भारतीय बॉक्सर खिलाड़ी देवेंद्रो सिंह लैशराम जो लाइट हैवीवेट इवेंट में हिस्सा लेते हैं। मौजूदा समय में देवेंद्रो विश्व के शानदार बॉक्सरो में से एक माने जाते हैं और उनकी वर्तमान वर्ल्ड रैकिंग 3 हैं।
शुरूआती जीवन
अपनी बड़ी बहन को बॉक्सिंग खेलते हुए देखने के बाद देवेंद्रो की भी इसमें दिलचस्पी शुरू हुई और इसके बाद उन्होंने बॉक्सिंग के अपने करियर में काफी शानदार प्रदर्शन किये हैं, लेकिन बड़े कॉम्पिटीशन में देवेंद्रो को अधिकतर हार का ही सामना करना पड़ा है, इसके बावजूद यह प्रतिभाशाली बॉक्सिंग खिलााड़ी अपनी मानसिकता को लेकर कभी कमजोर नहीं दिखाया दिया और यह उनके प्रदर्शन में हमेशा देखने को मिला है।
निजी जीवन
मणिपुर के इम्फाल में 2 मार्च 1992 को देवेंद्रो सिंह का जन्म हुआ था। देवेंद्रो के पिता का नाम जुगींद्रो सिंह और मां का नाम मक्लेबी देवी है, वहीं बड़ी बहन का नाम लैशराम सुशीला देवी है, जो एक अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियन रहीं हैं। एक बड़ी बहन होने के नाते सुशीला ने सिर्फ अपने भाई को बॉक्सिंग के बारे बताया बल्कि वह लगातार उन्हें मार्गदर्शन भी देती रहीं।
अभी भी सुशीला अपने भाई देवेंद्रो सिंह के मैचो देखते हुए उनकी गलतियों को नोट करके उन्हें बताने का काम करती हैं, जिससे वह सुधार कर सके। सुशीला के अलावा पूरा परिवार भी अपने बेटे को लगातार सपोर्ट करता रहा है। अपने पिता से रोज फोन पर देवेंद्रो बात करते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ जाता है।
प्रोफेशनल जीवन
देवेंद्रो सिंह को मणिपुर स्टेट केे बॉक्सिंग कोच एम. नरजीत सिंह और गुरबख्श सिंह संधू जो भारतीय बॉक्सिंग कोच हैं, उन्होंने ट्रेनिंग दी है। देवेंद्रो को वर्ल्ड एमेचर बॉक्सिंग में भी खेलने का मौका जब सिंह ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के ट्रायल्स जो आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में हुए थे उसमें नानो सिंह थोकचोम को हराया था, जिन्होंने एशियन एमेचर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था।
इसके अलावा सिंह ने ट्रायल्स में अमनदीप सिंह के खिलाफ भी जीत दर्ज की थी। देवेंद्रो सिंह ने ओलंपिक के लिए भी अपनी जगह सफलतापूर्वक बना ली थी, लेकिन वह अपने राउंड में साउथ कोरिया के खिलाड़ी से हारकर बाहर हो गए थे। देवेंद्रो को लगातार आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट के स्पोर्ट्स साइंस फैकलटी से सहयोग मिलता रहा। जिसमें उन्हें अपनी डाइट के लिए भी एक प्लान दिया गया था।
साल 2013 में देवेंद्रो सिंह ने एसबीसी एशियन कॉंफडरेशन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीता इसके साथ ही FXTM इंटरनेशनल लिमासल बॉक्सिंग में कांस्य पदक भी जीता। इसी साल देवेंद्रो सिंह विश्व बॉक्सिंग रैकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंच गए थे। साल 2014 में हुई बोस्कई इनविटेशन टूर्नामेंट जो हंगरी में हुआ था उसमें गोल्ड मेडल जीता और वह इस टूर्नामेंट में गोल्ड जीतने वाले एकलौते भारतीय खिलाड़ी हैं।
ग्लासगो में हुए साल 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में देवेंद्रो ने पुरूष लाइट हैवीवेट बॉक्सिंग में सिल्वर पदक जीता था, उन्हें फाइनल में नार्दन आयरलैंड के पैडी बर्न्स से हार का सामना करना पड़ा था। इस टूर्नामेंट में 17 देशो के 17 बॉक्सर खिलाड़ियो ने हिस्सा लिया था।
अवार्ड्स
अचीवमेंट
निजी जानकारी
विवाद
अपने शानदार प्रदर्शन और उपलब्धियों के अलावा यह भारतीय बॉक्सर खिलाड़ी उस समय सुर्खियों में आ गया था, जब उनका नाम अर्जुन अवार्ड पाने वालों की सूची से बाहर कर दिया गया था, जिसके बाद देवेंद्रो ने अपनी तरफ से बयान देतेे हुए कहा कि वह किसी से नाराज होकर या फिर आरोप के तौर पर इस बात को नहीं कह रहे हैं, बल्कि किसी भी एथलीट के लिए यह सारी चीजे होना सही नहीं है और एक खिलाड़ी होने के नाम मैं हमेशा अपने देश का सम्मान बढ़ाने की कोशिश करता हूं।
नेटवर्थ
फिलहाल देवेंद्रो सिंह की नेटवर्थ को लेकर किसी भी तरह की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन उनकी प्राइमरी इनकम अपने स्पोर्टिंग प्रोफेशन से होती हैं।
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