भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अनूप श्रीधर की गिनती देश के प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी में से एक माने जाते हैं, अपने पूरे स्पोर्टिंग करियर के दौरान अनूप ने कई बड़े और मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ियों के खिलाफ जीत दर्ज की है। अनूप को इस खेल में सबसे तेज स्मैश मारने के तौर पर भी पहचाना जाता है।
शुरूआती जीवन
बचपन से ही अनूप ने बैडमिंटन की ट्रेनिंग करना शुरू कर दिया था और इसके लिए अनूप अपनी स्किल्स को लेकर काफी गंभीर रहे, लेकिन वह शुरू में जूनियर बैडमिंटन टाइटल को जीत पाने में कामयाब नहीं हो सके लेकिन इस असफलता ने उन्हें और कड़ी मेहनत करने पर मजबूर किया जिसके बाद अनूप ने सीनियर नेशनल टाइटल को अपने नाम पर किया।
युवा बैडमिंटन खिलाड़ी अनूप श्रीधर नेशनल बैडमिंटन चैंपियन खिलाड़ी बनकर सभी के सामने आये और अपने करियर की शुरूआत से उन्हें सभी एक तेज स्मैश मारने वाले खिलाड़ी के तौर पर जानने लगे जिसका विपक्षी खिलाड़ी के पास कोई तोड़ नहीं दिखता था।
निजी जीवन
11 अप्रैल 1983 को कर्नाटका के बैंगलौर में जन्म लेने वाले अनूप श्रीधर के पिता का नाम डी.आर. श्रीधर है, जो विजया बैंक में जनरल मैनेजर के अलावा चीफ विजिलेंस ऑफीसर भी रहे हैं। अनूप ने सेंट जोसेफ बयॉज हाई स्कूल से पढ़ाई की जिसके बाद साई भगवान महावीर जैन कॉलेज से बी.कॉम की डिग्री हासिल की।
बैडमिंटन में करियर बनाने के लिए अनूप ने बैंगलौर स्थित टाटा पादुकोण बैडमिंटन में ट्रेनिंग ली, जहां पर अपनी स्किल्स को बेहतर करने के अलावा इस खेल की बारीकियों के बार में अनूप को विमल कुमार, टॉम जॉन और प्रकाश पादुकोण ने उनकी काफी मदद की।
प्रोफेशनल जीवन
नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप साल 2004 का खिताब जीतने के बाद अनूप ने साल 2005 और 2006 में भी इस खिताब को जीता जिसके बाद वह लगातार 3 बार इसे जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा अनूप ने घरेलू स्तर पर भी कई बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनूप श्रीधर ने अपना डेब्यू साल 2002 में किया जिसमें उन्होंने इंडिया एशियन सैटेलाइट टूर्नामेंट के लिए सफलतापूर्वक क्वालीफाइ किया था। इसके अलावा अनूप ने अंतरराष्ट्रीय लेवल पर भी कई बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लिया जिसमें साल 2002 में इंटरनेशनल मलेशिया सैटेलाइट टूर्नामेंट, साल 2004 में हुए कैंटबरी इंटरनेशनल टूर्नामेंट शामिल हैं।
पहली बड़ी सफलता अनूप को अपने करियर में साल 205 में हुई 30 हंगेरियन इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट मिली जिसमें वह विजेता बने थे। वहीं साल 2006 में मेलबर्न में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में अनूप भारतीय बैडमिंटन टीम का हिस्सा भी थे, जिसने कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा अनूप साल 2006 में हुए योनेक्स जर्मन ओपन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। साल 2008 के बिजिंग ओलंपिक में भी अनूप ने हिस्सा लिया था, जिसमें वह पुरुषों के व्यक्तिगत इवेंट में दूसरे राउंड से ही बाहर हो गए थे।
अवार्ड
अचीवमेंट
मेलबर्न में हुए साल 2006 के कॉमनवेल्थ गेम्स में मिक्सड टीम इवेंट में कांस्य पदक जीता।
निजी जानकारी
विवाद
अपने शानदार अचीवमेंट और प्रदर्शन के अलावा यह भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी उस समय विवादों में आ गया था, जब अनूप को वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए मलेशिया में ट्रेनिंग करने की मंजूरी मिली थी, जो टीम के बाकी खिलाड़ियों के लिए एक अच्छा संदेश नहीं था।
नेटवर्थ
अनूप श्रीधर की प्राइमरी इनकम उनकी भारत पेट्रोलियम में नौकरी से होती है, इसके अलावा वह अपने प्रोफेशनल करियर से भी इनकम करते हैं। फिलहाल अभी अनूप की नेटवर्थ को लेकर किसी तरह की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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