Surprising Cricket Stats: किसी भी स्पोर्ट्स में खिलाड़ी को सफलता और असफलता के दौर से गुजरना ही पड़ता है और अपने करियर के दौरान वह कुछ अच्छे और कुछ बुरे रिरॉर्ड्स भी बनाते हैं। Cricket एक ऐसा खेल जहां पर किसी भी खिलाड़ी को रिकॉर्ड बनाने के काफी मौके मिलते हैं, किसी और स्पोर्ट्स के मुकाबले।
काफी सारे महान खिलाड़ियों ने इस खेल में अपने योगदान के जरिए ऐसे रिकॉर्ड्स बनायें हैं, जिन्हें किसी के लिए भी तोड़ पाना बेहद मुश्किल भरा होता है।
आयरलैंड ने जिस तरह से विश्वकप के मैच में 300 से अधिक रनो के लक्ष्य का पीछा करके एक रिकॉर्ड बनाया था, वह Cricket खेल को लेकर यह दर्शाता है, कि यह कितना अनिश्चताओं से भरा हुआ है। सिर्फ कोई टीम ही इस खेल में रिकॉर्ड नहीं बनाती है, बल्कि एक खिलड़ी निजी तौर पर ऐसे रिकॉर्ड्स बना जाता है, जो सभी के लिए आश्चर्य की बात हो जाती है।
आज हम ऐसे ही 5 रिकॉर्ड्स के बारे में आपको बतायेंगे जिनको जानकर आप अचम्भे में पड़ जायेंगे।
#1 सचिन तेंडुलकर वनडे में एकलौते ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने आखिरी ओवर में 6 या उससे कम रन 2 बार बचाए
Surprising Cricket Stats: टी20 क्रिकेट आने के बाद हर बल्लेबाज़ का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया जिससे वह अंतिम के ओवरो में 10 रन की गती से भी अधिक तेज़ी से रन बना सकते हैं और आईसीसी वर्ल्डकप 2019 में हमें यह देखने को भी मिला था, गेंदबाज़ो के लिए किसी भी बल्लेबाज़ को रोक पाना आसान काम नहीं रहा जिसका एक प्रमुख कारण बाउंड्री का छोटा होना भी रहा है।
किसी भी टीम के लिए अब अंतिम ओवरो में 10 से 12 रन बचा पाना काफी मुश्किल भरा हो गया है, क्योंकि बल्लेबाज़ ओवर में 2 बाउंड्री लगाकर भी आसानी से मैच में टीम को जीत दिला सकता है, जिसमें 6 रन को बचाने के बारे में तो कोई सोच भी नहीं सकता है।
लेकिन जैसा की हमने पहले ही कहा कि, Cricket ऐसा खेल है, जो अनिश्चताओं से भरा हुआ है और इसी कारण Cricket इतिहास में एक ऐसा गेंदबाज़ है, जिसने 2 बार 6 या उससे कम रन अपने ओवर में बचाकर टीम को जीत दिलाई है।
सचिन तेंडुलकर जिन्हें क्रिकेट में भगवान की तरह माना जाता है, उन्होंने अपने बल्ले के अलावा गेंद से भी कमाल दिखाया है और एकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 2 बार ये कारनामा किया है।
तेंडुलकर ने पहली बार साल 1993 के हीरो कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में पहली बार ऐसा किया था, जब उस समय टीम के कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने आखिरी ओवर सचिन को दिया जिसके बाद पहली गेंद पर ब्रायन मैक्लिन ने प्वाइंट की तरफ खेलकर 2 रन लेने के लिए दौड़ पडे जिसमें फैनी डीविलर्स दूसरा रन पूरा नहीं कर सके और रन ऑउट हो गए।
इसके बाद बल्लेबाज़ी के लिए उतरे एलन डोनाल्ड ने अगली 2 गेंदो पर कोई रन नहीं बनायें जिसके बाद चौथी गेंद पर डोनाल्ड ने एक रन लिया और 5 वीं गेंद पर भी कोई रन ना बनने की वजह से अफ्रीका को आखिरी गेंद पर 4 रन बनाने थे लेकिन सिर्फ 1 रन ही बनने की वजह से भारतीय टीम ने मैच में 2 रनों से जीत हासिल की।
दूसरी बार सचिन ने ये कारनामा 1996 में हुए टाइटन कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया जिसमें कंगारू टीम को आखिरी ओवर में 6 रन जीत के लिए चाहिए थे, लेकिन उनके पास विकेट सिर्फ 1 बचा था और ब्रैड हॉग ने पहली गेंद पर 1 रन लेने के चक्कर में रन ऑउट हो गए और भारतीय टीम उसी समय मैच जीत गयी।
