Cricket रूल्स:- खेलों में सबसे लोकप्रिय खेल है | यह खेल सबसे पहले दक्षिण इंग्लैंड में खेला गया | इसके बारे सबसे पहले खेले जाने का वर्णन १५९८ में मिलता है | अब यह खेल १०० से अधिक देशों में खेला जाता है | इसके कई प्रकार हैं ,यह एक बैट और गेंद से खेले जाने वाला खेल है |अनेक देशों में यह अलग अलग ढंग से भी खेला जाता है अलग अलग नियमों के साथ ,पर हम अभी इसके प्रचलित रूप के बारे में ही बात करेंगे | भारत जैसे विशाल देश मे इसके करोड़ों चाहनेवाले हैं।
छोटी उम्र के बच्चों से लेकर बडी उम्र वाले प्रशंसक भी बल्ला और गेंद लेकर इसे खेलते दिखाई देते हैं।यह एक बाहर मैदान में खेले जाने वाला खेल है | दिन और रात इसको फ्लड लाइट्स में भी खेला जाता है | जैसे गरमी के मौसम में इसे संयुक्त राजशाही, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका में खेला जाता है जबकि वेस्ट इंडीज, भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश में ज्यादातर मानसून के बाद सर्दियों में खेला जाता है।
इस खेल में ग्यारह खिलाड़ी होते हैं दो टीम होतीं हैं और यह एक बड़े मैदान पर घास के जिसे पिच कहा जाता है उस पर खेला जाता है |हर टीम में ग्यारह खिलाड़ी में विभिन्न क्षमताओं वालें खिलाड़ी होते हैं जैसे कुछ गेंद बाजी में परफेक्ट होते हैं ,कुछ बल्ले बाजी में ,कोई कोई खिलाड़ी दोनों में ही महारथी होता है | विकेट कीपर भी इस खेल के उच्च ज्ञान रखने वाला होता है |
पिच के केंद्र में घास की लंबाई होती है, (आमतौर पर 22 गज लंबी), जिसे ‘विकेट’ कहा जाता है। विकेट के प्रत्येक छोर पर एक दूसरे से सटे स्थान पर तीन छड़ें रखी जाती हैं: ये ‘स्टंप्स’ हैं। उन्हें Cricket बॉल के व्यास से अधिक नहीं के अंतर से अलग किया जाता है। स्टंप के प्रत्येक सेट के ऊपर दो छोटी छड़ें या ‘बेल’ रखी जाती हैं। स्टंप के प्रत्येक सेट के सामने एक चाक की रूपरेखा तैयार की जाती है जिसे ‘क्रीज’ कहा जाता है। खेल को दो ‘अंपायरों’ द्वारा रेफरी किया गया है। इस खेल की गेंद ख़ास तरह की होती है ,इसकी परिधि ९ इंच होती है और भार कम से कम ५|५ ओंस से ५|७५ से अधिक नहीं होता है |
खेलने की अवधि तय होती है ,पहले एक टीम के खिलाड़ी टास जीत कर अपनी बुद्धि अनुसार टीम का कप्तान बाले बाजी या गेंद फेंकने का निर्णय लेता है | बल्लेबाज जोड़ी में खेलते हैं और इस का मुख्य उद्देश्य होता है अधिक से अधिक रन बनाना | फिर वही रन का टार्गेट गेंद बाजी कर रही टीम को दिया जाता है ,जिसको उसको लक्ष्य को पार करके जीतना होता है |
रन को कई तरीकों से रन बनाया जा सकता है: हर बार जब बल्लेबाजी की जोड़ी एक गेंद फेंके जाने के बाद विकेटों के बीच दौड़ने में सक्षम होती है (और स्टंप्स होने से पहले या संभावित रूप से गेंद से छुआ जा सकता है) एक रन बनाया जाता है। यदि गेंद खेल क्षेत्र के बाहर जाती है, और यह खेल क्षेत्र छोड़ने से पहले जमीन को छूती है, तो 4 रन बनते हैं। अगर गेंद अपने रास्ते से बाहर नहीं जाती है तो 6 रन बनते हैं।
