इन 5 क्रिकेट खिलाड़ियों ने संन्यास लेने के बाद फिर से मैदान में की वापसी

In 5 Cricketers ne Retirement Lene ke Baad Fir se Vapasi ki
अंबाती रायडू
को अंतरराष्ट्रीय Cricket से संन्यास लिए हुए अधिक दिन नहीं हुए है और उनका इस तरह से अलविदा कहने का सबसे बड़ा कारण विश्वकप टीम में चयन ना होना था। भारतीय टीम में लगातार नंबर 4 की समस्या चलने के बाद भी रायडू को 15 सदस्यों की घोषित हुई विश्वकप टीम में जगह नहीं दी गयी थी और बीच में 2 खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद भी रायडू को चयन के लिए नहीं शामिल किया गया।

खुद को इस तरह से नज़रअंदाज़ किए जाने के बाद रायडू ने संन्यास का एलान कर दिया लेकिन कुछ दिन पहले ही एक इंटरव्यू के दौरान रायडू ने कहा कि वह आईपीएल में खेलना जारी रखने वाले है। Cricket के खेल में ये कोई नयी बात नहीं है, क्योंकि इससे पहले भी कई स्पोर्ट्स पर्सन अपना संन्यास घोषित करने के बाद फिर से मैदान में वापसी करते हुए दिखे हैं।

यहां पर देखिए वो 5 बड़े नाम जिन्होंने संन्यास लेने के बाद एकबार फिर से अंतरराष्ट्रीय Cricket में वापसी का दम भरा:

#5 कार्ल हूपर (Carl Hooper)

Carl Hooper

वेस्टइंडीज़ टीम के पूर्व कप्तान कार्ल हूपर ने साल 1999 के विश्वकप से ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, उनके इस फैसले से पूरा Cricket जगत काफी अचम्भित हो गया था, क्योंकि वर्ल्डकप को शुरू होने में अधिक समय नहीं बचा हुआ था। इसके बाद साल 2001 में हूपर ने अचानक से वापसी करके सभी को चौंका दिया था।

हूपर विंडीज़ टीम के एक महत्तवपूर्ण खिलाड़ी थे, जब टीम एक बदलाव के दौर से गुजर रही थी और जैसे ही उन्होंने वापसी की एलान किया उसके ठीक बाद वह टीम के कप्तान बना दिए गए। हूपर विंडीज़ ने विंडीज़ के लिए 100 टेस्ट और 200 वनडे मैच खेले हैं।

जब 2003 का वर्ल्डकप दक्षिण अफ्रीका में खेला गया तो उस समय हूपर टीम का नेतृत्व कर रहे थे और उस विश्वकप में टीम का अच्छा प्रदर्शन ना करने के बाद हूपर ने अपने संन्यास की घोषणा कर दी और आज तक वह Cricket जगत के ऐसे ऑलराउंडर माने जाते हैं, जिनको उनके कद के अनुसार पूरी तवज्जों नहीं मिली।

#4 केविन पीटरसन (Kevin Pietersen)

Kevin Pietersen

फील्ड में अपनी आक्रामकता और इंग्लिश Cricket के लिए लम्बे समय एक इंग्लिश Cricket का चेहरा रहने वाले केविन पीटरसन ने टेस्ट क्रिकेट में 8000 से अधिक रन अपने करियर में बनायें। पीटरसन तकनीकी रूप से काफी सक्षम खिलाड़ी होने के साथ करियर के दौरान उनका विवादो से भी एक गहरा नाता रहा है।

पीटरसन ने साल 2011 में लिमिटेड ओवरो से संन्यास लेने का फैसला लिया था, जिससे कि वह लम्बे फार्मेट में अपना पूरा ध्यान लगा सके। लेकिन कुछ महिनों के बाद ही पीटरसन ने अपने फैसले से यू-टर्न लेते हुए फिर से वनडे और टी20 में खेलने का फैसला ले लिया।

केविन पीटरसन के नाम पर एक इंग्लैंड खिलाड़ी के तौर पर वनडे में सबसे तेज़ी के साथ 2000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड है। वनडे में पीटरसन ने 4400 रन बनाये जिसके बाद अचानक से उनके करियर का अंत हो गया।

