भारत के एक बिजनसमैन होने के साथ शूटिंग में शानदार खिलाड़ी अभिनव बिंद्रा जो 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में हिस्सा लेते हैं। शूटिंग में पहले से ही दिलचस्पी होने की वजह से अभिनव ने काफी सारे बड़े इवेंट में पदक जीते जिसमें वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक में पदक जीतना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
शुरूआती जीवन
अभिनव बिंद्रा पहले ऐसे भारतीय खिलाड़ी बने जिन्होंने एकेले 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में गोल्ड मेडल को अपने नाम पर किया और यह साल 1980 के बाद भारत का ओलंपिक में पहला गोल्ड मेडल था। बिंद्रा एकलौते ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने वर्ल्ड और ओलंपिक गेम के टाइटल अपने नाम पर किये हैं।
साल 2008 में बिजिंग में हुए ओलंपिक गेम्स में बिंद्रा ने अकेले गोल्ड मेडल जीतते हुए पूरे देश का सम्मान बढ़ाया था। इसके अलावा ISSF वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप साल 2006 में गोल्ड मेडल और साल 2014 में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल बिंद्रा ने जीते।
निजी जीवन
इस भारतीय शूटर खिलाड़ी का जन्म 28 सितम्बर को एक अमीर पंजाबी परिवार में हुआ था। अभिनव के पिता अपजीत बिंद्रा और मां बबली बिंद्रा ने उनके करियर को सफल बनाने में अहम भूमिका अदा की है। अभिनव ने अपनी शूटिंग की शुरुआत दून स्कूल से की थी, लेकिन बाद में वह सेंट स्टीफन स्कूल चंड़ीगढ में ट्रांसफर हो गए।
बिंद्रा जब दून स्कूल में थे, तो उस समय ही उन्होंने शूटिंग को चुन लिया था और उनके माता-पिता ने घर में ही एक इंडोर शूटिंग की व्यवस्था उनके लिए कर दी। शूटिंग में करियर की शुरूआत में बिंद्रा को डॉ. अमित भट्टाचार्यजी और लेफ्टीनेंट कर्नल ढिल्लन ने मार्गदर्शक की भूमिक अदा की और दोनों ने ही अभिनव के अंदर एक शूटर को पहचान लिया था।
अभिनव ने खुद इस बात को कबूला था, कि उनके अंदर शूटिंग की कोई प्रतिभा नहीं है, लेकिन जैसे-जैसे वह अधिक अभ्यास करते जा रहे हैं, उससे वह बेहतर हो रहे हैं। शुरू में ही अभिनव ने डिस्ट्रिक लेवल शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतने का सपना देखा था और उसे हासिल भी किया और इसी कारण वह अपने ओलंपिक पदक से इस डिस्ट्रिक लेवल के गोल्ड मेडल को तवज्जो देते हैं। पूरे करियर में लगातार कड़ी मेहनत की वजह से अभिनव ने इस सफलता को हासिल किया है।
अभिनव बिंद्र ने यूएस की कोलराडो यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिस्ट्रेशन का कोर्स भी किया है और वह अभिनव फ्यूटरिस्टिक के सीईओ हैं और वह भारत की एकमात्र वाल्टर आर्म्स की डिस्ट्रीब्यूटर है। बिंद्रा के पास बीएसनल, दी सहारा ग्रुप और सैमसंग की भी स्पांसरशिप हैं। इसके अलावा वह इंडियन चैंम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री स्पोर्ट्स कमेटी के भी एक सदस्य हैं। वहीं अभिनव स्टेट रन स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के भी ब्रांड अम्बेसडर हैं।
प्रोफेशनल लाइफ
15 साल की उम्र में बिंद्र ने साल 1998 के कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेकर सबसे युवा खिलाड़ी बन गए थे। लेकिन उनके करियर की शुरूआत उस समय हुई जब उन्होंने साल 2001 में म्यूनिक वर्ल्ड कप में 600 में से 597 का रिकॉर्ड स्कोर करते हुए कांस्य पदक जीता था। वहीं साल 2000 के ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले वह सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी थे।
