Famous Pair of Brothers in Pro Kabaddi: कबड्डी एक ऐसा खेल है, जिसमें शारीरिक और मानसिक रूप से खिलाड़ी को काफी मजबूती दिखानी पड़ती है और भारत में पिछले कुछ सालों में इस खेल को एक अलग ही रूप मिला है, जिस कारण इसमें खेलने वाले खिलाड़ियो को एक ऐसा मंच मिला जिसमें वह अपने हुनर को पूरी तरह से दिखा सकते हैं। कबड्डी को भारत के कुछ राज्यों में प्रमुख रूप से पसंद किया जाता है, जिसमें तमिलनाडु, महाराष्ट्रा, हरियाणा और पंजाब हैं, जहां इस खेल को अधिक खिलाड़ी मिले और प्रो कबड्डी के आने के बाद से पूरे देश में इस खेल को अलग ही जनून देखने को मिलता है।
रेसलिंग की ही तरह कबड्डी में भी ये खेल एक पीढी से अगली पीढी को मिलता है और इसमें किसी भी तरह का आश्चर्य नहीं होना चाहिए जब एक ही घर के दो लोग इस खेल में ना सिर्फ अपने नाम पर रौशन करते हैं, बल्कि बड़े मंच पर देश का सम्मान भी बढ़ाते हैं।
प्रो कबड्डी लीग में हम कुछ ऐसे ही उदाहरण देख चुके हैं और अब जब इस लीग का 7 वां सीज़न कुछ दिनों के बाद शुरू होने जा रहा तो हम आपको ऐसी 4 भाईयों की जोड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं जो अलग-अलग फ्रैंचाईज़ी के लिए इस लीग में खेल चुके हैं।
#1 नितिन माडने और क्रुष्णा माडने
महाराष्ट्र से आने वाली नितिन माडने और क्रुष्णा माडने की जोड़ी है, जहां नितिन ने प्रो कबड्डी के पहले सीज़न में खेलते हुए सबसे अधिक रेड करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में 10 वें स्थान पर थे और नितिन 12 बार खेलते हुए 101 रेड अंक बंगाल वॉरियर्स के बटोरे थे, लेकिन चोट के कारण वह सीज़न 2 और 3 में नहीं खेल सके थे।
जिसके बाद नितिन ने चौथे सीज़न में यू मुम्बा के लिए वापसी करते हुए अपने उसी शानदार खेल को जारी रखा जिसके बाद 5 वें सीज़न में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
वहीं दूसरी तरफ क्रुष्णा माडने एक कार्नर डिफेंडर हैं और उन्होंने भी प्रो कबड्डी लीग के तीसरे सीज़न में बंगाल वारियर्स के लिए अपना पहला मैच खेला लेकिन उन्हें एक ही मैच खेलने का मौका मिला।
लेकिन पिछला सीज़न क्रुष्णा के लिए काफी शानदार रहा क्योंकि विशाल भारद्वाज़ के चोट लगने के बाद क्रुष्णा को खेलने का मौका और उन्होंने डिफेंडर के तौर पर तेलगू टाइटंस के लिए शानदार किया। क्रुष्णा ने 6 बार में 11 टेकल अंक बटोरे जिसमें उनका औसल 1.83 का हर मैच में रहा और इसी कारण 7 वें सीज़न में भी तेलगू की टीम ने उन्हें रिटेन रखने का फैसला लिया।
#2 धर्मराज़ गोपू और धर्मराज़ चेरलाथन
Famous Pair of Brothers in Pro Kabaddi: दोनों ही भाई डिफेंडर हैं और तमिलनाडू से आते हैं, जहां पर वह इस खेल के एक जाने माने चेहरे हैं। दोनों ही भाईयों ने प्रो कबड्डी में अपने करियर की शुरूआत 2014 के पहले सीज़न में एक साथ की लेकिन अलग-अलग टीमों के लिए।
जहां डी. गोपू ने तेलगू टाइटंस के लिए अपना पहला मैच खेला था, तो वहीं धर्मराज चेरलाथन ने बेंगलूरू बुल्स के लिए। गोपू को अधिक खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन 34 मैचो में 51 अंक प्रो कबड्डी के 5 सीज़न में बटोरे।
