प्रो कबड्डी लीग 2019: कबड्डी में प्रयोग होने वाले सारे टर्म

कबड्डी में प्रयोग होने वाले टर्म | Important Terms in Kabaddi

20 जुलाई से प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत होने जा रही है. जिसमें कुल 12 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं. सभी टीमों ने अपनी कमर कस ली है. तो बस इंतजार है तो इसके शुरु होने का. मगर, क्या अभी भी आपको कबड्डी में प्रयोग होने वाले टर्म या शब्द समझ नहीं आते हैं, तो अब आपको चिंता करने की जरुरत नहीं हैं क्योंकि इस लेख में कबड्डी में प्रयोग किए जाने वाले सारे टर्म को आसान भाषा में बताया गया है.

कबड्डी फॉर्मेंशन

Kabaddi

जब आप कबड्डी देखते हैं तो यह शब्द बार बार सुनने में आता है कि, इस टीम का ये फॉर्मेंशन है. मगर यह समझना मुश्किल हो जाता है कि यह फॉर्मेशन क्या है. कबड्डी फॉर्मेशन जो है वो खिलाड़ियों द्वारा अपने पाले में खड़े होने की स्थिति को कहते है. अब आसान भाषा में समझ लीजिए. एक टीम में कुल 12 खिलाड़ी होते हैं, जिसमें से अधिकतम 7 खिलाड़ी ही एक समय पर एक टीम से मैट पर मौजूद होते हैं. ऐसे में जो टीम के मुख्य डिफेंडर खिलाड़ी होते हैं वो खिलाड़ी मैट के किनारे दोनों साइड पर होते है. उस पोजीशन को ‘कॉर्नर’ कहा जाता है.

कॉर्नर वाली पोजीशन के बिल्कुल बगल वाली पोजीशन को ‘इन्स’ कहते है जो कि कॉर्नर में खड़े डिफेंडर्स का हाथ पकड़ कर खड़े होते हैं ताकि वो रेडर से टीम को डिफेंड करने वाले दोनों मुख्य डिफेंडरों को बैकअप बन पांए और इन्स में खड़े खिलाड़ियों का काम समय आने पर डिफेंडर के साथ मिलकर रेडर को पकड़ने का भी होता है. इन्स वाली पोजीशन में मुख्य रुप से रेडर खिलाड़ी होते है.

इन्स के बगल वाली पोजीशन को ‘कवर’ पोजीशन कहते हैं जो कि अपने पाले के मध्य हिस्सें की रक्षा करते हैं यहाँ मुख्य रुप से टीम के ऑल राउंडर खिलाड़ी खड़े होते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ऑल राउंडर खिलाड़ी वो होते है जो टीम के लिए डिफेंडर और रेडर दोनों की भूमिका निभाते हैं.

दोनों कवर खिलाड़ियों के ठीक बीच वाली इकलौता पोजीशन ‘सेंटर’ पोजीशन होती है. इस पोजीशन वाला खिलाड़ी मुख्यतः रेडर होता है. जो टीम से लगातार रेड के लिए जाता रहता है.

फील्ड ऑफ प्ले | Some of the Important Kabaddi Terms

  • फील्ड ऑफ प्ले’ मैट को कहा जाता है और मैट एरीना का वह हिस्सा होता है जहाँ कबड्डी खेली जानी है. कबड्डी की मैट को कई हिस्सों में विभाजित किया जाता है.
  • सेंटर लाइन– सेंटर लाइन मैट को दों बराबर-बराबर भागों में विभाजित करती है. इसका उपयोग दोनों टीमों का पाला बनाना होता है.
  • बॉक लाइन– बॉक लाइन, मैट की वह लाइन होती है जहाँ एक टीम के सातों खिलाड़ी रेडर के रेड करने से पहले खड़े रहते हैं. कबड्डी की एक मैट में कुल दो बॉक लाइन होती है. प्रत्येक पाले में एक-एक.
  • बोनस लाइन– बोनस लाइन, पाले की अन्तिम लाइन होती है. इसका प्रयोग रेडर अंक हासिल करने के लिए करता है.
  • लॉबी– लॉबी, रेडर के किसी डिफेंडर को छूने के बाद खेल में एक्टिव होती है. यह लाइन मैट के साइड में होती है. एक बार जब यह एक्टिव हो जाती है तो वह डिफेंड करने वाले टीम का ही पाला हो जाता है.

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