साल 2001 में अभिनव ने कई इंटरनेशनल इवेंट से कुल 6 गोल्ड मेडल जीते जिसके बाद उन्हें उसी साल राजीव गांधी खेल रत्न भी दिया गया। वहीं साल 2002 में अभिनव ने एयर राइफल में गोल्ड मेडल जीतने के साथ व्यक्तिगत इवेंट में सिल्वर पदक जीता। ओलंपिक में रिकॉर्ड प्रदर्शन करने के बावजूद अभिनव साल 2004 के एथेंस ओलंपिक मे पदक जीतने में कामयाब नहीं हो सके।
साल 2006 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में अभिनव पहले भारतीय शूटर बने जिन्होंने गोल्ड जीता, वहीं इसी साल उन्होंने मेलबर्न में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता, लेकिन अपनी पीठ में समस्या होने की वजह से अभिनव साल 2006 के एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके, जिसके बाद वह लगभग 1 साल तक शूटिंग से दूर रहे।
चोट से पूरी तरह से उबरने के बाद अभिनव ने जोरदार वापसी करते हुए ISSF वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में ना सिर्फ गोल्ड मेडल जीता बल्कि उन्होंने बिजिंग में होने वाले साल 2008 के ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाइ कर लिया। इसके बाद बिजिंग ओलंपिक में अभिनव ने पुरूषो की 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। ओलंपिक में पदक जीतने के बाद अभिनव को केंद्र सरकार और राज्य सरकार की तरफ से कई पुरस्कार भी मिले।
अवार्ड्स
अचीवमेंट
एशियन गेम्स
वर्ल्ड चैंपियनशिप
साल 2006 में जैगरेब में हुई चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता।
ओलंपिक गेम्स
साल 2008 मे बिजिंग में हुए गेम्स में 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता।
कॉमनवेल्थ गेम्स
निजी जानकारी
विवाद
अपने करियर में शानदार सफलता हासिल करने के अलावा अभिनव बिंद्रा ने दूसरे खिलाड़ियो को लेकर दिये अपने बयान को लेकर भी काफी सुर्खियां बटोरी हैं, जिस कारण इस शूटर खिलाड़ी को कुछ विवादों का भी सामना करना पड़ा है।
एकबार बिंद्रा ने एक विवादास्पद बयान देते हुए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को लेकर कहा था, कि किसने गांगुली से कहा है, कि वह राजनीति में शामिल ना हो, मुझे इस बात का पता है, कि वह एक राजनीति खेल प्रशासक हैं, आपको यह पता करना चाहिए कि वह किस तरह से एक प्रशासक रूप में आगे बढ़े।
इसके बाद अभिनव बिंद्रा ने उस समय सुर्खियां बटोरी जब यह खबर आयी कि साल 2022 में बर्मिंघम में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से शूटिंग को बाहर रखा जाएगा। जिसको लेकर अभिनव ने इसे सही फैसला नहीं बताया था।
ओलंपिकम में गोल्ड मेडल जीतने वाले अभिनव ने जब अपने कोच को लेकर बयान दिया तो उसमें भी उन्हें विवाद का सामना करना पड़ा था, जिसमें उन्होंने कहा था, कि मेरे सबसे बड़े टीचर मेरे कोच उवे थे, जिन्हें मैं बिल्कुल भी पसंद नहीं करता था, लेकिन इसके बावजूद मैने उनके साथ 20 साल बिताये। वह अक्सर मुझे कई चीज़े बताते थे, जिसको मैं कभी नहीं सुनता था। वहीं जब अभिनव ने विश्वनाथन आनंद की नागरिकता को लेकर सवाल खड़े किए थे, तो भी वह सुर्खियों में आ गये थे।
नेटवर्थ
अभिनव बिंद्रा की नेटवर्थ को लेकर बात करी जाए तो इस शूटर खिलाड़ी के पास 1 मिलियन डॉलर के आसपास नेटवर्थ होने का अनुमान लगाया गया है।
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