इसके अतिरिक्त, गेंद को सही ढंग से पहुंचाने के लिए गेंदबाज की विफलता के माध्यम से रन अर्जित किए जा सकते हैं; या तो एक गलत गेंदबाजी एक्शन के माध्यम से, जब इसे ‘नो-बॉल’ माना जाता है, या गेंद के माध्यम से बल्लेबाज कोस्ट्राइक के लिए बहुत चौड़ा दिया जाता है, जिसे ‘वाइड’ के रूप में जाना जाता है। अर्जित रनों की संख्या से प्रभावित हो सकती है जहां गेंद समाप्त होती है; एक नो-बॉल जो बाउंड्री को पार करती है, 4 रनों की गिनती करेगी। इसके अतिरिक्त, जो भी गेंदें फाउल समझी जाती हैं, उन्हें उसी गेंदबाज को अपनी बारी से पहले गेंदबाजी करनी होती है या 6 ओवर की ‘ओवर’ सही ढंग से पहुंचाई गई गेंदों को पूरा माना जाता है।
Cricket के तीन फॉरमेट प्रकार
Cricket रूल्स: टेस्ट Cricket (5 दिन तक खेले जाने वाला Cricket) एकदिवसीय Cricket (50 ओवर का Cricket) टी-20 Cricket (20 ओवर का Cricket) इसके अलावा मैदान में दो अंपायर होते हैं, जिनका फ़ैसला दोनों टीमों को मान्य होता है तो वहीं तीसरा वीडियो अंपायर होता है जिसकी भी मदद ली जा सकती है। दसवें खिलाड़ी के आउट होते ही सारी टीम को आउट हुआ मान लिया जाता है।
पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम अपने सीमित समय में या दस खिलाड़ी आउट होने के पहले अधिक से अधिक स्कोर करने की कोशिश करती है तो वहीं गेंदबाजी करने वाली टीम उन्हें ज्यादा स्कोर न करने से रोकने का प्रयास करती है। दोनों दल बारी-बारी से बल्लेबाज़ी (एक पारी) और गेंदबाज़ी करते हैं व एक पारी के समाप्त होने पर आपस में जगह बदल लेते हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम द्वारा बनाये स्कोर को पार करने की कोशिश दूसरी टीम करती है वहीं पहली टीम उनके खोलड़ियों को आउट कर के ऐसा करने से रोकने की कोशिश करती है।
Cricket रूल्स मे मैच मे ओवर की एक निर्धारित सीमा होती है। एक ओवर में 6 गेंद होती है। गेंदबाजी टीम का लक्ष्य बल्लेबाजी टीम के सभी 10 विकेट लेकर उन्हें कम से कम स्कोर पर रोकना है। अगर गेंद गेंदबाजी करते समय बैट्समैन के बल्ले से मिस होकर स्टंप पे लग जाती है बल्लेबाज़ आउट हो जाता है। आउट करने के कुछ और तरीके होते है जैसे कैच जब बैट्समैन बॉल को हिट करता है और गेंदबाजी टीम का कोई भी प्लेयर(फील्डर) बॉल को बाउंड्री से पहले हवा मे ही पकड़ लेता है तो बैट्समैन आउट हो जाता है।
Cricket रूल्स मे एलबीडब्ल्यू-अगर गेंदबाजी करते समय बॉल सीधी बैट्समैन के बेट से मिस होकर उसके पैड पे लगती है तो बैट्समैन अंपायर द्वारा आउट दे दिया जाता है।रन आउट-अगर कोई फील्डर गेंद से स्टंप को बैट्समैन का रन पूरा होने से पहले मार देता है तो वह रन आउट हो जाता है। Cricket रूल्स मे हिट विकेट-अगर कोई बैट्समैन बॉल को हिट करते समय अपने बल्ले या शरीर के किसी भी अंग से स्टंप को टच कर देता है तो वह बैट्समैन आउट हो जाता है।नो बॉल-यदि गेंदबाज बॉल को बोलिंग क्रीज़ से आगे आके डालता ह तो बैटिंग टीम को १ रन एक्स्ट्रा मिल जाता है और वो बॉल भी नही मानी जाती।
