भारतीय महिला स्प्रिंटर एथलेटिक खिलाड़ी देबाश्री मजूमदार कोलकाता से आती हैं। देबाश्री 4X400 मीटर रिले रेस में हिस्सा लेती हैं और यह एथलीट उस समय सुर्खियों में आयी थी, जब साल 2017 में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4X400 मीटर रिले टीम ने जीत हासिल की थी। इस टीम में जिस्ना मैथ्यू, निर्मला शैरोन और एम.आर. पूवम्मा भी शामिल थी।
शुरूआती जीवन
कोलकाता से आनी वाली देबाश्री मजूमदार ने अपनी एथलेटिक की ट्रेनिंग पटियाला के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में की है, जो एशिया का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट माना जाता है। अपने परिवार में एकलौती कमाने वाली इंसान होने की वजह से देबाश्री मजूमदार को काफी परेशानियों का हर कदम पर सामना करना पड़ा है। अपने प्रोफेशनल करियर में कई बार देबाश्री का हौसला टूटते हुए देखा गया लेकिन इस युवा एथलीट ने हार ना मानते हुए शानदार वापसी की और अपने सपने को पूरा करने की तरफ कदम बढ़ाने का काम किया। देबाश्री के करियर में हार-जीत दोनों ही देखने को मिल जायेंगी लेकिन अपने कठिन समय में भी देबाश्री ने पदक जीतकर देश को गर्व करने का मौका दिया है।
निजी जीवन
देबाश्री मजूमदार का जन्म 6 अप्रैल 1991 को कोलकाता से 140 किलोमीटर दूर नादिया जिले के एक छोटे से गांव बेथुआडोरी में हुआ था। बचपन में ही देबाश्री के पिता का देहांत हो गया था, वहीं परिवार में 2 और बहनों के साथ मां भी थी। परिवार में देबाश्री एकलौती कमाने वाली थी, जिस कारण शुरूआती जीवन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और इसके बाद वह एक प्रोफेशनल रनर बन पायी।
लेकिन इतना देबाश्री के लिए काफी नहीं था, क्योंकि उन्हें बड़े स्तर पर खेलने के लिए एक शानदार रनर बनना था। देबाश्री को उस समय एक बड़ी राहत मिली जब साल 2011 में कोलकाता इनकम टैक्स में उनकी नौकरी लग गयी। जब वह अपने विभाग के साथ जुड़ी तो वहां के ऑफीशियल ने उन्हें अभ्यास करने के कहा जिससे वह सफलता हासिल करने के साथ उस विभाग और देश के सम्मान को बढ़ा सके।
मजूमदार का परिवार और गांव के लोगों ने उनका मानसिक और आर्थिक तौर पर लगातार मदद की और वह लगातार होर्डिंग्स के जरिए देबाश्री की सफलता के बारे में सभी को जानकारी भी देते हैं।
प्रोफेशनल लाइफ
साल 2009 में नादिया जिले से आने वाली यह एथलेटिक खिलाड़ी उस समय सभी की नजरो में आयी जब कोलकाता में हुए 59 वें स्टेट एथलेटिक्स गेम जो साल्टलेक स्टेडियम में खेले जा रहे थे, उसमें देबााश्री ने लड़कियो की 200 और 400 मीटर रेस को रिकॉर्ड में समय में पूरा किया था।
इसके बाद साल 2011 में देबाश्री का चयन इनकम टैक्स विभाग में हो गया। पटियाला में ट्रेनिंग करने के बाद देबाश्री का चयन 2014 में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए हुआ था, लेकिन वह यहां पर पदक जीतने में सफल नहीं हो सकी। जिसके बाद देबाश्री ने कड़ी मेहनत करते हुए 2015 में एशियन चैंपियन में भारतीयय रिले टीम में शामिल हो गयी। इसके अलावा देबाश्री ने ऑल इंडिया सेंट्रल रेवन्यू स्पोर्ट्स मीट में बेस्ट एथलीट का खिताब अपने नाम पर किया था।
अचीवमेंट
एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप
साल 2017 में भुवनेश्वर में हुई चैंपियनशिप में 4X400 मीटर इवेंट में सिल्वर पदक जीता।
निजी जानकारी
विवाद
देबाश्री मजूमदार उस समय ख़बरो में आयी थी जब उन्हे पुरस्कार स्वरूप मिली 1 लाख रूपये की रकम को उन्होंने अपने गांव के लोगो को दान कर दी थी। जब इस एथलीट को पता चला कि उनके गांव में रहने वाले लोग दुर्गा पूजा को आर्थिक कारणों की वजह से नहीं कर पा रहे थे, तो मजूमदार ने उनकी मदद करने के लिए इस कदम को उठाया। जब देबाश्री रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए गयी हुई थी, तो उस समय उनकी बहन ने फोन करके इस परेशानी के बारे में बताया था, कि वह इस त्यौहार को नहीं मनाने वाले हैं और इसके बाद देबाश्री ने सभी की मदद की थी। मजूमदार के इस कदम को लेकर कई अखबारो ने उनकी तारीफ करते हुए सभी के लिए एक उदाहरण के तौर पर दर्शाया था।
नेटवर्थ
देबाश्री मजूमदार की नेटवर्थ को लेकर किसी भी तरह की कोई भी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
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