ये क्रिकेट और कबड्डी के खिलाड़ियों में है, एक जैसी समानताएं

Yeh Cricket Khiladi or Kabaddi Ke Khiladi Me Hai Ek Jiase Samaantaen
भारत में क्रिकेट का खेल एक धर्म से भी उपर है, क्योंकि यहां पर इस खेल को लेकर एक अलग ही जूनुन देखने को मिलता है, जिसके बाद एक सवाल सभी के मन में उठता है, कि भारतीय फैंस क्रिकेट के बाद दूसरे किस खेल को सबसे अधिक पसंद करते हैं, जिसमें काफी लोगों का मानना है, कि फुटबॉल को लेकिन जब साल 2014 में प्रो कबड्डी लीग की शुरूआत हुई उसके बाद से यह खेल दूसरा सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला खेल रहा है।

कबड्डी का खेल विश्व को भारत की तरफ से एक तोहफा कहा जा सकता है, लेकिन एक दशक तक इस खेल को जानने वाले काफी कम ही लोग थे। लेकिन जब से प्रो कबड्डी (Pro Kabaddi) की शुरूआत हुई उसके बाद से इसे खेलने वाले लोगो को हर जगह एक अलग ही पहचान मिलना शुरू हो गयी।

जिसके बाद इसकी तुलना किसी और खेल से करना ठीक नहीं होगी लेकिन भारत में हमेशा खिलाड़ियों की तुलना का एक दौर चलता रहता है और हम सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले क्रिकेट के खिलाड़ियों की तुलना इस नये कबड्डी के अवतार के खिलाड़ियों के साथ करने जा रहे हैं, जिसमें हम आपको 5 भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी और कबड्डी खिलाड़ियों के बीच समानता के बारे में बात करेंगे।

#1 महेंद्र सिंह धोनी और अनूप कुमार (Mahendra Singh Dhoni and Anoop Kumar)

Mahendra Singh Dhoni & Anoop Kumar

जब हम इन दो खेलों की तुलना करते हैं, तो आप महेंद्र सिह धोनी और अनूप कुमार में काफी समानताएं पायेंगे। दोनों ही दबाव के समय एकदम शांत रहते हैं और दोनों को ही कैप्टन कूल का खिताब मिला हुआ है। यदि धोनी रनों का पीछा करने में मास्टर हैं, तो अनूप भी बोनस अंक हासिल करने में अपनी महारथ साबित कर चुके हैं।

इसके बाद जब बात आती है, राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करने की तो दोनों ही देश को अपने-अपने खेल में कप्तान रहते हुए विश्वविजेता बनाया है। धोनी की ही तरह आप कभी भी अनूप कुमार को गुस्सा करते हुए नहीं देखेंगे। फ्रैंचाइज़ी स्पोर्ट में दोनों ही अपनी-अपनी टीम के कप्तान रहते हुए खिताब जिताया हैं, जिसमें धोनी ने चेन्नई को तो अनूप ने यू मुम्बा को।

वहीं बात करे युवा खिलाड़ियों को मौका देने की और उन्हें आगे बढ़ाने को लेकर तो धोनी की कप्तानी में रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा जैसे बड़े खिलाड़ी निकलकर आये जबकि अनूप कुमार ने रिशांक देवाडिगे, मोहित चिल्लर और सुरेंद्र सिंह जैसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया।

#2 विराट कोहली और प्रदीप नरवाल (Virat Kohli and Pardeep Narwal)

Virat Kohli and Pardeep Narwal

यदि रिकॉर्ड्स तोड़ना एक कला है, तो इन दोनों को उसका मास्टर कहना गलत बात नहीं होगी। विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक इस तरह से लगाते हैं, जैसे वह सुबह का नाश्ता कर रहे हों और ऐसा ही कुछ कबड्डी में प्रदीप नरवाल करते हैं, जो सुपर 10 बड़ी ही आसानी से स्कोर कर लेते हैं।

विराट कोहली जो आईपीएल के इतिहास में अभी तक सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं, तो वही प्रदीप के नाम पर पीकेएल के इतिहास में सबसे अधिक रेड प्वाइंट दर्ज हैं। विराट ने साल 2016 के आईपीएल मे सीज़न में रिकॉर्ड 973 रन बनायें थे, उसी तरह प्रदीप नरवाल ने भी साल 2017 के प्रो कबड्डी के सीज़न में रिकॉर्ड 369 रेड प्वाइंट दर्ज किए थे।

दोनों ही अपने खेल के जुझारूपन के लिए जाने जाते हैं, क्योंकि जैसे विराट आक्रामकता दिखाते हुए अपने अंदर रनों की एक भूख को दर्शाते हैं, ठीक उसी तरह प्रदीप के अंदर भी हर रेड प्वाइंट के लिए एक भूख को देखा जा सकता है।