#2 वनडे में सनथ जयसूर्या के शेन वार्न से अधिक विकेट हैं
सनथ जयसूर्या को Cricket जगत में एक आक्रामक बल्लेबाज़ के तौर पर जाना जाता था साथ ही वह टीम के लिए 5 वें गेंदबाज़ की भूमिका को भी बखूबी तौर पर निभाते हुए दिखते थे। लेकिन काफी कम लोग ही इस बात को जानते हैं, कि जयसूर्या अपने Cricket करियर के शुरूआती दिनों में एक गेंदबाज़ की हैसियत से टीम में शामिल हुए थे, जो थोड़ी बल्लेबाज़ी भी कर सकता है।
लेकिन जिस तरीके से जयसूर्या ने बल्लेबाज़ी की उसको देखने के बाद सभी उन्हें एक गेंदबाज़ के तौर पर उतनी तवज्जो देना भूल गए और इसके अलावा टीम में मुथैया मुरलीधरन और चमिंडा वास जैसे गेंदबाज़ होने की वजह से भी ऐसा हुआ क्योंकि विपक्षी बल्लेबाज़ जयसूर्या की गेंदबाज़ी में अधिक तेज़ी से रन बनाने के लिए देखते थे।
जयसूर्या अपनी गेंदबाज़ी में गति का काफी अच्छे से प्रयोग करते थे साथ ही वह बल्लेबाज़ को किसी भी तरह का रूम नहीं देते थे, जिससे वह खुलकर शॉट खेल सके। साल 1996 के विश्वकप में जयसूर्या ने महत्तवपूर्ण समय पर टीम को विकेट निकालकर दिए।
वनडे करियर में जयसूर्या ने कुल 323 विकेट हासिल किए जो दिग्गज़ स्पिन गेंदबाज़ शेन वार्न के वनडे करियर से 30 विकेट अधिक हैं। वार्न का वनडे करियर काफी विवादो के दौर से गुजरा हैं जिस कारण वह काफी समय तक खेल से दूर भी रहे हैं, जिसमें साल 2003 के विश्वकप से ठीक पहले उनके उपर लगा 1 साल का बैन भी सभी को याद हैं।
लेकिन जयसूर्या ने वार्न के मुकाबले 250 वनडे मैच अधिक खेले हैं, जिस कारण वह इस लेग स्पिनर से विकेट लेने के मामले में आगे खड़े हुए दिखाई देते हैं।
#3 वसीम अकरम का टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर सचिन, पोटिंग और कैलिस से अधिक हैं
Surprising Cricket Stats: सचिन तेंडुलकर, रिकी पोटिंग और जैक्स कैलिस इन तीनों ही खिलाड़ियों के नाम पर टेस्ट Cricket में किसी और खिलाड़ी के मुकाबले सबसे अधिक रन दर्ज हैं। इन तीनों ने ही जिस तरह से टेस्ट Cricket खेलते हुए लगातार रन बनायें हैं, वह किसी भी खिलाड़ी के लिए एक प्रेरणा देने का काम करती है।
ये तीनों ही एक ग्रुप के खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने करियर के दौरान हर विपक्षी टीम के खिलाफ किसी भी हालात मे रन बनायें हैं और इसमें इन्होंने कई ऐसी पारियां भी खेली हैं, जिससे टीम को जीत हासिल हुई है, लेकिन एक काम ये तीनों ही अपने टेस्ट करियर में नहीं कर सके जिसमें वह एकबार भी 300 से अधिक रनों की पारी नहीं खेल सके।
कैलिस ने जहां अपने टेस्ट करियर में 224 रनों की सबसे रनों की पारी खेली तो वहीं सचिन ने 248 रनों की नाबाद और पोटिंग ने 257 रनों की लेकिन इन तीनों से अधिक स्कोर पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने एक टेस्ट पारी में नाबाद 257 रनों की पारी खेली हैं।
#4 क्रिस स्कॉट एकलौते ग्राउंड्समैन जिन्हें मैन ऑफ दी मैच का अवार्ड मिला
मैन ऑफ दी मैच का अवार्ड मैच में उस खिलाड़ी को दिया जाता है, जिसने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया हो। बल्लेबाज़ या फिर गेंदबाज़ को हमेशा ये अवार्ड दिया जाता है, या फिर किसी खिलाड़ी ने अपनी फील्डिंग के जरिए पूरे मैच का परिदृश्य ही बदलकर रख दिया हो।
