2 दिग्गज ओपनर्स जिन्होंने वनडे करियर से सन्यांस लेने में लंबा समय लगा दिया

अंतरराष्ट्रीय Cricket में कई महान खिलाड़ियों ने दुनियाभर में अपना नाम कमाया है. सभी खिलाड़ी एक समय के बाद अपने सन्यास की घोषणा कर देते हैं लेकिन कभीकभी खिलाड़ियों को सन्यास लेने का समय नहीं मिल पाता है.

अंतरराष्ट्रीय Cricket के इतिहास में कई महान खिलाड़ी इस समस्या का शिकार हुए हैं और सही समय पर सन्यास नहीं ले पाए. उन महान खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया. पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पिछले कुछ समय से अपने सन्यास को लेकर काफी चर्चित रहे हैं.

दुनियाभर के दिग्गज खिलाड़ी उनके सन्यास का अनुमान लगा रहे हैं. भारत में कई लोग मान रहे हैं कि उन्होंने सन्यास लेने में बहुत समय लगा दिया है.

इसलिए हम 2 दिग्गज ओपनर्स के बारे में जानेंगे जिन्होंने अपने ODI करियर से सन्यास लेने में लंबा समय लगाया.

सचिन तेंदुलकर

sachin tendulkar

वर्तमान समय में सचिन तेंदुलकर को ‘Cricket का भगवान’ माना जाता हैवह दुनियाभर में प्रसिद्ध है. उनके नाम वनडे Cricket फॉर्मेट में कई रिकार्ड्स दर्ज है. मास्टर ब्लास्टर ने वनडे में सबसे अधिक 18426 रन, 49 शतक और 96 अर्धशतक बनाए हैं

सचिन तेंदुलकर ने अपने वर्ल्ड कप जीतने के सपने को 2011 में मुंबई के ग्राउंड पर पूरा किया. उनका यह छटा और आखरी वर्ल्ड कप था. इस बेहतरीन जीत के बाद मास्टर ब्लास्टर को सन्यास की घोषणा करनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने एक साल बाद वनडे Cricket से सन्यास लिया.

उन्होंने 18 मार्च 2012 को पाकिस्तान के खिलाफ अपना अंतिम ODI मैच खेला. उन्हें चयनकर्ताओं ने सूचित कर दिया था की अगर वह रिटायर नहीं हुए तो उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाएगा. खैर, उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला से पहले ही अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी.

वीरेंद्र सहवाग

Virender-Sehwag

वीरेंद्र सहवाग एक विस्फोटक ओपनर माने जाते थे. उन्होंने अपने एकदिवसीय करियर में 104.3 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए. वनडे इंटरनेशनल में दोहरा शतक लगाने वालों की सूची में उनका नाम भी शामिल हैं.

सहवाग अपने करियर के अंत में अपनी फॉर्म से जूझ रहे थे. उन्होंने अंतिम 10 वनडे मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगाया था. उन्होंने अपना अंतिम वनडे मैच 3 जनवरी 2013 को खेला था और फिर वह टीम से ड्रॉप कर दिया गया. दो सालों बाद 2015 में सहवाग ने अपने सन्यास की घोषणा की. बड़ी बात तो यह है कि उनये अपना रिटायरमेंट मैच भी खेलने को नहीं मिला जिससे हर एक फैन निराश था.

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