भारतीय शूटर खिलाड़ी जयदीप कर्माकर साल 1994 में हुए नेशनल्स गेम्स में पहली बार हिस्सा लेते हुए नेशनल चैंपियन बन गए थे। साल 2010 में लंदन में ओलंपिक खेलों में जयदीप ने 50 मीटर राइफल इवेंट में हिस्सा लिया था। वहीं जयदीप एकलौते ऐसे भारतीय हैं, जिन्होंने वर्ल्डकर प्रोन में सिल्वर मेडल जीता हैं। कर्माकर ने 28 वर्ल्डकर में हिस्सा लिया है, वहीं लंदन ओलंपिक में वह काफी करीब से पदक जीतने में चूक गए थे और चौथे स्थान पर खत्म किया था। शूटिंग में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार भी दिया जा चुका है।
सिडनी में हुए साल 2010 के वर्ल्डकप में जयदीप कर्माकर ने 50 मीटर प्रोन इवेंट में सिल्वर पदक जीतकर ऐसा करने वाले एकलौते भारतीय खिलाड़ी बन गए थे। इसी इवेंट में जयदीप ने साउथ एशियन गेम्स के रिकॉर्ड को तोड़ने का काम किया था। जयदीप ने शूटिंग में देश के दिग्गज़ शूटर खिलाड़ी अभिनव बिंद्रा को भी हराया है।
निजी जीवन
कोलकाता में 7 सितम्बर 1979 को जयदीप कर्माकर का जन्म हुआ था। जयदीप के पिता का नाम संतो कर्माकर और मां का नाम गायत्री कर्माकर हैं। जयदीप के पिता पूर्व नेशनल स्वीमर चैंपियन रह चुके हैं और उन्होंने 6 साल की उम्र में अपने बेटे के हाथ में खिलौने वाली गन दी थी। जयदीप के अंकल जो एक ज्योतिषी थे उन्होंने इस बात की संभावना काफी पहले ही व्यक्त कर दी थी, कि वह या तो एक सर्जन बनेंगे या फिर निशानेबाज।
अंकल ने जयदीप को खिलौनी वाली एयर गन दी जिससे जयदीप ने अपने टारगेट को बिल्कुल सही तरीके से निशाना लगाया और इसी के बाद उनके अंदर की छुपी हुई प्रतिभा के बारे में सभी को पता चला। 10 साल की उम्र में जयदीप के पड़ोसियों ने उनके माता-पिता को सलाह दी कि उन्हें शूटिंग एकेडमी में भर्ती करा दे, जिससे वह प्रोफेशनल ट्रेनिंग ले सके।
जब जयदीप 14 के थे, तो उस समय वह शूटिंग के लेकर काफी गंभीर हो चुके थे, जिसके बाद साल 1994 में जयदीप ने जूनियर चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीता। इसके बात उनके परिवार को जयदीप के खेलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी संघर्ष भी करना पड़ा क्योंकि वह अपने बेटे के लिए राइफल तक नहीं खरीद पा रहे थे और वह सभी के लिए एक काफी कठिन समय था।
इसी दौरान जयदीपन के मन में अपनी किडने बेचने तक का विचार आया जिससे वह अपने लिए राइफल ले सके लेकिन उसी दौरान उन्होंने खुद को नेशनल चैंपियन बना दिया जिसके बाद वह राइफल खरीद सके। एक एथलीट के तौर पर जयदीप के लिए ये मुकाम हासिल करना आसान काम नहीं था और एक समय उन्हें कॉम्पटीशन में हिस्सा लेने के लिए लोगों से पैसे उधार लेने पड़ते थे, लेकिन इसी दौरान उन्हें रेलवे में जॉब मिल गयी जिसके बाद सबकुछ बदल गया और जयदीप ने लोन लेकर अपने लिए पहली गन खरीदी।
जयदीप के कोच जो उड़ीसा के हैं, वह शूटिंग में एक्सपर्ट थे। एक पुराने ख्याल के इंसान होने के उनके विचार भी कुछ ऐसे ही और एकबार उन्होंने जयदीप से कहा था, कि यदि उनके पिता अमीर नहीं हैं, तो वह इस खेल को छोड़ दे। जिसके बाद जयदीप ने इसे एक चैलेंज के तौर पर लेते हुए सिर्फ 4 साल के अंदर नेशनल चैंपियन बनकर उभरे।
वर्तमान में जयदीप ने कोलकाता में अपने नाम जयदीप कर्माकर शूटिंग एकेडमी खोली है, जहां पर वह देश के लिए भविष्य के शूटिंग खिलाड़ी तैयार कर सके। जब जयदीप ने अपनी शूटिंग एकेडमी खोली थी, तो उस समय उन्होंने अपने हर एक स्टू़डेंट के लिए खुद लोन लेकर राइफल खरीदी थी, जिसके बाद इस मामले में भी जयदीप की काफी लोगों ने मदद की थी।
