टीम चयन के बाद धोनी को मिली इस मामले में मंजूरी अगले 2 महिने के लिए

Dhoni to Train with Paramilitary RegimentDhoni to Train with Paramilitary Regiment: महेंद्र सिंह धोनी अपने खेल के जरिए चाहे अच्छा प्रदर्शन करे या बुरा वह खबरो से अधिक दिन दूर नहीं रहते हैं और भारतीय टीम के विश्वकप से बाहर होने के बाद लगातार धोनी के उपर संन्यास लेने का दबाव बनाया जा रहा है, क्योंकि 38 साल के धोनी अब अगले वनडे विश्वकप तक टीम का हिस्सा नहीं होने वाले हैं और इसी कारण दूसरे विकेटकीपर को तैयार करने का चयनकर्ताओ को पर्याप्त समय मिल सके।

वेस्टइंडीज़ दौरे के लिए तीनों सीरीज़ को लेकर भारतीय टीम की घोषणा 21 जुलाई को बीसीसीआई ने कर दी जिसमें यह साफ हो गया कि अब टीम के लिए तीनों ही फार्मेट में रिषभ पंत प्रमुख विकेटकीपर के रूप में खेलने वाले हैं, वहीं धोनी ने अपनी संन्यास को लेकर सारी संभावनाओं का अंत करते हुए विंडीज़ दौरे से खुद को अलग रहा और अगले 2 महिने के लिए वह भारतीय आर्मी के साथ पैराशूट रैजीमैंट के साथ जम्मू में अभ्यास करने वाले हैं।

धोनी ने अभी तक अपने भविष्य को लेकर बनायी योजना को लेकर किसी भी तरह का खुलासा नहीं किया है और वह कुछ समय सिर्फ क्रिकेट से दूर रहना चाहते हैं, ताकि देश की सेवा में भी समय दिया जा सके।

धोनी बितायेंगे जम्मू में 2 महिने सेना के साथ | Dhoni to Train with Paramilitary Regiment MS Dhoni

साल 2011 में महेंद्र सिंह धोनी ने जब अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को 28 साल के बाद दूसरी बार विश्वविजेता बनाया था, तो उसके बाद उन्हें सम्मान स्वरूप सेना में लेफ्टीनेंट कर्नल की उपाधी दी गयी थी और वह 106 इनफेंट्री बटालियन में शामिल किए गए जो आर्मी की उस बटालियन में हैं, जो पैराशूट के लिए उपयोग की जाती हैं।

आर्मी के साथ धोनी का नाता बेहद पुराना है और हाल में खत्म हुए विश्वकप में जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम ने अपना पहला मैच खेला था, तो उसमें धोनी के गलव्स को लेकर काफी विवाद हुआ था, जिसमें सेना के बलिदान बैज़ का निशान था।

आईसीसी ने इस कदम को लेकर आपत्ती जताई थी, जिसके बाद अगले मैच से धोनी बिना इस निशान के साथ खेलने उतरे लेकिन फैंस ने उनके इस कदम को लेकर काफी तारीफ की थी।

एक खबर के अनुसार धोनी ने भारतीय आर्मी के साथ अभ्यास करने के लिए इज़ाजत मांगी थी, जिसके बाद आर्मी चीफ बिपिन रावत ने उनकी इस मांग को मंजूरी दे दी है। पैराशूट रेजीमेंट की ट्रेनिंग जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सो में होती हैं और धोनी अपनी रेजीमेंट के साथ वहीं पर अगले 2 महिने तक अभ्यास करने वाले हैं।

साल 2015 में भी धोनी ने आगरा में हुई स्पेशल फोर्स के साथ ट्रेनिंग की थी जिसमें उन्होंने 5 बार पैराट्रुपर के रूप में जंप किया था। धोनी अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्वकप में खेलने को लेकर विचार कर रहे हैं और हाल में उनके दोस्तो से मिली खबरो के अनुसार ऐसे ही संदेश मिल रहे हैं, लेकिन उनके फार्म को देखते हुए इस बात की संभावना काफी कम दिख रही है।

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