भारतीय वेटलिफ्टर खिलाड़ी जेरेमी लालरिननुगा जो 62 किलोग्राम इवेंट में हिस्सा लेते हैं। मिजोरम से आने वाले इस युवा वेटलिफ्टर खिलाड़ी ने यूथ ओलंपिक में 274 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीतकर देश के लिए यह पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने थे।
शुरूआती जीवन
भारत के पहले यूथ ओलंपिक विजेता की वेटलिफ्टर बनने की जर्नी सिर्फ 6 साल की उम्र में ही शुरू हो गयी थी। जेरेमी के पिता ने उन्हें वेटलिफ्टिंग को लेकर काफी मदद करते हुए एक प्रोफेशनल वेटलिफ्टर खिलाड़ी बनाने में अहम योगदान दिया। जहां जेरेमी के पिता ने अपने 5 बच्चों को बॉक्सर बनने के उनका हौसला बढ़ाया लेकिन जेरेमी की किस्मत में कुछ और ही लिखा था।
निजी जीवन
जेरेमी लालरिननुगा का जन्म 26 अक्टूबर 2002 को मिजोरम के अइजवाल में हुआ था। जेरेमी के पिता लालनेहतलुंगा एक पूर्व बॉक्सर खिलाड़ी रहे हैं। साल 1990 में जेरेमी के पिता नेशनल लेवल के बॉक्सर खिलाड़ी रहने के साथ 6 साल तक अविजित रहे थे। सभी को भरोसा था कि वह एक दिन महान बॉक्सर खिलाड़ी बनेंगे जिनको देश पर गर्व होगा, लेकिन वह विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब नहीं हो सके, जिसके बाद उन्होंने अपने बेटो को इस खेल में भविष्य बनाने के लिए हौसला बढ़ाया लेकिन जेरेमी ने अपने लिए कुछ अलग ही सोच रखा था।
2 साल की कड़ी मेहनत के बाद जेरेमी के पिता ने उनका एडमीशन कराने के लिए पुणे के आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में कराने के लिए लेकर गए। जेरेमी के पिता ने अपने बेटे के फैसले का कभी विरोध नहीं किया और उन्हें हर समय सपोर्ट करते रहे जिससे जेरेमी एक शानदार वेटलिफ्टर खिलाड़ी बन सके।
प्रोफेशनल जीवन
जेरेमी लालरिननुगा के कोच मलस्वामा खियागटे ने उन्हें साल 2011 के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट के ट्रायल्स में हिस्सा लेने की सलाह दी। वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में जेरेमी के शानदार प्रदर्शन जहां पर उन्होंने सिल्वर पदक जीता था उन्हें एक मजबूत खिलाड़ी की झलक दिखाई दी थी। जेरेमी ने साल 2017 की वर्ल्ड और साल 2018 की एशियन चैंपियनशिप में 56 किलोग्राम इवेंट में सिल्वर पदक जीता था।
लगातार जेरेमी लालरिननुगा के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल रहा था और मानसिक तौर पर मजबूत होने की वजह से जेरेमी हाथों सफलता काफी कम उम्र में लग गयी। कभी भी अपनी ट्रेनिंग को लेकर कोई समझौता अभी तक नहीं किया है। अपने उपर भरोसा और सकारात्मक सोच की वजह से जेरेमी एक बेहतर खिलाड़ी के तौर पर दिखते हैं।
यूथ ओलंपिक में हिस्सा लेने से पहले जेरेमी ने अपने कोच विजय शर्मा से वादा किया था, कि वह गोल्ड मेडल लेकर ही वापस आयेंगे। विजय शर्मा ने ही उसी इवेंट में सिल्वर पदक जीतने वाले आर.वी. राहुल को भी ट्रेनिंग दी थी। अब जेरेमी की नजर साल 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक को लेकर टिकी हुई हैं, जहां पर 16 साल का यह वेटलिफ्टर खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतने की पूरी तैयारी कर रहा है।
अचीवमेंट
निजी जानकारी
विवाद
अपने छोटे से करियर में जेरेमी लालरिनुगा सिर्फ रिकॉर्ड प्रदर्शन को लेकर सुर्खियों में रहे हैं और वह किसी भी तरह के विवाद से दूर ही देखे गए हैं।
नेटवर्थ
जेरेमी लालरिननुगा की नेटवर्थ को लेकर किसी भी तरह की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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