भारत बनाम वेस्टइंडीज़ के बीच खेली जा 3 मैचो की टी20 सीरीज़ का दूसरा मैच तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में 8 दिसंबर को खेला गया। इस मैच में विंडीज़ टीम ने 7 विकेट से शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज़ को 1-1 से बराबरी पर लाकर जीवित रखने का काम किया। भारतीय टीम के गेंदबाज़ो ने जहां मैच में खराब गेंदबाज़ी की तो वहीं फील्डिंग में भी किसी तरह का सुधार देखने को नहीं मिला।
जिस कारण कोई भी टीम इन गलतियों को करने के बाद मैच में जीतने की अपनी संभावनायें नहीं तलाश सकती है। विंडीज़ के बल्लेबाज़ो को जिन कैचों को भारतीय फील्डरों ने टपकाया है, वह बेहद ही आसान थे, जो इस स्तर पर किसी से छोड़ने की उम्मीद नहीं की जा सकती है और इसी कारण टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा।
जिस समय विंडीज़ टीम 170 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो पारी का 5 वां ओवर करने के लिए भुवनेश्वर कुमार आये जिनके ओवर की पहली गेंद पर लिंडल सिमंस ने लांग ऑफ पर शॉट खेला जो हवा में काफी उपर चला गया और वहां पर फील्डिंग कर रहे वाशिंगटन सुंदर ने कैच को टपका दिया।
इसके बाद इसी ओवर की 5 वीं गेंद पर एविन लुईस ने भुवी की गेंद पर ऑफ स्टंप के बाहर रुम बनाकर शॉट खेलने की कोशिश करी लेकिन गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेट की पीछे चली गयी जहां रिषभ पंत ने कैच को सही तरह से पकड़ने में चूक गए। कप्तान कोहली भी इन गलतियों को मैच के दौरान देखकर अपने गुस्से को काबू में नहीं रख सके।
मैच में हार मिलने के बाद विराट कोहली ने प्रेस कांफ्रेंस में आकर कहा कि, यदि हम फील्डिंग में ऐसी गलतियां करते रहेंगे तो किसी भी लक्ष्य का बचाव करना हमारे लिए आसान काम नहीं होगा। हमने पिछले 2 मैचो में बेहद खराब फील्डिंग की है, हमने आज के मैच में 2 कैच छोड़े हैं और आप सोचिए यदि हमने इन दोनों ही कैच को पकड़ लिया होता तो मैच में हम वेस्टइंडीज़ टीम के उपर कितना दबाव बना सकते थे। अब हमारे लिए मुम्बई में होने वाला मैच करो या मरो की स्थिती वाला हो गया।
अंतिम ओवरों में तेजी से रन नहीं बने
फील्डिंग में खराब प्रदर्शन के अलावा भारतीय टीम दूसरे टी20 मैच में अंतिम ओवरो में तेज़ी से रन बना पाने में भी नाकामयाब दिखी जिसको लेकर भी कोहली ने अपनी चिंता मैच के बाद व्यक्त की। भारतीय टीम अपनी पारी के आखिरी 4 ओवरो में सिर्फ 30 रन ही बना सकी जिस कारण स्कोर को गति नहीं मिल सकी।
कोहली ने अपने बयान में कहा, कि, कहने को तो बहुत कुछ हैं, लेकिन यदि हम अपनी पारी के शुरुआती 16 ओवर देखें तो उसमें सबकुछ सही चल रहा था, क्योंकि हमारा स्कोर 4 विकेट के नुकसान पर 140 रन था, जिसके बाद हमें आखिरी के 4 ओवरो में कम से कम 40 से 45 रन बनाने चाहिए थे, लेकिन हम सिर्फ 30 रन ही बना सके।
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