श्रीलंका क्रिकेट टीम जिसने हमेशा से ही एक बेहतर खेल का प्रदर्शन का नमुना दिखाया है, बात वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल कि करें या फिर 2012 टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल कि दोनो ही टुर्नामेंट मे उम्मीद से बढकर प्रदर्शन किया है। क्रिकेट के खेल मे श्रीलंका टीम अंडररेटेड ही रही है लेकिन किसी भी खेल मे किसी भी टीम को कम नही आंका जा सकता है और क्रिकेट के खेल मे तो ये गलती बिलकुल भी नही कर सकते है। दो फाइनल गंवाने के बाद साल 2014 टी-20 वर्ल्ड कप मे वापसी करते हुए फाइनल मे भारतीय टीम को हराकर पहला टी-20 वर्ल्ड कप श्रीलंका ने अपनी झोली मे डाला था।
इस आर्टिकल हम आपको श्रीलंका टीम के 5 सबसे सफल कप्तानो के बारे मे बतायेगे। जिन्होने श्रीलंका टीम कि दशा और दिशा दोनो हि बदल दिया है।
5.अर्जुन राणातुंगा (1988-99)
आज के समय मे इस नाम को बहुत ही कम लोग जानते होगे लेकिन ये पहले वो कप्तान है जिन्होने श्रीलंका टीम को एक मात्र वनडे वर्ल्ड कप जीताया है या ये कहे की अर्जुन राणातुंगा के ही कप्तानी मे श्रीलंका टीम ने एक मात्र वनडे वर्ल्ड कप जीता है। अर्जुन राणातुंगा को साल 1988 मे रंजन मदुगले के कप्तानी छोडने के बाद कप्तानी सौंपा गया था। अर्जुन राणातुंगा ने साल 1988 से लेकर साल 1999 तक श्रीलंका टीम कि कप्तानी संभाली थी, अपने 11 साल के कप्तानी मे अर्जुन राणातुंगा ने श्रीलंका टीम के लिए सबसे ज्यादा 193 वनडे मैच मे कप्तानी की जिसमे से 89 मैचो मे जीत, 95 मैच मे हार और 9 मैच ड्रॉ या टाई रहा है। इसके अलावा अर्जुन राणातुंगा ने 56 टेस्ट मैच मे कप्तानी की जिसमे से 12 मैचो मे जीत, 19 मैच मे हार और 25 मैच ड्रॉ रहा है।
4.एंजलो मैथ्युज(2012-18)
श्रीलंका टीम के इस धाकड ऑलराउंडर को हम सभी जानते ही होगे, एंजलो मैथ्युज ने अपने स्लोअर गंदो से बल्लेबाजो को बहुत तंग किया है लेकिन हाल के 1-2 साल मे इस खिलाडी का वो प्रदर्शन नही दिखा है जिसके लिए एंजलो मैथ्युज वर्ल्ड क्रिकेट मे जाने जाते है। एंजलो मैथ्युज को साल 2013 मे महेला जयवर्धने के कप्तानी छोडने के बाद कप्तानी सौंपा गया था। एंजलो मैथ्युज ने साल 2012 से लेकर साल 2018 तक श्रीलंका टीम कि कप्तानी संभाली थी, अपने 6 साल के कप्तानी मे एंजलो मैथ्युज ने श्रीलंका टीम के लिए 106 वनडे मैच मे कप्तानी की जिसमे से 49 मैचो मे जीत, 51 मैच मे हार और 6 मैच ड्रॉ या टाई रहा है। इसके अलावा एंजलो मैथ्युज ने 34 टेस्ट मैच मे कप्तानी की जिसमे से 13 मैचो मे जीत, 15 मैच मे हार और 6 मैच ड्रॉ रहा है।
3.मर्वन अटापट्टु(2001-2006)