#3 ब्रेंडन टेलर (Brendan Taylor)

Brendan Taylor

जिम्बाब्वे Cricket टीम के लिए वनडे में तीसरा सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी ब्रेंडन टेलर को उनके देश के सबसे शानदार बल्लेबाज़ो में से एक माना जाता है। 33 साल के साल 2015 के विश्वकप में भारत के खिलाफ हुए मैच में शानदार शतकीय पारी खेलने के बाद अपने संन्यास का एलान कर दिया।

टेलर ने संन्यास लेने के बाग काउंटी में नॉटिंघमशायर के लिए खेलने का फैसला लिया। काउंटी में टेलर का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं जिस कारण उनके उपर काफी दबाव आ गया और साल 2017 में निजी कारणों की वजह से नॉटिंघमशायर से टेलर ने वापसी कर ली जिसके बाद वह फिर से जिम्बाब्वे के लिए खेलने के उपयुक्त थे।

लेकिन जिम्बाब्वे टीम के लिए फिर वापसी करने के बाद वह पहले जैसे बल्लेबाज़ नहीं रहे और आईसीसी की तरफ से जब टीम को सस्पेंड किया गया उस समय टेलर सिर्फ 494 रन दूर से एंडी फ्लावर के जिम्बाब्वे के रिकॉर्ड को तोड़ने के।

#2 शाहिद आफरीदी (Shahid Afridi)

Shahid Afridi

शाहिद आफरीदी के फैसले को लेकर हमेशा एक दुविधा की स्थिती देखी जा सकती थी। पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान आफरीदी ने कई बार अपने अंतरराष्ट्रीय Cricket से संन्यास का ऐलान किया था, लेकिन टीम में अनुभव की कमी को देखते हुए इस खिलाड़ी की वापसी होती रही। 2006 में जब टेस्ट से एक अस्थायी रूप से संन्यास का फैसला लिया लेकिन उसके बाद 2010 में आफरीदी की कप्तान के रूप में वापसी हुई।

लिमिटेड ओवरो में आफरीदी पाकिस्तानी टीम के एक प्रमुख खिलाड़ी लम्बे समय तक रहे और चयनकर्ताओं को इस खिलाड़ी से लम्बे फार्मेट में इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके जिसके बाद साल 2011 के विश्वकप में आफरीदी ने एकबार फिर से अपने संन्यास का एलान किया लेकिन कुछ महिनों के बाद फिर से इस खिलाड़ी वापसी कर ली।

आफरीदी ने आखिर में साल 2017 में क्रिकेट के तीनों ही फार्मेट से अपने संन्यास का ऐलान तो किया लेकिन 2018 में हुए विश्व एकादश के मैच में आफरीदी ने फिर से हिस्सा लिया, जो उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था।

#1 इमरान खान (Imran Khan)

Imran Khan

पाकिस्तान Cricket टीम से अभी तक के सबसे शानदार खिलाड़ी का नाम यदि ढूंढा जायेगा तो उसम बिना किसी संदेह के इमरान खान का नाम सबसे पहले आयेगा। साल 1992 के वर्ल्डकप में टीम को पहली बार अपनी कप्तानी में विश्व विजेता बनाने वाले इमरान को शानदार ऑलराउंडर खिलाड़ी के रूप में माना जाता है।

मौजूदा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने साल 1987 के विश्वकप के बाद अपने संन्यास का एलान कर दिया था। टेस्ट Cricket में शानदार प्रदर्शन करने के साथ लिमिटेड ओवरो में भी अपना जलवा इमरान ने दिखाया था, लेकिन वह विश्वकप नहीं जीत सके थे, जो एक चुभने वाली बात थी, लेकिन उस समय पाकिस्तान के प्रेसिडेंट जरनल जिया उल हक की रिक्वेस्ट पर इमरान ने एकबार फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का एलान कर दिया।

अपनी वापसी के साथ ही इमरान ने 1988 में विंडीज़ के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज़ में 23 विकेट हासिल किए जिसके बाद 1992 के विश्वकप में टीम को एक ऐसे हालात से विजेता बनाने के बाद इमरान ने अंतरराष्ट्रीय Cricket को अलविदा कह दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *