भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलेटिक खिलाड़ी अविनाश साबले जो 3000 मीटर स्टीपलचेज़ इवेंट में हिस्सा लेने के विशेषज्ञ खिलाड़ी माने जाते हैं। अविनाश ने साल 2019 में इसी इवेंट में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। अविनाश ने 37 साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता था। इससे पहले 3000 मीटर में नेशनल रिकॉर्ड गोपाल सैनी के नाम पर था, जो उन्होंने साल 1981 में टोक्यो में बनाया था।
शुरूआती जीवन
13 सितम्बर 1994 को महाराष्ट्र के बीड डिस्ट्रिक के मंदवा गांव में अविनाश का जन्म हुआ था। एक किसान परिवार में जन्म लेने वाले अविनाश बचपन में स्कूल जाने के लिए रोज 6 किलोमीटर पैदल चलते थे, क्योंकि उनके गांव में कोई ट्रांसपोर्ट की सुविधा मौजूद नहीं थी। अविनाश हमेशा एक देशभक्त रहे और देश के लिए कुछ करना चाहते थे। साल 2011 में 12 वीं पास करने के बाद अविनाश भारतीय आर्मी में भर्ती हो गए।
जिसके बाद साल 2013-14 में अविनाश महर रेजीमेंट के नेतृत्व में उनकी पोस्टिंग सियाचीन ग्लेशियर में रही। इसके एक साल के बाद अविनाश का तबादला राजस्थान हुआ और साल 2015 में वह सिक्किम में पोस्ट कर दिये गए।
निजी जीवन
पुणे से अपना ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद अविनाश इस समय अपने परिवार के साथ बैंगलुरु में रह रहे हैं। आर्मी में इस समय अविनाश जूनियर कमीशंड ऑफीसर के पद पर तैनात हैं।
प्रोफेशनल जीवन
सबसे पहले अविनाश ने आर्मी स्पोर्ट्स इवेंट में हिस्सा लिया, जिसके बाद वह आर्मी सर्विस टीम के लिए साल 2015 में क्वालीफाइ कर गए। इसके 2 साल बाद साल 2017 में क्रास कंट्री चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। अविनाश का खेल लगातार सुधर रहा था और इसी दौरान कैप्टन अमरीश कुमार जो आर्मी डिस्टेंस रनिंग प्रोग्राम के चीफ कोच थे उन्होंने अविनाश को देखा जिसके बाद वह 3000 मीटर स्टीपलचेज डिसीप्लिन इवेंट को लेकर अपना ध्यान लगाने लगे।
इसके बाद साल 2018 में एंकल में चोट की वजह से अविनाश एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके लेकिन अविनाश ने 37 वें राष्ट्रीय गेम्स में हिस्सा लेते हुए 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में 37 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा। वहीं इसके बाद साल 2019 में पटियाला में हुए फेडरेशन कप में अवनिाश ने अपना सर्वेश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
इससे अविनाश को साल 2019 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सीधा प्रवेश मिल गया। साबले ने दोहा में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीता वहीं साल 1991 के बाद अविनाश देश के पहले खिलाड़ी बने जो वर्ल्ड एथलेटिक्स में सीधा क्वालीफाइ कर गए।
वहीं अविनाश को एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 3000 मीटर स्टीपलचेज के फाइनल खिलाड़ियो की लिस्ट में शामिल किया जिसमें अविनाश ने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 16 प्रतिभागियों में 13 वें स्थान पर आते हुए साल 2020 के टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाइ कर लिया।
अचीवमेंट
निजी जानकारी
शारीरिक माप
विवाद
अपने शानदार प्रदर्शन और अचीवमेंट के अलावा साल 2018 में अविनाश साबले ने उस समय सुर्खियां बटोरी जब उन्होंने बयान देते हुए कहा कि वह भारतीय कोच के अंडर में ट्रेनिंग करना अधिक पसंद करेंगे ना कि किसी विदेश कोच के अंडर में क्योंकि भारतीय कोच हमें बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। जिसके बाद लांग डिस्टेंस रनिंग कोच निकोलाई संसारेव ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया जबकि उनका कार्यकाल साल 2020 तक था। ये सब इस कारण हुए क्योंकि अविनाश ने आर्मी कोच अमरीश कुमार के अंडर में ट्रेनिंग लेने का फैसला किया था।
नेटवर्थ
अविनाश साबले की नेटवर्थ को लेकर फिलहाल किसी तरह की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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