IPL में सबसे कम स्कोर का बचाव: क्रिकेट का खेल अनिश्चिताओं से भरा हुआ कहा जाता है, क्योंकि जब तक मैच खत्म नहीं हो जाता उस समय तक किसी भी टीम की जीत को लेकर पक्के तौर पर नहीं कोई कह पाता और इसमें सबसे छोटे फार्मेट टी20 क्रिकेट में तो यह हर मैच में लगभग देखने को मिलता है। क्योंकि टीमें 20 ओवरो में 200 रन बनाने के बाद भी अपनी जीत को लेकर सुनिश्चित नहीं होती हैं।
वहीं कई बार टीमों को 20 ओवरो में 120 से कम का लक्ष्य भी हासिल करना मुश्किल भरा दिखाई देता है। जिसके बाद आज हम आपको इंडियन प्रीमियर लीग में अभी तक के टॉप 5 सबसे कम लक्ष्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका टीमों ने सफलतापूर्वक बचाव किया है। आईपीएल का 13 वां सीज़न साल 2020 में खेला जाएगा और हर सीज़न में हमें ऐसे कुछ मैच देखने को मिलते हैं, जहां पर टीमें छोटे लक्ष्यों का भी आसानी से पीछा नहीं कर पाती हैं।
1. चेन्नई सुपर किंग्स ने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 116 रनों का बचाव किया (2009)
Lowest Defended in IPL: महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेलने वाली चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को आईपीएल में सबसे सफल टीमों में एक माना जाता है। साल 2009 में हुए दूसरा आईपीएल सीज़न जो साउथ अफ्रीका में खेला जा रहा था, उसमें 54 वां लीग मैच डरबन के मैदान में खेला जा रहा था, जिसमें सीएसके की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवरो में 9 विकेट के नुकसान पर मात्र 116 रन ही बना सकी थी।
इतने छोटे लक्ष्य का जब पंजाब की टीम पीछा करने उतरी तो वह 20 ओवर खत्म होने के बाद 8 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 92 रन ही बना सकी और उसे 24 से हार का सामना करना पड़ा था। सीएसके की इस जीत में महत्तवपर्ण भूमिका मुथैया मुरलीधरन जिन्होंने 4 ओवरो में 8 रन देकर 2 विकेट हासिल किए और अश्विन ने 4 ओवरो में 13 रन देकर 2 विकेट ने निभाई थी।
2. सनराइजर्स हैदराबाद ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 118 रनों का बचाव किया (2018)
IPL में सबसे कम स्कोर का बचाव: मुम्बई इंडियंस की टीम अपने घरेलू मैदान वानखेडे में साल 2018 में हुए आईपीएल के 11 वें सीज़न में 23 वां लीग मैच सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेल रही थी। जिसमें मुम्बई इंडियंस ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला करते हुए हैदराबाद की टीम को 18.4 ओवरो में 118 रनों के अंदर समेट दिया।
जहां से सभी को उम्मीद थी, कि मुम्बई इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेगी लेकिन सनराइजर्स हैदाराबाद की तरफ से खेल रहे लेग स्पिनर राशिद खान ने 4 ओवरो में सिर्फ 11 रन देकर 2 विकेट हासिल कर लिए जिसके बाद मुम्बई इंडियंस की टीम 18.5 ओवरो में 87 रनों पर सिमट गयी और उसे 31 रनों से हार का सामना करना पड़ा।
3. किंग्स इलेवन पंजाब ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ 119 रनों का बचाव किया (2009)
Lowest Defended in IPL: इंडियन प्रीमियर लीग का दूसरा सीज़न जो साल 2009 में साउथ अफ्रीका में खेला जा रहा था, उसमें लीग का 20 वां मैच डरबन के मैदान में किंग्स इलेवन पंजाब और मुम्बई इंडियंस के बीच में हुआ था। इसमें पंजाब की टीम ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया जिसके बाद वह कुमार संगाकारा की 44 गेंदो में 45 रनों की पारी के कारण 20 ओवरो में 8 विकेट के नुकसान पर 119 रन ही बना सके।
जिसके बाद किसी को ऐसा नहीं लग रहा था, कि पंजाब इस मैच में जीत हासिल कर सकेगी लेकिन पंजाब के लिए खेल रहे बायें हाथ के मध्यम गति के तेज़ गेंदबाज़ यूसुफ अब्दुल्ला ने 4 ओवरो में 19 रन देकर 2 विकेट हासिल करके मैच को पूरी तरह से बदलकर रख दिया और मुम्बई की टीम 20 ओवरो में 7 विकेट के नुकसान पर 116 रनों ही बना सकी और उसे 3 रनों की करीबी हार का सामना करना पड़ा।
4. सनराइजर्स हैदराबाद ने पुणे वारियर्स के खिलाफ 119 रनों का बचाव किया (2013)
IPL में सबसे कम स्कोर का बचाव: आईपीएल का 6 वां सीज़न साल 2013 में खेला गया जिसमें 22 वां लीग मैच पुणे के मैदान में पुणे वारियर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच में था। इस मैच में पुणे की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला लिया जिसके बाद हैदराबाद की टीम 20 ओवरो में 8 विकेट के नुकसान पर 119 रन ही बना सकी और टीम के 6 बल्लेबाज़ दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सके थे।
पुणे के लिए अपने होम ग्राउंड पर इस लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल नहीं दिख रहा था, लेकिन हैदराबाद के लिए खेल रहे लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने 4 ओवरो में 19 रन देकर 4 विकेट हासिल करने के साथ मैच की तस्वीर को पूरी तरह से बदलकर रख दिया और अंत में पुणे की टीम 19 ओवरो में 108 रन बनाकर सिमट गयी जिससे हैदराबाद की टीम ने 11 रनों की एक रोमांचक जीत दर्ज की।
5. मुम्बई इंडियंस ने पुणे वारियर्स के खिलाफ 120 रनों का बचाव किया (2012)
Lowest Defended in IPL: यह टॉप 5 में सबसे करीबी मैच कहा जा सकता है। साल 2012 में आईपीएल का 5 वां सीज़न खेला जा रहा था, जिसमें 45 वां लीग मैच पुणे के मैदान में था और मुम्बई की टीम ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवरो में 9 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 120 रन ही बना सकी, जिसमें सचिन तेंदुलकर और जेम्स फ्रेंकलिन के बीच पहले विकेट के लिए हुई 50 रनों की साझेदारी भी शामिल हैं।
इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी पुणे वारियर्स की टीम ने 47 के स्कोर तक अपने 4 विकेट गवां दिए थे, जहां उनके लिए लक्ष्य हासिल करना आसान काम नहीं दिख रहा था। मुम्बई के लिए हरभजन सिंह ने 4 ओवरो में सिर्फ 18 रन देकर 2 विकेटों को अपने नाम पर किया, जिसके परिणाम स्वरुप पुणे की टीम 20 ओवरो में 119 रन ही बना सकी और उसे 1 रन से हार का सामना करना पड़ा।
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