MS Dhoni Gloves Controversy: भारतीय टीम ने अपने विश्वकप अभियान आगाज़ काफी शानदार तरीके से करते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5 जून को खेले गए पहले मैच में 6 विकेट से जीत हासिल की। इस मैच में भारतीय टीम की जीत को लेकर जीतनी चर्चा नहीं हो रही है, उससे अधिक चर्चा का विषय विकेटकीपर बल्लेबाज़ महेंद्र सिंह धोनी के विकेटकीपिंग गलव्स को लेकर हो रही जिसमें इंडियन पैरा स्पेशल फोर्स का बैज बना हुआ है, जिसके बाद अब आईसीसी ने बीसीसीआई से इस चिन्ह को हटाने की गुजारिश की है।
धोनी के गलव्स में बलिदान बैज़ का चिन्ह बना हुआ है, जब 40 वें ओवर में धोनी ने एंडिले फेलुक्वायो को स्टंप ऑउट करके पवेलियन की राह दिखाई तो उस समय सभी की नज़रे उनके गलव्स पर गयी और इसके बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर धोनी की तारीफ में फैंस ट्विट करने लगे। 2011 में धोनी को पैराशूट रेजीमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधी दी गयी थी।
MS Dhoni Gloves Controversy – आईसीसी जनरल मैनेजर ने दिया बयान
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के जनरल मैनेजर क्लेयर फर्लोंग ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से यह आग्रह किया है कि वह धोनी के गलव्स में बने निशान को हटा दे जिसमें उन्होंने अपनी मीडिया से कहा कि, हमने बीसीसीआई से ये रिक्वेस्ट कि है, कि वह इसे हटा दे।
यह काफी लोगो की नज़रो में एक गलत फैसला होगा लेकिन यदि आईसीसी के नियमों की तरफ देखा जाए तो, आईसीसी अपने किसी भी सामान और कपड़ो को लेकर यह मंजूरी नहीं देता है, कि उसके जरिए किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय संदेश देने की कोशिश अंतरराष्ट्रीय मैचो के दौरान की जाए।
वहीं धोनी के बारे में बात की जाए तो उनके लिए विश्वकप का पहला मैच काफी शानदार बीता है और विकेट के पीछे अपना जलवा दिखाने के साथ धोनी ने बल्ले से भी 34 रनों की महत्तवपूर्ण पारी खेलकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया था।
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