Simon Taufel on Six Runs on Overthrow: आईसीसी वनडे विश्वकप 2019 खत्म हो चुका है और लगातार तीसरी बार इस कप को जीतने वाली मेजबान टीम बनी है। 2011 में जहां भारतीय टीम ने विश्वकप की जीता था और वह मेजबानी में जीतने वाली पहली टीम बनी थी, वहीं 2015 का विश्वकप मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने अपने नाम पर किया था, जिसके बाद इस विश्वकप को लेकर सभी को उम्मीद थी, कि इंग्लैंड अपने नाम पर कर सकती है और ऐसा हुआ भी लेकिन जिस तरह से उन्हें फाइनल में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा उसने सभी फैंस की धड़कनों को काफी बढ़ा दिया था।
इस विश्वकप में एक बात को लेकर फैंस में काफी नाराज़गी देखी गयी जो खराब अम्पायरिंग फैसले थे, जो फाइनल मैच में भी देखने को मिला और एक फैसला सबसे अधिक कीवी टीम को हमेशा चुभने वाला है, जिसमें बेन स्टोक्स के बल्ले से थ्रो लगने के बाद गेंद जहां बाउंड्री के लिए गयी और अम्पायर ने उस गेंद पर 6 रन देने का फैसला लिया।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय अम्पायर और क्रिकेट नियम की कमेटी के सदस्य साइमन टॉफेल ने इस बात को माना है, कि अम्पारिंग इस विश्वकप में काफी निचले स्तर की देखने को मिली है। फाइनल मैच में जब इंग्लैंड लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तो उसे आखिरी 3 गेंदो पर जीत के लिए 9 रन चाहिए थे, और स्टोक्स ने गेंद को डीप मिड विकेट की तरफ मारकर 2 रन लेने के लिए दौडे जिसके बाद मार्टिन गप्टिल ने गेंद को स्ट्राइक एंड की तरफ थ्रो किया लेकिन गेंद स्टोक्स के बल्ले से लगकर बाउंड्री के लिए चली गयी।
लेकिन जिस समय स्टोक्स दूसरा रन लेने के लिए दौड़े थे तो उस उन्होंने क्रीज़ पर पहुंचने के लिए डाइव किया और उस समय गेंद उनके बल्ले से लगकर बाउंड्री के लिए गयी थी और मैदानी अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इंग्लैंड को 6 रन दे दिए लेकिन नियमों के अनुसार बिलकुल ही गलत फैसला था।
नियम 19.8 के अनुसाल यदि कोई फील्डर थ्रो करता है और उस समय गेंद किसी भी तरीके से बाउंड्री की तरफ चली जाती है तो बल्लेबाज़ी करने वाली टीम ने जितने रन उस गेंद पर पूरे किए हों उसमें बाउंड्री जोड़कर दिए जाते हैं और थ्रो करने से पहले यदि दोनों ही बल्लेबाज़ो ने एक-दूसरे को क्रास कर लिया हो जिसके बाद जहां अम्पायर को 5 रन देने चाहिए थे तो वहीं स्टोक्स को स्ट्राइक एंड पर भी नहीं होना चाहिए था।
यह सीधी गतली है | Simon Taufel on Six Runs on Overthrow
बेन स्टोक्स और आदिल रशीद उस गेंद पर जिस समय दूसरा रन लेने के लिए दौड़े तो मार्टिन गप्टिल थ्रो कर चुके थे जिस कारण दूसरे रन को गिना ही नहीं जाना चाहिए था, लेकिन चीज़े उस समय और गलत हो गयी जब स्टोक्स के पास ही स्ट्राइक रही जबकि राशिद खान को उस गेंद को खेलना चाहिए था।
साइमन टॉफेल ने इस विवाद को लेकर फॉक्स स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा कि, यह एक सीधी गलती है और समझना चाहिए। उन्हें इंग्लैंड को 5 रन देने चाहिए थे, ना कि 6 रन लेकिन उस दौरान वह मैच के रोमांच में बह गए और उन्हें लगा कि बल्लेबाज़ थ्रो करने से पहले क्रास कर चुके थे, जिसमे टीवी रिप्ले देखने में सारी बातें साफ हो सकी।
पूरे विश्वकप के दौरान अम्पायरिंग को लेकर काफी सारे सवाल खड़े किए गए हैं और आईसीसी को इस विषय की तरफ काफी ध्यान देने की जरूरत हैं क्योंकि उनके टॉप 2 अम्पायर कुमार धर्मसेना और मरे इरासमस ने विश्वकप में फाइनल में एक ऐसी गलती की जिससे पूरे परिणाम को बदला हुआ देखा जा सकता है।
यहां पर देखिए उस आखिरी ओवर का वीडियो:
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