CWC 2019: सेमीफाइनल मैच से पहले इन तीन समस्यायों को ध्यान में रखकर भारतीय टीम को उतरना होगा

Team India Semi-Final Problems: 30 मई से इंग्लैंड एंड वेल्स में शुरू हुए आईसीसी वनडे विश्वकप 2019 में अब लीग मैच समाप्त हो चुके हैं, जिसके बाद भारतीय टीम ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर प्वाइंट्स टेबल पर नंबर एक के पायदान के साथ खत्म किया, जिसके बाद अब टीम पहले सेमीफाइनल में प्वाइंट्स टेबल पर चौथे नंबर पर रहने वाली न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 9 जुलाई को मैनचेस्टर के मैदान पर भिडने उतरेगी।

भारतीय टीम जब विश्वकप 2019 में खेलने उतरी थी जो मेजबान इंग्लैंड के अलावा कप को जीतने की प्रबल दावेदार थी और जिस तरह का टीम ने अभी तक प्रदर्शन किया है, उसके बाद यह बात भी साबित होती है। रोहित शर्मा, विराट कोहली ने जहां बल्लेबाज़ी में अपना कमाल दिखाया है, तो वहीं मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह ने गेंदबाज़ी में टीम के लिए अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है।

हम यहां पर न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से पहले उन तीन कारणों को लेकर बात करने जा रहे हैं, जो टीम को इस बड़े मैच से पहले ध्यान में रखकर उतरना होगाः

भारतीय टीम की 3 समस्या | Team India Semi-Final Problems

#1 अंतिम ओवरो में तेज़ी के साथ रन ना बनना

Team India Semi-Final Problems

इस विश्वकप में भारतीय टीम के उपरी क्रम ने अभी तक उम्मीद के अनुसार शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा ने 8 पारियों में 5 शतक लगाकार सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में पहले पायदान पर हैं, वहीं कप्तान विराट कोहली के बल्ले से भले ही शतक ना देखने को मिला लेकिन 5 अर्धशतकीय पारियां जरूर देखने को मिली है।

लेकिन टीम के लिए बल्लेबाज़ी में जो एक समस्या लीग मैचो के दौरान देखने को मिली है, वह अंतिम के ओवरो में तेज़ी के साथ रन ना बनाना, अफगानिस्तान के खिलाफ टीम ने आखिरी के 10 ओवरो में सिर्फ 48 रन ही बनाये थे, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ हुए मैच में 63 रन और वेस्टइंडीज़ के खिलाफ 66 रन जो अंतिम के ओवरो में 10 से 12 रन प्रति ओवर की गति से काफी कम है और यह भारतीय टीम को बड़ा नुकसान सेमीफाइनल के मैच में पहुंचा सकती है। जहां इसको लेकर काफी लोग महेंद्र सिंह धोनी की आलोचना कर रहे हैं, तो वहीं केदार जाधव और हार्दिक पांड्या भी उम्मीद के अनुसार तेज़ी के साथ रन नहीं बना सके है।

हार्दिक पांड्या ने जहां गेंदबाज़ी में लगातार टीम के लिए इस विश्वकप में शानदार खेल दिखाया है, वह इंग्लैंड के खिलाफ अपना विकेट एक ऐसे समय गवां बैठे जब वह तेज़ी के साथ रन बनानकर टीम को जीत दिला सकते थे।

#2 स्पिनर्स गेंदबाज़ो का प्रदर्शन ना करना

Team India Semi-Final Problems

यह एक ऐसा विश्वकप रहा है, जहां पर स्पिन गेंदबाज़ो के लिए कोई खासी मदद पिच से देखने को मिली हो। टीमों का अच्छा बल्लेबाज़ी क्रम और पिच से मदद ना मिलने के कारण किसी भी टीम के स्पिन गेंदबाज कुछ खास नहीं कर सके। बांग्लादेश के ऑलराउंडर शाकिब अल हसन और भारतीय टीम के लेग स्पिनर युज़वेंद्र चहल स्पिन गेंदबाज़ो में सबसे अधिक 11 विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं।

कप्तान विराट कोहली को अपनी कुलचा की जोड़ी से यह उम्मीद थी, कि वह विश्वकप में टीम के लिए सबसे बड़ा एक्स फैक्टर साबित होंगे, लेकिन चहन ने जहां 11 विकेट तो लिए लेकिन पर 5.92 के इकॉनमी रेट से रन भी दिए जिसमें चहल ने पहले 2 मैचो में ही 6 विकेट ले लिए थे और वह अगले 7 मैचो में सिर्फ 5 विकेट ही हासिल कर सके।

कुलदीप यादव के बारे में बात की जाए तो वह अभी तक इस विश्वकप में सिर्फ 6 विकेट ही अपने नाम पर कर सके हैं, जिसमें उनका औसत 56.17 का रहा और इस कारण भारतीय टीम सेमीफाइनल में तीन तेज़ गेंदबाज़ो के साथ जा सकती है औऱ एक स्पिनर के रूप में चहल को मौका मिल सकता है।

#3 टीम का 6 वां गेंदबाज़ कौन है?

India vs New Zealand semi final

पिछले कुछ मैचो में हमने देखा है, कि भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली एक नयी रणनीती के साथ मैदान पर उतरते हुए देखे जा रहे हैं, जिसमें वह सिर्फ 5 गेंदबाज़ ही टीम में शामिल कर रहे हैं, जिसमें 5 वें गेंदबाज़ की भूमिका को हार्दिक पांड्या बखूबी निभा रहे हैं।

सेमीफाइनल से पहले लेकिन एक प्रश्न सभी के दिमाग में चल रहा है, कि क्या विराट फिर से इसी रणनीती के साथ खेलने उतरेंगे या फिर 6 वें गेंदबाज़ के लिए किसी को टीम में शामिल करेंगे क्योंकि युजवेंद्र चहल और भुवनेश्वर कुमार में से किसी एक का भी दिन खराब हुआ तो टीम के लिए काफी बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।

टीम केदार जाधव या रवींद्र जडेजा में से किसी एक को दिनेश कार्तिक की जगह पर शामिल कर सकती है, क्योंकि ये दोनों ही खिलाड़ी निचले क्रम में बल्लेबाज़ी के साथ गेंदबाज़ी में भी टीम के लिए काम आ सकते हैं।

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