वाइड बॉल –यदि बॉल बैट्समैन के पहुंच से दूर से निकल जाती है। तो वाइड बॉल कहलाती है इसमें भी बैटिंग टीम को १ एक्सट्रा रन मिल जाता है।लेग बाई और बाई-यदि बॉल के बिना बेट पे टच हुए या बैट्समैन के किसी बॉडी को टच करके फील्ड मे चली जाती है तो बैट्समैन भाग के ४ रन तक ले सकता है।एक्सट्रा मिले हुए रन टीम के कुल स्कोर में जमा होते हैं, बल्लेबाज के व्यक्तिगत स्कोर मे नही।
Cricket मैच ३ प्रकार से खेला जाता है
Cricket रूल्स मे अब बात करते हैं टेस्ट Cricket की टेस्ट Cricket जिसे हम पांच दिवसीय Cricket मैच के नाम से भी जानते हैं। यह Cricket मैच का पहला प्रारूप है। यह 5 दिनों तक खेला जाता है। इसमें एक दिन में केवल ९० ओवर खेले जाते है और दोनों टीमें २-२ बार बोलिंग और बेटिंग करती हैं।
एक दिवसीय Cricket- Cricket मैच का दूसरा प्रकार वन डे Cricket मैच है। एक दिवसीय Cricket मैच केवल एक दिन का मैच है जिसमे एक टीम पहले ६० ओवर खेलती थी और अब केवल ५० ओवर खेलती है।
अब अधिकतर ट्वेंटी ट्वेंटी Cricket ही खेला जाता है |यह बहुत ही रोमांचक होता है ये Cricket का सबसे छोटा और सबसे जल्दी ख़तम होने वाला मैच है। Cricket का तीसरा और रोमांचक रूप है ट्वेंटी-ट्वेंटी Cricket मैच जिसमे टीम केवल २०-२० ओवर खेलती है। Cricket मैच के इस प्रकार को लोग आज कल सबसे ज्यादा पसंद करने लगे है।
मैच का रिजल्ट और रूल्स
Cricket रूल्स मे जैसा की पहले बताया गया है कि जो भी टीम ज्यादा रन स्कोर करती है उस टीम को विजेता घोषित कर दिया जाता है। यदि दोनों टीमो के रन बराबर होते है तो मैच ड्रा हो जाता है। ट्वेंटी ट्वेंटी मैच ड्रा होने पर दोनों टीमो को एक सुपर ओवर खिलाया जाता है इस सुपर ओवर मे ज्यादा रन स्कोर करने वाली टीम विजयी हो जाती है।गेंद बदलने के नियम की बात करें तो वनडे और टेस्ट Cricket में ये नियम अलग-अलग होते हैं|
वनडे Cricket में एक पारी खत्म हो जाने पर दूसरी पारी में गेंद बदली जाती है या फिर अगर गेंद खो जाती है तो बदली जाती है| उस हालात में भी गेंद वहीं इस्तेमाल की जाती है, जिससे उतने ही ओवर खेले गए हों| वहीं टेस्ट Cricket में गेंद को बदलने का नियम 80 ओवर है|
Cricket रूल्स मे नियम पांच के ही अनुसार Cricket बैट की लंबाई 38 इंच यानि कि 97 सेमी| से ज्यादा नहीं होनी चाहिये| इसके साथ ही इसकी चौड़ाई 4|25 इंच यानी 1|8 सेमी| होनी चाहिए| Cricket में बल्लेबाज के ग्लव्स को बैट का ही एक अंग माना जाता है| कुछ सालों पहले ही बैट के नियमों में कुछ बदलाव किए गये हैं| इसके अनुसार Cricket के बैट की ब्लेड अनिवार्य रूप से लकड़ी की होनी चाहिए|
