लिमिटेड ओवरो में भारतीय टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा के लिए साल 2019 बल्ले से काफी शानदार बीता है, जिसमें उन्होंने पूरे साल बल्ले से रन बरसाये और खास करके इंग्लैंड एंड वेल्स में खेले गए वनडे विश्वकप में जिसमें वह सबसे अधिक सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बने।
लेकिन रोहित शर्मा के लिए साल की सबसे बड़ी उपलब्धी उस समय आयी जब उन्हें टेस्ट क्रिकेट में पारी की शुरुआत करने का मौका मिला और उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 मैचो की घरेलू टेस्ट सीरीज़ के पहले 3 शतकीय पारियां खेलकर खुद को साबित भी किया। इसी को लेकर भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने बयान में यह खुलासा किया कि उन्होंने रोहित को काफी समय पहले पारी की शुरुआत करने की सलाह दी थी।
32 साल के रोहित शर्मा ने खुद को देश के लिए खेलने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों में से सबसे शानदार ओपनिंग खिलाड़ियों में से एक माना है। भारतीय टीम काफी लम्बे समय से टेस्ट क्रिकेट में एक ओपनिंग बल्लेबाज़ की तलाश में लगी हुई थी, जिसको रोहित शर्मा ने फिलहाल खत्म कर दिया है। रोहित ने अफ्रीका के खिलाफ 2 शतक और 1 दोहरा शतक लगाकर यह खुद को घरेलू जमीन पर साबित कर दिया है।
रोहित के तरीके ने उन्हें ओपनर के तौर पर सफल बनाया
टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया कि साल 2015 में उन्होंने रोहित शर्मा को यह सलाह दी थी, कि वह मुम्बई के रेगुलर तौर पर पारी की शुरुआत करे, जब वह भारतीय टीम के लिए ना खेल रहे हों। शास्त्री का रोहित को इस तरह की सलाह देने के पीछे इरादा यह था, कि वह अपना आत्मविश्वास लम्बे फार्मेट के लिए भी बढ़ा सके।
रवि शास्त्री ने कहा कि, साल 2015 में मैने रोहित से कहा कि वह मुम्बई के लिए पारी की शुरुआत करें जब वह भारतीय टीम के लिए ना खेल रहे हों। क्योंकि लोग यह पूछते हैं, कि आप नंबर 1 से 10 के बीच में कैसे खेलेंगे, क्योंकि आपको यह मानना पड़ेगा कि आप पहली गेंद पर भी ऑउट हो सकते हैं, जिस कारण आपको हमेशा तैयार रहना चाहिए।
इसके अलावा शास्त्री ने अपने बयान में आगे कहा कि, रोहित एक आक्रामक खिलाड़ी हैं. जो रन बनाने के लिए इंतजार नहीं करते हैं। यह सबकुछ उनके अप्रोच पर निर्भर करता है, कि कब वह गेंदबाज़ो के खिलाफ आक्रामक तरीके से खेलने को लेकर तैयार होते हैं।
मैने जितना भी रोहित को खेलते हुए समझा है, वह यह कि वह अपनी बल्लेबाज़ी के लिए कभी इंतजार नहीं करते हैं। आखिर क्यों वह वनडे में इतने सफल बल्लेबाज़ हैं, क्योंकि वह खुद पर जिम्मेदारी लेते हुए गेंदबाज़ो पर अटैक करते हैं। गेंदबाज़ भी पूरी तरह से सेट नहीं होता है और वह भी जिससे दोनों को ही नयी शुरुआत करनी होती है, और यदि रोहित उसमें पहला कदम उठाते हैं, तो उन्हें उसके बाद रोक पाना काफी कठिन हो जाता है।
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