोनों ने ही 30 टेस्ट और 50 वनडे से अधिक ही अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं लेकिन दोनों के पास अभी तक कोचिंग करने का किसी भी तरह का अनुभव नहीं है। गांगुली जहां आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की टीम के लिए मेंटर की भूमिका अदा कर रहें हैं, तो वहीं सहवाग पहले किंग्स इलेवन के लिए इसी भूमिका को अदा किया था।
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