क्रिकेट में आउट होने के तरीके: क्रिकेट का खेल बेहद रोमांचक होता है और इसी कारण फैंस को भी इसमें काफी मज़ा आता है, आज हम आपको 11 ऐसे नियम के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए कोई भी बल्लेबाज़ ऑउट हो सकता है। यह बात सही है, कि कोई भी टीम टेस्ट क्रिकेट की दोनों पारियों में जब तक विपक्षी टीम को समेट नहीं दे देती वह मैच नहीं जीत सकती।
तीन फार्मेट में खेला जाने वाला Cricket में वैसे तो सभी को कुछ ऑउट होने के तरीकों के बारे में पूरी तरह से पता है, जिसमें कैच, बोल्ड, एलबीडब्लू, रन ऑउट और स्टंम्पिंग शामिल हैं, लेकिन कभी हमें बल्लेबाज़ के ऑउट होने के अजीबोगरीब तरीके के बारे में भी पता चलता हैं, जिसमें हिट विकेट, क्षेत्ररक्षण में बाधा पहुंचा के साथ मांकडिग शामिल हैं।
दिग्गज़ खिलाड़ी लेन हटन, डेसमंस हेंस और स्टीव वॉ जैसे खिलाड़ी अपने क्रिकेट करियर के दौरान 7 अलग-अलग तरीकों से ऑउट हुए हैं, जिसके बाद आईये एक नजर डालते हैं, क्रिकेट में आउट होने के 11 तरीके।
1 – बोल्ड
जब कोई बल्लेबाज़ गेंद को अपने बल्ले से मारने में चूक जाता हैं और गेंद जाकर सीधे तीन स्टंप पर लगती है, जिसके बाद स्टंप पर लगी दो बेल्स में से एक भी नीचे गिर जाती हो बल्लेबाज़ को बोल्ड ऑउट करार दिया जाता है, लेकिन यदि वह गेंद नो बॉल होती तो उसी दशा में बल्लेबाज़ ऑउट होने से बच सकता है।
यदि गेंद स्टंप पर जाकर लगती हैं और दोनों बेल्स में से एक भी नीचे नहीं गिरती है, तो बल्लेबाज़ को ऑउट नहीं करार दिया जा सकता है, लेकिन यदि किसी दशा में तीन स्टंपो में से एक भी अपनी जगह से निकल जाता है और बेल्स नहीं भी गिरती है, तो भी बल्लेबाज़ ऑउट करार दिया जाता है।
2 – कैच ऑउट
क्रिकेट में आउट होने के तरीके: कैच ऑउट होना क्रिकेट में काफी सामान्य तौर पर देखा जा सकता है, जिसमें तीन तरीकों से कोई भी बल्लेबाज़ कैच ऑउट हो सकता है।
जब कोई गेंदबाज़ वैध गेंद डालता है और बल्लेबाज़ के बैट या फिर गलव्स से गेंद लगकर सीधे विकेट के पीछे खड़े विकेटकीपर के दस्तानों में चली जाती हैं, तो बल्लेबाज़ कॉट बिहाइंड ऑउट करार दिया जाता है।
जब कोई गेंदबाज़ अपनी ही गेंद पर कैच पकड़ लेता है, तो बल्लेबाज़ कॉट एंड बोल्ड ऑउट करार दिया जाता है। यह कैच पकड़ा आसान काम नहीं होता है, क्योंकि गेंदबाज़ को बॉल फेकने के बाद ही इस मौके को भुनाना पड़ता है।
इसमें भी कैच पकड़ने का नियम वहीं है, बस जब मैदान में मौजूद टीम का कोई फील्डर कैच पकड़ता है, जो गेंदबाज़ी उस समय ना कर रहा हो, तो बल्लेबाज़ कैच ऑउट करार दिया जाता है।
3 – स्टंम्पड
जब कोई बल्लेबाज़ गेंद को खेलने के लिए अपनी क्रीज़ से आगे बढ़ता है और उसके शरीर का कोई हिस्सा लाइन के अंदर नहीं होता जिसमें गेंद यदि विकेटकीपर के पास जाती है और वह इस समय स्टंप की बेल्स को अलग कर देता है, तो बल्लेबाज़ ऐसी दशा में स्टंप ऑउट करार दिया जाता है।
स्टंप ही एक ऐसा ऑउट है, जिसमें गेंद वैध ना होने पर भी विकेट गेंदबाज़ के खाते में जाता है।
4 – लेग बिफोर विकेट (एलबीडब्लू, पगबाधा)
क्रिकेट में आउट होने के तरीके: कोई भी बल्लेबाज़ जब बल्ले या गलव्स से गेंद खेलने में चूक जाता है और गेंद या तो उसके पैड में या फिर शरीर के किस्से जाकर सीधे लगती हैं और वह गेंद स्टंप में लगने की उम्मीद की जाती है, तो ऐसी दशा में बल्लेबाज़ एलबीडब्लू ऑउट करार दिया जा सकता है।
इस तरह से ऑउट करने के लिए गेंद का इंपेक्ट ऑफ स्टंप के बाहर होना चाहिए साथ ही बाउंस, स्पिन या पिर स्विंग को ध्यान में रखते हुए देखा जाता है, कि गेंद स्टंप में लगती या नहीं। कोई भी बल्लेबाज़ उस दशा में एलबीडब्लू नहीं दिया जा सकता जब गेंद उसके शरीर पर लगने से पहले बल्ले या फिर गलव्स में लग जाती हैं, साथ ही लेग स्टंप के बाहर पिच होने पर भी बल्लेबाज़ ऑउट नहीं दिया जा सकता है। वहीं यदि बल्लेबाज़ गेंद को छोड़ता है और गेंद सीधे उसके शरीर में लगती है, तो वह ऑउट दिया जा सकता है।
