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भारतीय महिला स्टीपलचेज धावक सुधा सिंह के बारे में जानिए सभी जानकारियां

भारतीय महिला स्टीलचेज धावक सुधा सिंह जो 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में हिस्सा लेती हैं। सुधा सिंह जिनके नाम पर राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी दर्ज हैं, उन्होंने साल 2005 से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कई इवेंट में हिस्सा लिया है। सुधा सिंह की इस खेल के प्रति उनकी कड़ी मेहनत ने उन्हें इस मुकाम पर लाने का काम किया है।

शुरूआती जीवन

सुधा सिंह ने अपने एथलीट करियर की शुरूआत साल 2005 में की थी। इस भारतीय ओलंपियन एथलीट सुधा सिंह 3000 मीटर स्टीपलचेज में एशियन चैंपियन भी रह चुकी हैं। एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में अभी तक सुधा सिंह कुल 2 गोल्ड और 4 सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। 30 साल की सुधा सिंह उत्तर प्रदेश के रायबरेली के एक छोटे से गांव से आती हैं।

सुधा के लिए शुरूआती कोच रेनू कोहली और ललिता भनोत थी, सुधा के परिवार ने उनके सपने को पूरा करने के लिए उनका पूरा समर्थन किया जिस कारण उन्हें रायबरेली को छोड़कर लखनऊ आना पड़ा जहां पर वह अपनी तैयारी को अच्छे से कर सके। सुधा सिंह ने एक रात में ही सारी सफलता नहीं हासिल करी बल्कि उन्हें लगातार लम्बे समय तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी साथ ही कई संघर्षो का भी सामना करना पड़ा जिसके बाद वह इस मुकाम पर पहुंच सके।

निजी जीवन

सुधा सिंह का जन्म 25 जून 1986 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली के एक गांव में हुआ था। सुधा के माता-पिता का नाम हरीनायरण सिंह और शिव कुमारी सिंह है, इसके अलावा उनका एक भाई जिसका नाम परवेश सिंह हैं। सभी ने सुधा के सपने को पूरा करने में लगातार उनका हौसला बढ़ाने का काम किया है।

सुधा के एथलीट बनने की सबसे बड़ी वजह उनकी पढ़ाई के प्रति उतनी दिलचस्पी ना होना था। बचपन से ही सुधा का ध्यान खेलों के प्रति अधिक होता था, जिस कारण उनके माता-पिता को इस बात को लेकर चिंता होने लगी, क्योंकि सुधा ट्यूशन को छोड़कर दौड़ने चली जाया करती थी। सुधा के माता-पिता ये नहीं चाहते थे, कि वह खेल को छोड़े लेकिन जरूरी पढ़ाई से तो कर ले इसको लेकर अधिक चिंतित थे।

जिसके बाद सुधा का खेलो के प्रति पागलपन को देखते हुए उनके माता-पिता ने अच्छी ट्रेनिंग के लिए उन्हें लखनऊ भेज दिया, क्योंकि उन्हें अपनी बेटी पर पूरा भरोसा था कि वह ओलंपिक गेम्स में एक दिन पदक जरूर हासिल करेंगी।

प्रोफेशनल जीवन

भारतीय एथलीट सुधा सिंह उस समय सभी की नजरो में आयी जब उन्होंने साल 2010 के एशियन गेम्स में 9 मिनट 55 सेकेंड में रेस को पूरा करके गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद वह पहली एशियन चैंपियन खिलाड़ी बन गयी जिन्होंने 3000 मीटर स्टीपलचेज़ एशियन गेम्स में पदक जीता।

साल 2012 में सुधा ने ओलंपिक के लिए क्वॉलीफाइ करते हुए अपने नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 9 मिनट 47 सेकेंड का रिकॉर्ड बनाया। साल 2014 में हुए एशियन गेम्स में सुधा चौथे स्थान पर रही थी, लेकिन तीसरे स्थान पर रहने वाली खिलाड़ी जब अयोग्य करार दे दी गयी तो वह तीसरे स्थान पर आ गयी और कांस्य पदक अपने नाम पर किया।

