भारत की प्रतिभाशाली महिला स्वीमर फ्रीस्टाइल तैराक शिवानी कटारिया 200 मीटर के इवेंट में हिस्सा लेती हैं। शिवानी ने अपने छोटे से करियर में काफी सारे रिकॉर्ड्स को अपने नाम पर किया है और कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेनी वाली वह एकलौती भारतीय स्वीमर खिलाड़ी हैं। शिवानी अपनी तैराकी को लेकर काफी गंभीर हैं और इसकी सबसे बड़ी साल 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलंपिक के लिए क्वालिफाइ करके देश के लिए पदक लाना चाहती हैं।
शुरूआती जीवन
हरियाणा से आने वाली शिवानी कटारिया ने 6 साल की उम्र में ही स्वीमिंग करना शुरू कर दिया था। शिवानी की स्वीमिंग में दिलचस्पी बढ़ी जब वह समर कैंप के दौरान बाबा गंगा नाथ स्वीमिंग सेंटर गयी जो उनके घर के पास में ही हैं। शिवानी की प्रतिभा ने उन्हें साल 2016 के रियो ओलंपिक में जगह दिला दी जो इंडिया की एक वाइल्ड कार्ड की तरह एंट्री थी। शिवानी को अभी अपनी स्वीमिंग में और सुधार करने की जरूरत है।
निजी जीवन
शिवानी कटारिया का जन्म हरियाणा में हुआ और वह गुरूग्राम में आकर रहीं। अपनी शुरूआती पढ़ाई शिवानी ने डीएवी पब्लिक स्कूल से की है। 6 साल की उम्र में ही शिवानी को स्वीमिंग में काफी दिलचस्पी हो गयी थी लेकिन उस समय उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था, कि वह एक दिन देश के लिए भी खेलने जा सकती हैं। इस पूरी जर्नी के दौरान शिवानी के माता-पिता ने उनका साथ दिया और शिवानी के जुनून को लेकर उन्होंने कभी सवाल नहीं खड़े किए।
शिवानी ने अपनी शुरूआती स्वीमिंग की ट्रेनिंग मिस्टर यादव के अंडर में की, जिसके बाद जिला स्तर की कई प्रतियोगिता में उन्होंने हिस्सा लिया, सीबीएससी नेशनल जो गुजरात में हुए थे, उसमें शिवानी ने कांस्य पदक जीता था। साल 2012 में शिवानी ने प्रोफेशनल तैराक बनने का फैसला किया और अपने सपने को पूरा करने के लिए वह दिन में 4 घंटे तक इसका अभ्यास करने लगी।
भले ही शिवानी काफी धीमे सीखती हों लेकिन उन्होंने अपनी स्वीमिंग की स्किल्स को लगातार सुधारने का काम किया और इसी कारण उनका चयन रियो ओलंपिक के लिए हो गया। शिवानी के लिए FINA में ट्रेनिंग करना किसी बुरे सपने से कम नहीं था, क्योंकि उन्होंने लगभग 3 बार स्वीमिंग करने के साथ एक सूखी जमीन पर अपनी एक्सरसाइज करनी पड़ती थी। अपने परिवार के लगातार समर्थन की वजह से शिवानी ने सभी परेशानियों को सामना करना में सक्षम रहीं।
प्रोफेशनल जीवन
शिवानी कटारिया ने साल 2013 से अपने सपने को पूरा करने की तरफ बढ़ी। साल 2013 में शिवानी ने एशियन यूथ चैंपियनशिप में हिस्सा लिया जिसमें उन्होंने 6 वें स्थान पर खत्म किया था। साल 2016 के साउथ एशियन गेम्स में शिवानी ने गोल्ड मेडल जीता। इस युवा खिलाड़ी ने 1 साल के लिए FINA में भी ट्रेनिंग में गुजारा है। साल 2016 में रियो ओलंपिक के दौरान शिवानी का आत्मविश्वास काफी अच्छा था, क्योंकि उन्होंने बी कार्ट में सिर्फ 2 मिनट 4 सेकेंड में अपनी स्वीमिंग को पूरा किया था।
रियो ओलंपिक के दौरान शिवानी काफी भाग्यशाली रही क्योंकि उन्हें स्वीमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट दिगाम्बर कामत ने वाइल्ड कार्ड एंट्री के तहत क्वालिफाइ करवाया था, जिसके बाद वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गयी थी, ओलंपिक में स्वीमिंग इवेंट में हिस्सा लेने वाली। शिवानी ने ओलंपिक में महिलाओं की 200 मीटर फ्रीस्टाइल इवेंट में 2 मिनट 09 सेकेंड में पूरा किया था, लेकिन वह सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाइ नहीं कर सकी थी।
अचीवमेंट
निजी जानकारी
फिजिकल माप
विवाद
शिवानी कटारिया ने अपने प्रदर्शन के दम पर सुर्खियों में रही है, खासकरके जब वह रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाइ कर गयी थी। 21 साल की उम्र में शिवानी ने स्वीमिंग में काफी सभी को प्रेरणा देने का काम किया है।
नेटवर्थ
शिवानी कटारिया की नेटवर्थ को लेकर अभी किसी भी तरह की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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