Dharmasena Admits Umpiring Error: वनडे विश्वकप को खत्म हुए 1 हफ्ते से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच हुए फाइनल मैच को चर्चा बनी हुई है, जिसके पीछे विवाद अधिक है और अब फाइनल मैच में मैदानी अम्पायरिंग करने वाले कुमार धर्मसेना ने अपने फैसले को लेकर खड़े हो रहे सवालों पर चुप्पी तोड़ने का काम किया।
फाइनल मैच में कुमार धर्मसेना ने आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर थ्रो के रूप में 6 रन दे दिए थे और यह मैच में काफी बड़ा फैसला साबित हुआ क्योंकि उसके बाद इंग्लैंड ने मैच को ना सिर्फ टाई करवाया बल्कि उसके बाद सुपर ओवर में जीत हासिल करके ट्राफी को अपने नाम पर कर लिया।
48 साल के कुमार धर्मसेना को निकनेम उन्नादुआ है, जिसका मतलब अधिक मेहनत करने वाले और उन्होंने अम्पायरिंग में अपने काम के जरिए इस बात को साबित भी किया है। 2015 के विश्वकप के फाइनल मैच में भी कुमार धर्मसेना को अम्पारिंग करने का मौका मिला था और उसमें भी न्यूज़ीलैंड को हार का सामना करना पड़ा था।
इंग्लैंड को अपनी पारी के आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रन बनाने थे, जिसके बाद पहली 3 गेंदो में बेन स्टोक्स सिर्फ 6 रन ही बना सके थे और आखिरी 3 तीन गेंदो में जीत के लिए 9 रनों की दरकार थी, जिसके बाद चौथी गेंद को डीप मिडविकेट की तरफ स्टोक्स ने मारने के बाद 2 रनों के लिए दौड़ पड़े लेकिन रन पूरा करते समय गेंद उनके बल्ले से लगकर बाउंड्री के लिए चली गयी धर्मसेना ने उस गेंद पर 6 रन दे दिए जो बाद में नियमों के अनुसार गलत साबित हुआ और उस गेंद पर आईसीसी नियम के अनुसार 5 रन देने चाहिए थे।
मै मानता हूं मैने गलती की | Dharmasena Admits Umpiring Error 
धर्मसेना ने खुद को लेकर हो रही आलोचना पर चुप्पी तोड़ने का काम करते हुए रविवार श्रीलंका में संडे आईसलैंड से बातचीत करते हुए कहा कि, मै मानता हूं कि मैने अपने साथी मरे इरासमस के साथ चर्चा करने के बाद एक जजमेंटल फैसला लिया। यह एक ऐसा फैसला था, जिसमें हम तीसरे अम्पायर को शामिल नहीं कर सकते थे, मुझे 100 प्रतिशत विश्वास था, कि बल्लेबाज़ एक-दूसरे को क्रास कर चुके हैं, क्योंकि वह अपनी क्रीज़ पर वापस लगभग पहुंचने वाले थे।
मै मानता हूं कि मैं गलत था और इसमें मैं यह भी कहता हूं ऐसे नियम को बदला जाना चाहिए।
वहीं इसके अलावा धर्मसेना ने इस नियम को लेकर एक और बात कही कि, यदि गेंद स्टंप को लगकर चार रन के लिए चली जाती तो सब ठीक था, लेकिन गेंद बल्ले या बल्लेबाज़ से लगकर जाती है, तो उसे डेड गेंद कहना चाहिए।
इसके अलावा ब्रिटिश मीडिया ऐसा भी दावा किया जा रहा है, कि स्टोक्स ने इस फैसले के बाद अम्पायर धर्मसेना से उसे वापस लेने के लिए कहा था, जिसको लेकर धर्मसेना ने कहा कि, ऐसा कुछ नहीं हुआ था, हां स्टोक्स ने अपनी इस गलती के लिए तुरंत केन विलियमसन से माफी जरूर मांगी थी।
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