वहीं चेरलाथन को लोग अन्ना के नाम से अधिक जानते हैं और उन्होंने 99 मैचो में 256 अंक बटोरे जो गोपू से कहीं अधिक है, साथ पटना पाइरेट्स को चेरलाथन ने अपनी कप्तानी में विजेता बनाया था।
जहां गोपू को इस सीज़न की निलामी के दौरान किसी ने नहीं खरीदा तो वहीं चेरलाथान को हरियाणा स्टीलर्स ने 38.5 लाख रूपये में निलामी के दौरान अपनी टीम में शामिल किया है।
सूरज देसाई ने प्रो कबड्डी लीग के दूसरे सीज़न में जयपुर पिंक पैंथर्स की टीम में शामिल किए गए थे, जिसके बाद 5 वें सीज़न में दबंग दिल्ली की भी टीम में शामिल किए गए लेकिन अभी तक उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका है।
वहीं दूसरी तरफ सिधार्थ देसाई ने अपने प्रदर्शन से सभी को आश्चर्य में डाल जिया औऱ पिछले साथ यू मुम्बा के लिए डेब्यू करते हुए सिधार्थ ने 4 मैचो में 50 रेड अंक करके प्रो कबड्डी लीग के इतिहास में ऐसा करने वाले सबसे तेज़ खिलाड़ी बन गए।
सीज़न 6 में सिधार्थ देसाई काफी बड़े स्टार रहे थे और उन्होंने 21 मैचो में 221 अंक बटोरे जिसमें सिधार्थ का औसत हर मैच में 10.38 का रहा है जो सीज़न के खत्म होने के बाद तीसरा सबसे अधिक था।
अपने इस शानदार प्रदर्शन के कारण सिधार्ध को इस सीज़न की निलामी में काफी महंगे में खरीदा गया जिसमें तेलगू टाइटंस ने उन्हें 1.45 करोड़ में खरीदा और अब दोनों ही भाई इस सीज़न में एक ही टीम से खेलते हुए दिख सकते हैं।
#4 परवेश बेंसवाल और सुशील कुमार मलिक
Famous Pair of Brothers in Pro Kabaddi: बेंसवाल जो हरियाणा के सोनीपत का एक छोटा सा कस्बा है वहां से आने वाले मलिक भाईयों की जोड़ी परवेश और सुनील प्रो कबड्डी लीग के सबसे शानदार डिफेंडर खिलाडियों में से एक हैं।
दोनों ही भाईयों ने सीज़न 4 अपना डेब्यू किया था, जिसमें पटना पाइरेट्स के लिए सुनील तो परवेश ने जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए और शानदार सीज़न बीतने के बाद इन दोनों को अगले सीज़न में गुजरात सुपरजाएंट्स की टीम ने ले लिया था।
कोच मनप्रीत सिंह की देखरेख में दोनों ने भाईयों ने टीम में मौजूद फजले अत्राचली और अबोजर मिघानी के साथ मिलकर उस सीजन में कुल 105 टेकल अंक बटोरे थे, जिसमें एक हाई 5 ने टीम को फाइनल में पहुंचाया था।
अपने शादार प्रदर्शन के कारण सुनील को पिछले सीज़न में टीम का कप्तान बना दिया गया था जहां दोनों ही भाईयों की जोड़ी ने एकबार फिर से शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचाया था और इन दोनों के इसी प्रदर्शन को गुजरात फॉर्च्यून जायंट्स ने 7 वें सीज़न के लिए दोनों को 75 लाख रूपयें में निलामी के दौरान रिटेन कर लिया था।
आपको ये भी रोचक लगेगा:
साल 2021 IPL के बाद IPL का पन्ना बढकर 13 पन्नो का हो जायेगा, इसके…
भारत का त्योहार मतलब की IPL एक बार फिर लोगो के बिच में मनोरंजन के…
IPL आज के समय में सबसे ज्यादा पसंदीदा लीग बना हुआ है और इस बात…
साल 2021 का IPL जल्द ही शुरु होने वाला है, 18 फरवरी को हुए ऑक्शन…
हम सभी जानते है की IPL फ्रेंचाइजी को खिलाडीयों को रिटेन और रिलीज के बारे…
हर साल का IPL बिते हुए IPL से ज्यादा मनोरंजक और रोमांचित होता है या…