भारत की मशहूर टेनिस खिलाड़ी प्रार्थना ठोंबरे जो महिला डब्लस में हिस्सा लेती हैं। प्रार्थना ने शुरू में इस खेल को शौक के तौर पर खेलना शुरू किया था, लेकिन बाद उन्हें इस खेल से प्यार हो गया।
शुरूआती जीवन
अपने घर की दिवार पर गेंद को तेज़ी से मारने से लेकर ओलंपिक तक का सफर तय करने वाली प्रार्थना ठोंबरे को यहां तक पहुंचने के लिए काफी लम्बा रास्ता तय करना पड़ा है। जब प्रार्थना ने टेनिस में देश के लिए खेलना शुरू किया है, उसके बाद उन्होंने लगातार गर्व करने का मौका दिया। इस खेल में लम्बे तक उनके नाम को कोई नहीं जानता था, लेकिन जब साल 2016 के रियो ओलंपिक में प्रार्थना को सानिया मिर्जा के साथ डब्लस में खेलने का मौका मिला तो उनके नाम को लेकर हर जगह चर्चा होने लगी। इसके बाद सोलापुर से आने वाली बेहद कम बोलने वाली इस खिलाड़ी ने टेनिस में कीर्तिमान बनाने शुरू कर दिए और फ्रांस में हुए आईटीएफ में जीत हासिल की। प्रार्थना की इस समय टॉप 200 की लिस्ट में शामिल हैं।
निजी जीवन
प्रार्थना ठोंबरे का जन्म 18 जून 1994 को महाराष्ट्र के सोलापुर डिस्ट्रिक में बारशी में हुआ था। प्रार्थना ने पहले अपने ग्रांटफादर को गांव में बैडमिंटन खेलते हुए देखने के बाद इस खेल को पहले खेलना शुरू किया भले ही प्रार्थना के ग्रांटफादर इस खेल में अपना करियर ना बना सके हों लेकिन प्रार्थना ने इसमें सफल रही हैं। प्रार्थना के पिता गुलाबरॉव ने अपनी नौकरी छोड़कर उनके साथ विदेश में होने वाले मैच में साथ जाने लगे।
10 साल की उम्र में इस टेनिस खिलाड़ी ने मजे के लिए बैडमिंटन में करियर बनाने का सोचा था। 1 साल के अभ्यास के बाद प्रार्थना ने सफलतापूर्वक अंडर14 का खिताब अपने नाम पर कर लिया था। गुलाबरॉव अपनी बेटी को सोलापुर में जहां पर वह नौकरी करते थे वहां लेकर गए जिसके बाद वहां पर मौजूद टेनिस कोर्ट में प्रार्थना ने कई सीनियर खिलाड़ियो को धूल चटाने का किया। जिसके बाद उनके माता-पिता ने उन्हें इसी खेल में अपना करियर बनाने के लिए सलाह दी।
इस सफलता के अलावा के प्रार्थना को आर्थिक समस्या का भी सामना अपनी इस यात्रा में करना पड़ा। अपने बेटी की मदद के लिए प्रार्थना के पिता ने लगभग हरएक से मदद के लिए कहा लेकिन किसी ने भी उनकी सहायता नहीं की, लेकिन इसके बावजूद प्रार्थना का पूरा ध्यान अपने खेल और सपनों को पूरा करने की तरफ था, जिस कारण उन्हें कोई रोक नहीं सका।
प्रोफेशनल लाइफ
अपने गांव से जब प्रार्थना सोलापुर आकर रहने लगी तो उन्हें इस खेल की एडवांस ट्रेनिंग करने का मौका मिला जिसके लिए वह रोज 70 किलोमीटर का सफर तय करती थी जिस कारण प्रार्थना के पास आराम करने का अधिक समय नहीं मिल पाता था। इसके बाद नेशनल लेवल पर सफलता हासिल करने के बाद प्रार्थना ने अपनी ट्रेनिंग को और अधिक बेतहर करने के लिए सानिया मिर्जा ट्रेनिंग एकेडमी में शामिल हो गयीं।
इमरान मिर्जा की कोचिंग में इस युवा टेनिस खिलाड़ी के प्रदर्शन में काफी सुधार देखने को मिला और इसी कारण प्रार्थना ने आईटीएफ के टूर्नामेंट में जीत हासिल की। इसके अलावा साउथ कोरिया में हुए साल 2014 के एशियन गेम्स में प्रार्थना ने सानिया मिर्जा के साथ कांस्य पदक भी जीता था।
सानिया मिर्जा की फैन प्रार्थना ठोंबरे को फेड कप में पहली बार साथ खेलने का मौका मिला था, जिसके बाद दोनों के बीच तालमेल लगातार काफी बेहतर होता चला गया और इसी कारण यह जोड़ी एशियन गेम्स में पदक जीतने की प्रबल दावेदारों में एक थी।
हैदराबाद में शिफ्ट होने के बाद सानिया मिर्जा टेनिस एकेडमी में प्रार्थना को अपने खेल में आक्रामकता के साथ डिफेंसिव खेलने का तरीका काफी बेहतर तरीके से समझाया गया। एकबार अपनी फिटनेस को सही करने के बाद प्रार्थना के खेल में काफी सुधार देखने को मिला जिसके बाद वह लगातार इतिहास में अपने नाम को दर्ज करती चली गयी। साल 2015 में प्रार्थना ठोंबरे ने 11 खिताबों को अपने नाम पर किया था।
अचीवमेंट
निजी जानकारी
विवाद
यह युवा महिला टेनिस खिलाड़ी अभी तक अपने टेनिस के करियर में प्रदर्शन को लेकर लगातार सुर्खियों में रही हैं, वहीं प्रार्थना ठोंबरे किसी भी तरह के विवाद से दूर ही रहने वाली खिलाड़ी दिखती हैं।
नेटवर्थ
प्रार्थना ठोंबरे की नेटवर्थ को लेकर किसी तरह की कोई जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
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