भारतीय महिला एथलेटिक स्प्रिंटर खिलाड़ी अश्विनी अकूंजी जो 400 मीटर इवेंट की विशेषज्ञ मानी जाती हैं। अश्विनी ने साल 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में 4X400 मीटर रिले रेस इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था, जिसमें उनके साथ टीम में मनंजीत कौर, मनदीप कौर और सिनी जोस थी इसके अलावा एशियन गेम्स में 400 मीटर हर्डल इवेंट में भी अश्विनी ने गोल्ड मेडल जीता था।
शुरूआती जीवन
अश्विनी अकूंजी का जन्म कर्नाटका के उडुपी जिले के कुंदापुरा तालुक में हुआ था। अश्विनी का जन्म एक कृषि करने वाले परिवार में हुआ था, जिसका खेलों से भी पुराना नाता रहा है। अश्विनी एक तेलगू परिवार में बड़ी हुई जिसमें उनकी मां का नाम यशोदा शेट्टी अकूंजी, पिता का नाम बी.आर. चिनांददा शेट्टी है। वहीं अकूंजी की एक बहन और भाई है, जिनका नाम दीप्ती और अमिथ शेट्टी है। अश्विनी के पिता के पास 5 एकड़ जमीन है, जिसपर पर खेती करके परिवार का ख्याल रखते हैं।
निजी जीवन
अश्विनी घर पर सभी बच्चों में सबसे छोटी हैं। पिता के किसान होने की वजह से अधिक कमाई नहीं हो पाती है। साल 2000 में अश्विनी का पहली बार किसी स्प्रिटिंग चैलेंज में चयन हुआ था, तब उनकी उम्र 13 साल थी। इसके बाद अश्विनी का चयन विद्यानगर के स्पोर्ट्स स्कूल में हो गया। सिद्दापुरा के एक छोटे से गांव से आने वाली अश्विनी का चयन जब स्पोर्ट्स स्कूल में हुआ तो यह उनके करियर को शानदार आयाम देने में महत्तवपूर्ण साबित हुआ।
इसके बाद अश्विनी ने फिर अपने जीवन में पीछे मुड़कर नहीं देखा। अश्विनी का भाई अमिथ और बहन दीप्ती भारतीय रेलवे में नौकरी करते हैं। अश्विनी काफी धार्मिक स्वभाव की हैं और उनकी मानसिकता काफी मजबूत भी है, जिस कारण उन्हें परिवार के साथ अपने होमटाउन का भी पूरा समर्थन मिलता है। साल 2015 में अश्विनी की सगाई अभिजीत राय से हो गयी और इसके बाद उनका निकनेम जनसाले एक्सप्रैस पड़ गया। वहीं रियो ओलंपिक के बाद दोनों ने शादी कर ली।
प्रोफेशनल जीवन
13 साल की उम्र में ही अश्विनी का करियर शुरू हो गया था और वह इसे लेकर काफी गंभीर भी थी। अपने जीवन में अश्विनी ने काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। अश्विन ने कई अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स मीट में देश का नेतृत्व किया है, जिसमें भारत में हुए साल 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में 4X400 मीटर रिले कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतना।
इसके बाद चाइना में अश्विनी ने 400 मीटर हर्डल रेस में गोल्ड मेडल जीता और यही नहीं अश्विनी ने एक और गोल्ड मेडल इसी प्रतियोगिता में 4X400 मीटर रिले कैटेगरी में हासिल किया। अश्विनी के नाम का डंका विश्व भर में देखा जा सकता था और उन्हें भारतीय रेलवे से नौकरी का प्रस्ताव भी आया लेकिन अश्विनी पंजाब के पटियाला में कॉरपोरेश बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात हैं। अश्विनी को साल 2010 में रायोत्सव पुरस्कार से सम्मानित किया गया और यही नहीं कर्नाटका सरकार ने भी उन्हे सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी दिया। साल 2016 में हुए रियो ओलंपिक में अश्विनी भी टीम का हिस्सा थी, लेकिन वह कोई पदक नहीं जीत सकी।
अचीवमेंट
निजी जानकारी
विवाद
जापान के कोबे में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान अश्विनी को नाडा ने 2 साल के बैन कर दिया था। अश्विनी डोप टेस्ट में पॉजीटिव पायी गयी थी, जिसमें एनाबोलिक स्ट्राइड पाया गया था, जिसके बाद उन्हें रिले टीम से निकालने के साथ एथलेटिक्स के अभ्यास से भी 2 साल के लिए बैन कर दिया गया था। इसके बावजूद अश्विनी ने अपनी उम्मीदों को खत्म नहीं होने दिया और फिर से वापसी करने का हौसला कायम रखा।
नेटवर्थ
अश्विनी अकूंजी की नेटवर्थ को लेकर बात करी जाए तो वह पंजाब के पटियाला में कॉरपोरेशन बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात हैं। एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन करने को लेकर कर्नाटका राज्य सरकार ने अकूंजी को 100000 रूपये का नकद पुरस्कार देने के साथ 20 ग्राम सोना भी दिया इसके अलावा उन्हें बैंगलुरू डेवलपमेंट अथॉरिटी के तरफ से घर भी दिया गया। कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अश्विनी को भारतीय रेलवे ने नौकरी का प्रस्ताव भी दिया था। मौजूदा समय में अश्विनी की नेटवर्थ लगभग 1 मिलियन डॉलर के आसपास होने की उम्मीद की जा सकती है।
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