Cricket रूल्स मे पिच के लिए Cricket की रूल 7 लगाया जाता है| इसके अनुसार पिच के लिये कुछ खास रूल हैं| इसके अंतर्गत पिच की लंबाई 22 गज यानी 20 मीटर और चौड़ाई 10 फीट यानी 3|0 मीटर होनी चाहिए| आपको बता दें कि पिच को बनाने व चुनने का काम मैदान के अधिकारियों का होता है|
लेकिन जब खेल शुरू होता है तो इसका पूरा कंट्रोल अंपायरों के हाथ में आ जाता है| अंपायर इस बात का भी निर्धारण करते हैं कि क्या पिच खेल के लिए ठीक है या नहीं? अगर पिच में कोई कमी पाई जाती है तो दोनों टीमों के कप्तानों की सहमति से पिच में बदलाव किये जाते हैं और अगर पिच में कुछ ज्यादा ही खराबी मिलती है तो मैच रद्द भी किया जा सकता है|
इस खेल का जादू सबके सिर पर चढ़ कर बोलता है , इसके इन्डियन लीग के अनुसार क्षेत्र रक्षण के अपने नियम हैं कि लेग साइड में किसी भी समय पाँच से ज्यादा खिलाड़ी क्षेत्ररक्षण नहीं करेंगे।
पहले 6 ओवरों में केवल 2 खिलाड़ी 30 गज के दायरे के बाहर रहेंगे। 6 ओवरों के बाद पाँच खिलाड़ी 30 गज के दायरे के बाहर रखे जा सकते हैं। यदि मैच ‘टाई’ हो जाता है तो निर्णय के लिए ‘बॉल आउट’ का सहारा लिया जाएगा। यह ठीक फुटबॉल में पेनल्टी शूटआउट की तर्ज पर होगा। बॉल आउट में प्रत्येक टीम 5-5 गेंदबाजों को चुनकर बारी-बारी से उनसे विकेट पर गेंद डलवाएगी। गेंदबाज को विकेट गिराना होगा।
इसके अलावा इस कहल में आउट होने के कुछ और भी रोचक नियम है जिसके बारे में जानना वाकई रोचक लगेगा | यह नियम कभी कभी ही कार्य करते हैं जैसे खेल के दौरान अगर गेंद कहीं गुम हो जाए तो फील्डिंग टीम उसकी अपील कर सकती है ,ऐसे में गेंद को डेड माना जाएगा पर बेट्स मेन को जितने उसने रन बनाए उतने रन मिलेंगे |केच पकड़ते वक़्त यदि गेंद खिलाड़ी के हेलमेट से टकरा जाती है तो उसको आउट नहीं माना जाएगा |इसी तरह यदि बैट मैन की गेंद पीछे खड़े विकेट कीपर के हेलमेट से टकरा जाती है तो उसको एक्स्ट्रा ५ रन मिलते हैं और यदि कोई बैट मैन आउट होने से बचने के लिए गेंद को हाथ से हटा देता है तो उसको आउट हैंडलिंग दी गेंद नियम के तहत आउट मान लिया जाता है |जब कोई खिलाडी इंजरी ,चोट लगने के कारण मैदान से बाहर रहता है तो उसको उतने समय के लिए बालिंग और बेटिंग की परमिशन नहीं होती है |और जब खेलने वाली टीम का एक विकेट गिरता है और दूसरा खिलाड़ी ३ मिनट तक क्रीज़ पर नहीं पहुंचता है तो उसको आउट मान लिया जाता है |
इस तरह से अब के समय में इस खेल के जुड़े ४२ नियम हैं जो इस खेल के हर फील्ड से जुड़े हैं जैसे बैटिंग ,बोलिंग विकेट कीपर आदि और पिच से लेकर हर तरह की जानकरी से जुड़े हैं |यह नियम आई सी सी द्वारा समय समय पर फेर बदल कर दिए जातें है और फिर अगले आने वाले खेल तक मैच उसी नियम के तहत खेले जाते हैं |
धन्यवाद !
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