भारत के गोल्ड मेडेलिस्ट एथलेटिक खिलाड़ी अंकित शर्मा जो लॉन्ग जम्प इवेंट में हिस्सा लेते हैं। अंकित के नाम पर राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं, जो उन्होंने साल 2016 के गेम्स में बनाया था। रियो ओलंपिक के लिए क्वॉलीफाइ करने वाले अंकित अपने राज्य के पहले खिलाड़ी थे।
शुरूआती जीवन
अपने पिता से प्रेरणा लेकर अंकित शर्मा ने बचपन में ही लॉन्ग जम्प में अपना करियर बनाने की सोच ली थी। अंकित के हाथों में सफलता जल्द ही लगी जब 13 साल की उम्र में उन्हें भोपाल में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लिए चयन कर लिए गए। निशाद कुमार और बेड्रोस बेड्रोसियन के अंडर में अंकित ने अपनी ट्रेनिंग की जिससे वह कई इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन कर सके।
लॉन्ग जम्प में अपना करियर बनाने से पहले अंकित ने खेलो में अपना हाथ आजमाया। अंकित के माता-पिता उनके एथलेटिक बनने की जर्नी में हमेशा हौसला बढ़ाते रहे जिससे वह देश के लिए एथलेटिक्स में खिताब जीत सके।
निजी जीवन
अंकित शर्मा का जन्म 20 जुलाई 1992 को उत्तर प्रदेश के पिनहट टॉउन में हुआ था। अंकित के पिता का नाम मिथलेश शर्मा है, जो एक रिटायर्ड सरकारी टीचर होने के साथ लॉन्ग जम्पर खिलाड़ी भी थे। अंकित की मां का नाम हरनाथ शर्मा है, जो भी एक टीचर हैं, अंकित का परिवार मध्यप्रदेश के मुरैना जिले का रहने वाला है।
जिसके बाग वह अंकित के जन्म से कुछ साल पहले पिनहट आकर बस गए थे। अंकित ने अपनी शुरूआती पढ़ाई मुरैना से की जिसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई भोपाल की वहीं अंकित का बड़ा भाई भी एक एथलीट है। अंकित बचपन से ही अपने पिता से काफी प्रेरणा लेते थे, जो पहले एक लॉन्ग जम्पर खिलाड़ी थे।
काफी संघर्ष के बाद अंकित ने आज इस मुकाम को हासिल किया। अंकित को लेकर उनके परिवार ने कभी नहीं सोचा था, कि वह एक दिन ओलंपिक में अपनी जगह को पक्का करेंगे जिस कारण उनकी सफलता की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। इस मुकाम तक अंकित ने पहुंचने के लिए लगभग 4 सालों तक अपने परिवार से दूर रहे थे।
अंकित पहले एक क्रिकेट खिलाड़ी बनना चाहते थे, लेकिन मुरैना में अधिक संसाधन ना मिलने की वजह से उन्होंने इसे खेलना छोड़ दिया। 8 साल की उम्र में अंकित ने जैवलिन थ्रो की स्किल्स सीखना शुरू किया लेकिन उनके कोच ने उन्हें लॉन्ग जम्प में हाथ आजमाने की सलाह दी, जिसके बाद अभ्यास में शर्मा ने काफी अच्छा किया। जिसके बाद उनके परिवार ने अंकित की इस प्रतिभा को देखने के बाद उन्हें इसी खेल में अपना करियर बनाने की सलाह दी। साल 2015 में अंकित का चयन इनकम टैक्स विभाग में टैक्स इंस्पेटर के पद पर हुआ जिसमें उन्हें चेन्नई में पोस्टिंग मिली।
प्रोफेशनल लाइफ
27 साल के अंकित ने काफी कड़ी मेहनत के बाद अपने एथलीट करियर को संवारा है। अंकित ने साल 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में अंकित ने हिस्सा लिया था, लेकिन वह पदक हासिल नहीं कर सके। वहीं साल 2010 के एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के बाद उन्हें साल 2014 के एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेने दिया गया।
जिसके बाद अंकित को काफी निराशा हुई लेकिन उन्होंने तिरुवन्नतंपुरम में हुये नेशनल गेम्स में जोरदार वापसी करते हुए 8 मीटर का मार्क पार करते हुए 5 वीं पोजीशन हासिल की थी। 2015 में अपनी इस जीत को आगे बढ़ाते हुए साल 2016 में हुए साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के साथ 27 का रिकॉर्ड भी तोड़ा था। साल 2016 में अंकित ने नेशनल रिकॉर्ड को जी. कोसानोव मेमोरियल मीट जो कजाकिस्तान में हुई थी, उसमें तोड़ा जिसके साथ ही वह 2016 के रियो ओलंपिक के लिए भी क्वॉलीफाइ कर गए।
अवार्ड्स
विक्रम अवार्ड
अचीवमेंट
निजी जानकारी
विवाद
अंकित शर्मा उस समय ख़बरो में आये थे, जब उन्हें एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अंकित को डिपोट करते हुए उनके ऊपर अनुसाशनहीन कार्यवाही बताया, क्योंकि वह एएफआई और स्पोर्ट्स अथॉरिटी इंडिया ने मिलकर तिरुवनंतपुरम में हुए कैंप को छोड़ दिया था, लेकिन शर्मा ने अपने उपर लगे इन सभी आरोपों को गलत बताया।
जिसके बाद एएफआई ने इस विवाद को खत्म करते हुए उन्हें चैंपियनशिप के लिए शामिल किया। इसके अलावा अंकित ने अपने शानदार प्रदर्शन की वजह से भी कई बार सुर्खियां बटोरी हैं।
नेटवर्थ
अंकित शर्मा की नेटवर्थ को लेकर बात करी जाए तो वह एक सरकारी कर्मचारी हैं, साथ ही इसको लेकर अभी सही जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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