इसके बाद साल 2015 में सुधा ने 19 वां स्थान हासिल करते हुए रियो ओलंपिक में महिला मैराथन इवेंट के लिए भी अपनी जगह को पक्का कर लिया। साल 2016 में सुधा सिंह ने अपने प्रदर्शन में और अधिक सुधार करते हुए इंटरनेशनल एमेचर एथलेटिक्स फेडरेशन डाइमंड लीग में शानदार खेल दिखाया। इसी साल सुधा को स्वाइन फ्लू हो जिस कारण उन्हें देश वापस आना पड़ा और वह समर ओलंपिक में भी हिस्सा नहीं ले सकी।

एशियन गेम्स साल 2018 में सुधा ने फिर से ट्रैक पर वापसी की जिसमें उन्होंने ललित भनोतत और रेनू कोहली के अंडर में ट्रेनिंग की जिसके परिणाम स्वरूप 9 मिनट 40 सेकेंड में रेस को पूरा करते हुए सिल्वर पदक जीता था।

अवार्ड्स

  • उत्तर प्रदेश की सरकार की तरफ से साल 2010 में मान्यवर श्री काशीराम जी इंटरनेशनल अवार्ड दिया गया।
  • साल 2012 में भारत सरकार की तरफ से अर्जुना अवार्ड से सम्मानित की गयी।

अचीवमेंट

एशियन गेम्स

  • सााल 2012 में ग्वांजाउ में हुए गेम्स में 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में गोल्ड मेडल जीता।
  • साल 2018 में जकार्ता में हुए गेम्स में 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में सिल्वर पदक जीता।
  • साल 2014 में इंचोन में हुए गेम्स में 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में हिस्सा लिया।

एशियन चैंपियनशिप

  • भुवनेश्वर में हुए साल 2017 की चैंपियनशिप में 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में गोल्ड मेडल जीता।
  • साल 2009 में ग्वांजाउ में हुई चैंपियनशिप में 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में सिल्वर पदक जीता।
  • साल 2011 में कोबे में हुई चैंपियनशिप में 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में सिल्वर पदक जीता।
  • पूणे में हुई साल 2013 की चैंपियनशिप में 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में सिल्वर पदक जीता।

कॉमनवेल्थ गेम्स

साल 2010 में दिल्ली में हुए गेम्स में 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में हिस्सा लिया।

निजी जानकारी

  • नाम – सुधा सिंह
  • उपनाम – सुधा सिंह
  • स्पोर्ट – ट्रैक एंड फील्ड
  • इवेंट – 3000 मीटर स्टीपलचेज
  • पिता का नाम – हरिनारायण सिंह
  • माता का नाम – शिव कुमारी सिंह
  • भाई का नाम – परवेश सिंह
  • लम्बाई – 5 फुट 2 इंच
  • वजन – 45 किलोग्राम
  • निजी बेस्ट – 9 मिनट 26 सेकेंड 55 मिली सेकेंड (शंघाई साल 2016 में)
  • आंखो का रंग – ब्लैक
  • बालों का रंग – ब्लैक
  • जन्म – 25 जून 1986
  • उम्र – 33 साल
  • जन्म स्थान – रायबरेली, उत्तर प्रदेश, भारत
  • राशी – कैंसर
  • राष्ट्रीयता – भारतीय
  • होमटाउन – उत्तर प्रदेश
  • रिलीजन – हिंदू

विवाद

एथलीट सुधा सिंह उस समय खबरो में आयी थी, जब वर्ल्ड एथलेटिक्स के लिए उन्हें भारतीय टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन उसके बाद अध्यक्ष ने सुधा सिंह को स्टीपलचेज़ इवेंट के लिए टीम में शामिल करने के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद एथलेटिक्स फेडरेशन ने फिर से लिस्ट को जारी करते हुए सुधा के नाम को भी शामिल किया। इसके अलावा सुधा उस समय भी खबरो में आयी थी, जब उत्तर प्रदेश सरकार से उन्होंने खेल विभाग में नौकरी पाने के लिए आग्रह किया था। इसके अलावा सुधा सिंह अपनी उपलब्धियों और प्रदर्शन को लेकर खबरो में आती रहती हैं।

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