भारतीय रेसलिंग खिलाड़ी बजरंग पूनिया जो हरियाणा के एक छोटे से गांव से आते हैं, वह 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल रेसलिंग इवेंट में हिस्सा लेते हैं। साल 2013 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में 60 किलोग्राम कैटेगरी में जब बजरंग ने कांस्य पदक जीता था, तो उस समय सभी का ध्यान उनके उपर गया था। रेसलिंग की दुनियां में बजरंग को अपना परचम लहराने में समय जरूर लगा लेकिन मौजूदा समय में वह इस खेल के टॉप पर कायम हैं।
शुरूआती जीवन
26 फरवरी 1994 को हरियाणा के झज्झर डिस्ट्रिक में बजरंग पूनिया का जन्म हुआ था। 7 साल की उम्र में बजरंग ने अपने गांव में कुश्ती खेलना शुरू किया था। बजरंग के पिता चाहते थे, कि वह उनका बेटा इस खेल में आगे बढ़े और इस कारण पूरा परिवार सोनीपत आकर बस गया जिससे वहां पर मौजूद स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का रीजनल सेंटर में बजरंग ट्रेनिंग ले सके। वर्तमान में बजरंग भारतीय रेलवे में टिकट चेकर के पद पर नौकरी कर रहे हैं।
निजी जीवन
हरियाणा के झज्जर में जन्म लेने वाले बजरंग पूनिया इस समय 25 के साल हैं और एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं। बजरंग के पिता ने अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए कभी किसी तरह की कमी नहीं होने दी जिस कारण आज पूनिया विश्व स्तर पर एक शानदार रेसलिंग खिलाड़ी बन सके।
प्रोफेशनल जीवन
अपने करियर में बजरंग पूनिया ने पहला पदक साल 2013 की एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में जीता, जहां पर उन्हें 60 किलोग्राम कैटेगरी फ्रीस्टाइल रेसलिंग इवेंट में साउथ कोरिया के खिलाड़ी से हार मिलने के बाद कांस्य पदक के साथ संतोष करना पड़ा था। इसी साल बजरंग ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में पुरुष फ्रीस्टाइल 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइट रेसलिंग इवेंट में कांस्य पदक जीता।
वहीं साल 2014 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में बजरंग पूनिया ने पुरुष फ्रीस्टाइल 61 किलोग्राम रेसलिंग इवेंट में हिस्सा लिया जिसके फाइनल में उन्हें कनाडा के खिलाड़ी से हार मिलने के बाद सिल्वर पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं बजरंग ने साल 2014 में हुए एशियन गेम्स में 61 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर पदक जीता था।
इसके बाद बजरंग ने साल 2017 में नई दिल्ली में हुई एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। वहीं साल 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स बजरंग ने पुरुष 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल रेसलिंग कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। इसी साल हुए एशियन गेम्स में बजरंग ने पुरुष 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल रेसलिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। साल 2018 में बजरंग ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेते हुए सिल्वर पदक जीता।
सम्मान
अचीवमेंट
निजी जानकारी
शारीरिक माप
विवाद
जब साल 2018 में बजरंग पूनिया को खेल रत्न पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया तो इस भारतीय रेसलिंग खिलाड़ी अपना गुस्सा स्पोर्ट्स मिनिस्टर पर निकालने का काम करते हुए आरोप लगाया कि उनकी वजह नाम को लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।
इस मामले को लेकर बजरंग पूनिया ने बयान देते हुए कहा था कि, मुझे नहीं पता कि चयन किस आधार पर किया जाता है, क्योंकि मेरे खाते में 80 अंक थे, जिस कारण मैं बाकियों से काफी आगे था। बजरंग ने इसको लेकर अपनी शिकायत भी दर्ज करवायी थी।
स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री ने बजरंग पूनिया के इन आरोपों को लेकर किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
नेटवर्थ
बजरंग पूनिया की नेटवर्थ को लेकर बात करी तो वह 2 करोड़ रूपये के आसपास होने का अनुमान लगाया गया है।
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