श्रीलंका टीम के इस बल्लेबाज को कुछ लोग जानते होगे क्योकि अपने करीयर के ढलते समय मे ये बल्लेबाज हद से ज्यादा ही ढल चुका था लेकिन श्रीलंका टीम को जीत कि आदत लगाने वाले कप्तानो मे उनका नाम भी आता है। मर्वन अटापट्टु को साल 2001 मे कप्तानी सौंपा गया था। मर्वन अटापट्टु ने साल 2001 से लेकर साल 2006 तक श्रीलंका टीम कि कप्तानी संभाली थी, अपने 5 साल के कप्तानी मे मर्वन अटापट्टु ने श्रीलंका टीम के लिए 63 वनडे मैच मे कप्तानी की जिसमे से 35 मैचो मे जीत, 27 मैच मे हार और 1 मैच ड्रॉ रहा है। इसके अलावा मर्वन अटापट्टु ने 18 टेस्ट मैच मे कप्तानी की जिसमे से 8 मैचो मे जीत, 6 मैच मे हार और 4 मैच ड्रॉ रहा है। मर्वन अटापट्टु श्रीलंका टीम के कार्यवाहक कप्तान रहे थे. इस खिलाडी को कभी पुर्णरुप से कप्तान नही बनाया गया था।
2.सनथ जयसुर्या(1998-2003)
श्रीलंका टीम के इस धाकड ऑलराउंडर को हम सभी जानते ही होगे, सनथ जयसुर्या ने अपने स्लोअर गंदो से बल्लेबाजो को बहुत तंग किया है और सिर्फ गेंद से नही बल्ले से विपक्षी टीमो को खुब रुलाया है। अगर ये कहे कि शायद ये पहले ऐसे ऑलराउंडर है, जो एक नियमित रुप ओपनर बल्लेबाज भी थे तो ये गलत नही होगा। किसी जमाने मे सनथ जयसुर्या श्रीलंका टीम को मजबुती प्रदान करते थे। सनथ जयसुर्या को साल 1999 मे अर्जुन राणातुंगा के कप्तानी छोडने के बाद कप्तानी सौंपा गया था। सनथ जयसुर्या ने साल 1998 से लेकर साल 2003 तक श्रीलंका टीम कि कप्तानी संभाली थी, अपने 5 साल के कप्तानी मे सनथ जयसुर्या ने श्रीलंका टीम के लिए 118 वनडे मैच मे कप्तानी की जिसमे से 66 मैचो मे जीत, 47 मैच मे हार और 5 मैच ड्रॉ या टाई रहा है। इसके अलावा सनथ जयसुर्या ने 38 टेस्ट मैच मे कप्तानी की जिसमे से 18 मैचो मे जीत, 12 मैच मे हार और 8 मैच ड्रॉ रहा है। सनथ जयसुर्या श्रीलंका टीम के कार्यवाहक कप्तान रहे थे साल 1999 मे इस खिलाडी को कभी पुर्णरुप से कप्तान बनाया गया था।
1.महेला जयवर्धने(2004-13)
श्रीलंका टीम के इस बल्लेबाज के नाम के साथ-साथ इस बल्लेबाज के कारनामो से भी वाकिफ है, एक बल्लेबाज के अलावा महेला जयवर्धने एक बेहतर कप्तान भी थे और ये बात हमे दो बार देखने को मिला है। इस कप्तान ने साल 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल और साल 2012 टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल मे श्रीलंका टीम को पहुंचाया था। महेला जयवर्धने को साल 2004 मे सनथ जयसुर्या के कप्तानी छोडने के बाद कप्तानी सौंपा गया था। महेला जयवर्धने ने साल 2004 से लेकर साल 2013 तक श्रीलंका टीम कि कप्तानी संभाली थी, अपने 9 साल के कप्तानी मे महेला जयवर्धने ने श्रीलंका टीम के लिए 126 वनडे मैच मे कप्तानी की जिसमे से 68 मैचो मे जीत, 49 मैच मे हार और 9 मैच ड्रॉ या टाई रहा है। इसके अलावा महेला जयवर्धने ने 38 टेस्ट मैच मे कप्तानी की जिसमे से 18 मैचो मे जीत, 12 मैच मे हार और 8 मैच ड्रॉ रहा है।
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