अब श्रीलंका टीम ने भी आईसीसी को इस मामले में कटघरे में किया खड़ा

Sri Lanka sense injustice in World Cup 2019: 1996 का विश्वकप जीतने वाली श्रीलंका की टीम के लिए इंग्लैंड एंड वेल्स में खेले जा रहे इस बार आईसीसी वनडे विश्वकप में श्रीलंका टीम के 2 मैच बारिश के कारण रद्द हो गए जिसमें पहले पाकिस्तान और उसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ टीम को 1-1 अंको के साथ ही संतोष करना पड़ा।

वहीं अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में भी टीम ने डकवर्थ लुईस नियम के अनुसार जीत दर्ज की जबकि न्यूज़ीलैंड के उन्हें हार का सामना करना पड़ा लेकिन अब श्रीलंका टीम ने आईसीसी के उपर काफी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

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लंका टीम को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में 10 विकेट से कार्डिफ के मैदान में हार का सामना करना पड़ा था और अब टीम को अपने 5 वें मैच में ओवल के मैदान में गत विजेता ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच खेलने उतरना है, लेकिन उससे पहले टीम के मैनेजर असान्था डी मेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को एक लेटर लिखते हुए उनकी टीम को मिल रही ग्रीन टॉप विकेट को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

असान्था ने अपने लेटर में लिखा कि, अभी तक हमने जिन 4 में से सिर्फ 2 मैचो में खेलने का मौका मिला हैं, जिसमें कार्डिफ और ब्रिस्टल की पिच जो थी वह ग्रीन टॉप थी और वहीं दूसरे देश जिन पिचों पर खेल रहे हैं, वह काफी ब्राउन हैं, जिस कारण अधिक स्कोर बनते दिख रहे है, यह विश्वकप है जहां पर 10 देश हिस्सा ले रहे हैं और हमें लगता है, कि आईसीसी को सभी के साथ एक तरह का व्यवहार करना चाहिए।

अच्छी व्यवस्था भी नहीं मिल रही – Sri Lanka sense injustice in World Cup 2019

पूर्व श्रीलंका टीम के खिलाड़ी डी मेल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले ओवल के मैदान में मैच को लेकर जो पिच तैयार की गयी है, वह भी भेदभाव वाली है, क्योंकि यह एक टीम के पक्ष में अधिक दिख रही हैं।

साथ ही श्रीलंका टीम को प्रेक्टिस के लिए कम नेट्स दिये जा रहे हैं, जबकि दूसरी टीमों के साथ ऐसा नहीं हो रहा है।

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इसके बाद डी मेल ने आगे कहा कि ब्रिस्टल में हमें जिन होटल में ठहराया गया था, वहां पर स्वीमिंग पूल की व्यवस्था नहीं थी, जो किसी भी टीम के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि तेज़ गेंदबाज़ अभ्यास के बाद अपनी मांसपेशियो को आराम देने के लिए ऐसा करते हैं। वहीं पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमों को ये सारी चीज़े मुहैया थी।

श्रीलंका टीम के कप्तान दिमुथ करूणारत्ने ने अभी तक इन सारी चीज़ो को लेकर बयान नहीं दिया है और ना ही किसी भी तरह की नाराज़गी अपनी तरफ से आईसीसी को लेकर जताई है।

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