प्रोफेशनल जीवन
साल 1994 में जयदीप कर्माकर ने पहली बार में ही जूनियर नेशनल चैंपियन बन गए गए थे। इसके बाद साल 2012 के समर ओलंपिक में 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में भी जयदीप ने शानदार प्रदर्शन किया था। साल 2010 में सिडनी में हुए ISSF वर्ल्डकप में जयदीप ने हिस्सा लेते हुए 600 में से 599 का स्कोर करके एशिया का नया रिकॉर्ड बनाने के साथ सिल्वर मेडल भी जीता था।
कर्माकर एकलौते ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने वर्ल्डकप प्रोन में सिल्वर पदक जीता हैं। जयदीप ने साल 2005 से लेकर 2012 तक राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड स्कोर किया जिसमें 594, 595, 598, 599 शामिल हैं। 50 नेशनल पदको के अलावा जयदीप ने सैफ में गोल्ड, ऑस्ट्रेलियन ओपन और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता है।
अवार्ड्स
साल 2012 में शूटिंग में शानदार प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार दिया गया था।
अचीवमेंट
| रैंक | इवेंट | साल | शहर |
| 4 | ओलंपिक गेम्स | 2012 | लंदन |
| 7 | वर्ल्डकप फाइनल | 2010 | म्यूनिख |
| 2 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2010 | सिडनी |
| 26 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2012 | मिलान |
| 30 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2010 | बिजिंग |
| 33 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2012 | म्यूनिख |
| 34 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2011 | चैंगवान |
| 35 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2011 | म्यूनिख |
| 36 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2010 | फोर्ट बिगनिंग |
| 40 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2011 | सिडनी |
| 47 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2006 | रेसआंडे |
| 64 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2010 | बेलग्रेड |
| 69 | वर्ल्ड चैंपियनशिप | 2014 | म्यूनिख |
| 10 | एशियन गेम्स | 2014 | इंचीयोन |
निजी जानकारी
विवाद
अपने शानदार प्रदर्शन और अचीवमेंट के अलावा जयदीप कर्माकर उस समय विवादों में आये जब उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट से क्रिकेट के भगवान की तरह माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर की भारत रत्न पुरस्कार लेते हुए फोटो को विवादास्पद तरीके से पोस्ट किया जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी खरी खोटी फैंस से सुनने को मिली।
नेटवर्थ
अपनी शूटिंग एकेडमी से जयदीप कर्माकर की अधिकतर कमाई होती है, जो वह अपने ही नाम से कोलकाता में चलाते हैं। इसके अलावा उनकी नेटवर्थ को लेकर फिलहाल किसी भी तरह की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सोशल मीडिया हैंडल
साल 2021 IPL के बाद IPL का पन्ना बढकर 13 पन्नो का हो जायेगा, इसके…
भारत का त्योहार मतलब की IPL एक बार फिर लोगो के बिच में मनोरंजन के…
IPL आज के समय में सबसे ज्यादा पसंदीदा लीग बना हुआ है और इस बात…
साल 2021 का IPL जल्द ही शुरु होने वाला है, 18 फरवरी को हुए ऑक्शन…
हम सभी जानते है की IPL फ्रेंचाइजी को खिलाडीयों को रिटेन और रिलीज के बारे…
हर साल का IPL बिते हुए IPL से ज्यादा मनोरंजक और रोमांचित होता है या…