BCCI turns down Afghanistan’s request to host APL in India: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच में हमेशा रिश्ते काफी बेहतर रहे हैं। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को आगे बढ़ाने में बीसीसीआई ने काफी सहयोग दिया है और अफगान टीम अपनी घरेलू सीरीज़ के टूर्नामेंट भारत में ही देहरादून के मैदान में खेलती है और पिछले साल ही अफगान टीम ने टेस्ट टीम का दर्जा मिलने के बाद अपना पहला टेस्ट भारत के ही खिलाफ बैंगलूरू में ही खेला था।
लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड से अच्छे रिश्ते होने के बावजूद अफगान बोर्ड की उनकी घरेलू टी20 लीग को भारत में कराने की मांग को खारिज़ कर दिया है, यह पहला ऐसा मौका देखने को मिला है, जब बीसीसीआई ने एसीबी को मना किया है।
अफगानिस्तान प्रीमियर लीग का पहला सीज़न पिछले साल शारजाह में खेला गया था, जिसमें इस टी 20 लीग में कुल 23 मैच 5 टीमों के बीच में खेले गए थे। राउंड रॉबीन फार्मेट में खेले गए इस टूर्नामेंट में सभी टीमों को एक-दूसरे के खिलाफ 2 मैच खेलने थे, जिसके बाद टॉप 4 ने सेमीफाइनल में जगह बनायी थी और अंत में मोहम्मद नबी की कप्तानी वाली बलाख लीजेंड्स ने राशिद खान की काबुल जवान को 4 विकेट से फाइनल में हराकर खिताब पर कब्जा किया था।
बीसीसीआई की नज़र में सही नहीं – BCCI turns down Afghanistan’s request to host APL in India
आखिर बीसीसीआई ने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड से इतने अच्छे रिश्ते होने के बावजूद उनकी इस मांग को क्यों ठुकरा दिया जिसके पीछे बीसीसीआई के एक ऑफीशियल ने कहा कि, एसीबी ने हमसे अपनी टी20 लीग को भारत में कराने की इज़ाजत मांगी थी, लेकिन यह हमें ठीक नहीं लगी क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पास पहले से ही अपनी टी20 लीग हैं।
वहीं एसीबी ने टी20 लीग के अलावा बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी और क्रिकेट ऑपरेशन के जनरल मैनेजर सबा करीम से पिछले महिने 16 मई को हुई मीटिंग में एसीबी सीईओ असद्दुल्ला खान ने भारत में अपनी टीम के लिए तीसरे घरेलू मैदान के कहा था, क्योंकि बीसीसीआई ने पहले से ही अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को ग्रेटर नोएडा और देहरादून का मैदान दे रखा हैं।
खान ने तीसरे मैदान को मांगने के पीछे जो तर्क दिया उसमें उन्होंने कहा कि, देहरादून में को फाइव स्टार होटल ना होने की वजह टीमों को वहां रूकने में तकलीफ होती हैं, जिस कारण हम लखनऊ में अपने मैच कराने के लिए खुश हैं।
अफगान बोर्ड की इस मांग को बीसीसीआई ने मान लिया साथ ही उनके 10 कोचों को रणज़ी में सपोर्ट स्टॉफ के साथ करने की मांग को भी मंजूरी दे दी जिसको लेकर खान ने कहा कि, यह हमारे कोचों के लिए सीखने का एक शानदार अनुभव होगा।
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