#3 रोहित शर्मा और राहुल चौधरी (Rohit Sharma and Rahul Chaudhary)

Cricket Khiladi or Kabaddi Khiladi Me Samaantaen

दोनों ही खिलाड़ियों ने विश्व को काफी पहले अपनी प्रतिभा से परिचित करवा दिया था। रोहित शर्मा की ही तरह राहुल चौधरी का शुरूआती करियर में काफी विश्वास तो देखा गया लेकिन वह इसमें पूरी तरह से खरे नहीं उतर पा रहे थे।

रोहित शर्मा के लिए उनके करियर उस समय बड़ा बदलाव आया जब उन्होंने पारी की शुरूआत करना शुरू किया वहीं राहुल के करियर में तब बदलाव आया जब उनको टीम के प्रमुख रेडर और कप्तान के तौर पर पीकेएल के पहले सीज़न में तेलगू टाइटंस की टीम में शामिल किया गया था। रोहित ने जहां इस मौके को दोनों हाथो से भुनाते हुए वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगा दिए वहीं राहुल भी पीकेएल के इतिहास में पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए जिन्होंने 800 रेड प्वाइंट दर्ज किए।

फील्ड के बाहर भी दोनों की पर्सनालिटी काफी मेल खाती है, क्योंकि दोनों ही काफी शांत रहने वाले वाले खिलाड़ी हैं। वहीं राहुल जहां पीकेएल में एक पोस्टर बॉय हैं, तो रोहित भी वर्ल्ड क्रिकेट के एक पोस्टर बॉय बन चुके हैं।

#4 रिषभ पंत और सचिन तंवर (Rishabh Pant and Sachin Tanwar)

Rishabh Pant and Sachin Tanwar

एक ऐसा युवा खिलाड़ी जो अपने खेल के जरिए विपक्षी टीम को पूरी तरह से खत्म कर सकने की क्षमता रखता हो, जिसको लेकर हम रिषभ पंत और सचिन तंवर के खेल की तुलना कर सकते हैं। दोनों ने ही अपने शुरूआती करियर में सभी ध्यान खीचा औऱ जो भी इन्हें खेलता हुआ देखता है, वह इनका फैन हो जाता है।

रिषभ जो डॉट गेंदे खेलना अधिक पसंद नहीं करते हैं और हमेशा गेंद को मैदान के बाहर मारने की कोशिश करते रहते हैं, सचिन भी अपने रेड्स को खाली नहीं जाने देने की कोशिश करते हैं और स्कोर करने की पूरी कोशिश करते दिखते हैं।

दोनों ही एक दुधारी तलवार की तरह हैं, जिसमें उन्हें हर वक्त प्रदर्शन करना होता है। मैच में जब भी ये दोनों खेल रहे होते हैं, तो किसी का भी ध्यान कहीं और जाए ऐसा होने नहीं देते। जैसे भारतीय क्रिकेट टीम को रिषभ पंत से काफी उम्मीदें हैं, ठीक उसी तरह भारतीय कबड्डी को सचिन में आने वाले समय का एक बड़ा सुपरस्टार दिखता है।

#5 जसप्रीत बुमराह और संदीप नरवाल (Jasprit Bumrah and Sandeep Narwal)

Jasprit Bumrah and Sandeep Narwal

संदीप नरवाल को पीकेएल में अभी तक का सबसे शानदार खिलाड़ी कहा जा सकता है, ठीक उसी तरह से जसप्रीत बुमराह को भी गेंदबाज़ी करते हुए कहा जा सकता है। भारत की तरफ से बुमराह अभी तक के सबसे शानदार तेज़ गेंदबाज़ हैं और दोनों ही खिलाड़ियों में इसी कारण काफी समानताएं हैं।

बुमराह आईपीएल में मुम्बई इंडियंस टीम को विजेता बनाने में प्रमुख भूमिका में थे तो वैसे ही संदीप ने पीकेएल के तीसरे सीज़न में पटना पाइरेट्स को खिताब जिताने में अहम भूमिका अदा की थी। काफी सारे बल्लेबाज़ बुमराह की गेंदो को सामना करते समय जिस तरह से डरते हैं, वैसे ही रेडर भी संदीप के सामने जाने से हिचकिचाते हैं।

जिस तरीके से कप्तान अंतिम ओवरो में बुमराह को गेंद देने में बिल्कुल भी नहीं सोचते हैं वैसे ही संदीप भी अपने कप्तान के अनुसार खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार रहते हैं।

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