काफी कम ऐसे मौके आये हैं, जब इस अवार्ड को किन्ही 2 खिलाड़ियों या फिर टीमों के बीच साझा तौर पर दिया गया हो। लेकिन साल 2000 की दिसम्बर में दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड के बीच हुए मैच में वांडर्स स्टेडियम के ग्राउंड्समैन क्रिस स्कॉट को यह अवार्ड दिया गया था।
टेस्ट मैच के पहले दिन काफी तेज़ बारिश होने की वजह से कोई खेल नहीं हो सका और मैदान को दूसरे दिन भी खेल के लिए तैयार करना असम्भव दिख रहा था, लेकिन ग्राउंड्समैन ने कड़ी मेहनत करके दूसरे दिन 99 ओवरो का खेल कराया जिसके बाद तीसरे और चौथे दिन भी बारिश की वजह से खेल नहीं हो सका।
जब अम्पायरों को लगा कि 5 वें दिन के खेल के बाद भी कोई परिणाम हासिल नहीं किया जा सकता है, तो स्कॉट और उनकी टीम के सराहनीय प्रदर्शन को देखते हुए मैच ऑफीशीयल ने उन्हें मैन ऑफ दी मैच का खिताब देने का फैसला लिया।
#5 वनडे में सचिन के नाम वार्न से अधिक हैं, एक मैच में 5 विकेट लेने का कारनामा
Surprising Cricket Stats: शेन वार्न की गेंदबाज़ी में सबसे बड़ी बात यह थी, कि वह ऐसे विकेट हासिल करते थे, जिसको लेकर कोई भी कल्पना नहीं कर सकता है। वार्न का टेस्ट करियर काफी शानदार रहा है और उन्होंने 708 विकेट अपने करियर में हासिल किए हैं।
अपने टेस्ट करियर के लगभग 60 प्रतिशत से अधिक मैच वार्न ने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में खेले जहां पर इस गेंदबाज़ ने 448 विकेट हासिल किए हैं, लेकिन वार्न का वनडे करियर काफी छोटा रहा है।
लिमिटेड ओवरो में भी वार्न काफी घातक गेंदबाज़ थे लेकिन उनके नाम पर वनडे Cricket में सिर्फ 1 मैच में 5 विकेट लेने का कारनामा दर्ज है, जो उन्होंने साल 1996 में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ मैच में हासिल किया था।
वहीं दूसरी तरफ सचिन तेंडुलकर के नाम पर 2 बार वनडे Cricket में 5 विकेट लेने का कारनामा दर्ज हैं।
सचिन एक लेग स्पिनर गेंदबाज़ के तौर पर भी काफी असरदार थे और उन्होंने अपने करियर के दौरान कई यादगार स्पैल भी किए हैं। सचिन ने वनडे में अफना पहला 5 विकेट हॉल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1998 में कोच्ची में हुए वनडे मैच में हासिल किया था। जिसमें कंगारू टीम 310 रनों के लक्ष्य का पीछा करती हुई 3 विकेट के नुकसान पर 203 रन बना चुकी थी, जिसके बाद सचिन ने स्टीव वॉ, माइकल बेवन और डेमियन मार्टिन का विकेट झटककर कंगारू टीम का स्कोर 9 विकेट के नुकसान पर 259 रन कर दिया।
इसके बाद सचिन ने अपना दूसरा 5 विकेट हॉल भी कोच्ची के इसी मैदान में साल 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मैच में हासिल किया। सचिन के स्पैल के कारण भारतीय टीम ने उस मैच में 87 रनों से जीत हासिल की थी।
साल 2021 IPL के बाद IPL का पन्ना बढकर 13 पन्नो का हो जायेगा, इसके…
भारत का त्योहार मतलब की IPL एक बार फिर लोगो के बिच में मनोरंजन के…
IPL आज के समय में सबसे ज्यादा पसंदीदा लीग बना हुआ है और इस बात…
साल 2021 का IPL जल्द ही शुरु होने वाला है, 18 फरवरी को हुए ऑक्शन…
हम सभी जानते है की IPL फ्रेंचाइजी को खिलाडीयों को रिटेन और रिलीज के बारे…
हर साल का IPL बिते हुए IPL से ज्यादा मनोरंजक और रोमांचित होता है या…