भारतीय एथलेटिक खिलाड़ी गणपति कृष्णन जिन्होंने 2016 में हुए रियो ओलंपिक में 20 किलोमीटर रेसवॉक इवेंट में हिस्सा लिया था। गणपति ने साल 2016 में ही नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीता था।
शुरूआती जीवन
गणपति कृष्णन का जन्म 24 जून 1989 को तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के कोने गुंदानुर गांव में हुआ था। गणपति एक ऐसे गांव में रहते थे, जहां पर किसी ने पहले रेसवॉक इवेंट को लेकर कुछ भी नहीं सुना था। गणपति के 3 भाईयों में दूसरे नंबर के बेटे हैं, अपने स्कूल के दिनों में गणपति वॉलीवाल अधिक खेलते थे।
निजी जीवन
गणपति एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं, जिस कारण वह शुरूआती जीवन में पहाड़ो की चोटियों पर जाकर शहद इकट्ठा करते थे, जिससे वह इसे बेचकर अपने परिवार के लिए कुछ पैसे का प्रबंध कर सके। पूरा परिवार 5000 रूपये महिने में अपना खर्च चलाता था। गणपति के पिता अपने बेटे की इस उपलब्धी को लेकर काफी गर्व महसूस करते हैं। जबसे गणपति ने पूरे विश्व में एक एथलीट के तौर पर खेलना शुरू किया उसके बाद से ही उनकी नजर ओलंपिक में पदक जीतने की तरफ हैं।
जब साल 2016 में रियो में होने वाले ओलंपिक में गणपति का चयन हुआ तो उसके बाद उन्होंने अपने पिता से 2 लाख रूपये मांगे थे, जिससे वह अपनी तैयारी कर सके, जिसके बाद उनके पिता को मजबूरी में आकर बैंक से 3 लाख का लोन लेना पड़ा। गणपति का भाई जो भारतीय आर्मी में है, उसने उनकी काफी मदद की है। गणपति ने भी आर्मी को ज्वाइन करके खुद की ट्रेनिंग और बेहतर तरीके से करने का लक्ष्य रखा।
प्रोफेशनल लाइफ
अपने बड़े भाई के आर्मी में भर्ती होने के बाद गणपति ने भी उन्हीं के कदमों पर चलते हुए आर्मी ज्वाइन कर लिया, जहां पर अपने सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर सकते हैं। आर्मी ज्वाइन करने के 6 साल के अंदर ही गणपति ने खुद को ओलंपिक के लिए तैयार कर लिया था।
जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय इवेंट में गणपति ने पदक जीतना शुरू कर दिया। रोम में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में गणपति ने 1 घंटे 21 मिनट 41 सेकेंड में रेस को पूरा करके 22 वें स्थान पर आये थे, भले ही उनकी टाइमिंग दूसरे भारतीय एथलीटो से अच्छी ना हो लेकिन उन्होंने रियो ओलंपिक के लिए क्वॉलीफाइ कर लिया।
इसके बाद साल 2016 में हुई एशियन चैंपियनशिप में 5 वें स्थान पर आने के साथ उसी साल हुई नेशनल चैंपियनशिप में गणपति ने सिल्वर पदक जीता था, लेकिन रियो ओलंपिक में क्वॉलीफाइ करने के बाद भी उन्हें कोई स्पॉसंर नहीं मिला क्योंकि गणपति को लेकर अधिक खबरे नहीं आ सकी। जिसके बाद रियो ओलंपिक में रेसवॉकिंग इवेंट के फाइनल में गणपति को अयोग्य करार दे दिया गया।
निजी जानकारी
अचीवमेंट
रियो ओलंपिक के लिए क्वॉलीफाइ करने के बाद एक लोकल न्यूज़ चैनल में गणपति की पूरी जर्नी को लेकर एक ख़बर चलायी गयी थी, जो बाद में उनके गांव में काफी तेजी के साथ वायरल जिससे वहां रहने वाले दूसरे युवाओं को प्रेरणा मिली और अब यह क्लिप उनके गांव में रहने वाले एक व्यक्ति के मोबाइल में जरूर मिल सकती है।
नेटवर्थ
गणपति कृष्णन की नेटवर्थ को लेकर बात करी जाए तो इस बारे में किसी भी तरह की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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