5 – रन ऑउट
यदि कोई फील्डर स्टंप के बेल्स को बल्लेबाज़ के रन पूरा करने से पहले गिरा देता है, तो रन ऑउट करार दिया जाता हैं। किसी भी बल्लेबाज़ को रन ऑउट से बचने के लिए लाइन के अंदर होना चाहिए।
फील्डर के लिए भी यह जरूरी है, कि वह जब बल्लेबाज़ को रन ऑउट कर रहा हो तो गेंद का स्टंप से सम्पर्क होना जरूर होना चाहिए उसके हाथ के साथ। यदि स्ट्राइक एंड पर खड़ा कोई बल्लेबाज़ सीधे शॉट खेलता है और गेंद जाकर सामने स्टंप पर लगती है, वहीं नॉनस्ट्राइक एंड पर खड़ा बल्लेबाज़ क्रीज से बाहर होता तो वह तभी रन ऑउट दिया जा सकता जब गेंदबाज़ ने गेंद को अपने हाथ से छुआ हो विकेट पर लगने से पहले।
6 – हिट-विकेट
क्रिकेट में आउट होने के तरीके: यदि कोई बल्लेबाज़ गेंद खेलते समय स्टंप या फिर गिल्लियों को अपने शरीर या उसके स्पोर्ट्स एक्विपमेंट से गिरा देता हैं, शॉट खेलते समय तो उसे हिट-विकेट ऑउट करार दिया जाता है।
बल्लेबाज़ उस दशा में ऑउट नहीं दिया जाता है, जब वह रन पूरा करते समय विकेटो से जाकर टकरा जाता है। हिट-विकेट का सबसे बेहतरीन उदाहरण हेडिंग्ले में इंग्लैंड और वेस्टइंडिज़ के बीच में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान ड्वेन ब्रावो की एक बाउंसर गेंद को केविन पीटरसन ने छोड़ने का प्रयास किया लेकिन गेंद उनके हेलमेट में लगी जिसके बाद हेलमेट निकलकर विकटों मे जाकर लग गया जिससे पीटरसन को हिट-विकेट ऑउट करार दिया गया।
7 – क्षेत्ररक्षण में बाधा पहुंचाना
यदि कोई बल्लेबाज़ बैटिंग करने के दौरान जानबूझकर फिल्डिंग में किसी तरह की बाधा पहुंचाता है, जो क्रिकेट के 37 वें नियम के अनुसार उसे क्षेत्ररक्षण में बाधा पहुंचाने पर ऑउट दिया जा सकता है। यदि रन पूरा करने के दौरान ऐसा पाया जाता है, कि बल्लेबाज़ जानबूझकर गेंद के सामने के आया है, जिससे वह रन ऑउट होने से बच सके तो अम्पायर फील्डिंग टीम की अपील पर गौर पर करते हुए बल्लेबाज़ को इस नियम के अनुसार ऑउट दे सकता है।
साल 2017 में इस नियम में और सुधार करते हुए यदि बल्लेबाज़ गेंद को बल्ले से खेलने के जगह पर सीधे हाथ से उसे पकड़ लेता है, तो भी वह ऑउट दिया जा सकता है, जिसमें वह सिर्फ चोट लगने के डर से ऐसा ना कर रहा हो।
8 – रिटायर्ड ऑउट
कोई भी बल्लेबाज़ उस समय रिटायर्ड ऑउट हो सकता है, जब वह बल्लेबाज़ी के दौरान बिना किसी कारण के मैदान छोड़कर चला जाता है, जिसमें अंपायर सिर्फ चोटिल होने की दशा में उसे अपनी पारी को दोबारा शुरू करने की मंजूरी देते हैं।
इसके अलावा बल्लेबाज़ उसी दशा में अपनी पारी को शुरू कर सकता है, जब फील्डिंग टीम का कप्तान इसकी मंजूरी दे। वहीं यदि खेल के दौरान कोई रिटायर्ड खिलाड़ी अपनी पारी को शुरू नहीं करता है, तो उसे ऑउट दिया जा सकता है। अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ 2 खिलाड़ियों को रिटायर्ड ऑउट दिया गया है, जिसमें महेला जयवर्धने और मार्वन अटापट्टू हैं और दोनों को एक ही मैच में साल 2001 में बांग्लादेश के खिलाफ एक ही पारी में दिया गया था।
9 – गेंद को 2 बार मारना
यदि कोई बल्लेबाज़ खेलते समय 2 बार गेंद को बल्ले से मारकर शॉट खेलता है, तो Cricket के 34 वें नियम के अनुसार उसे ऑउट दिया जा सकता है। दूसरी बार गेंद बल्लेबाज़ जानबूझकर मारता है, तो यह नियम उसी समय लागू होगा।
लेकिन यदि बल्लेबाज़ शॉट खेलने के बाद गेंद को विकेट में लगने से रोकने के लिए बल्ले का प्रयोग करता है ना कि अपने हाथ का तो उस समय यह नियम लागू नहीं होगा।
10 – टाइम ऑउट
क्रिकेट में आउट होने के तरीके: यह काफी कम ही Cricket में देखने को मिला है, जब कोई बल्लेबाज़ इस तरह से ऑउट दिया गया हो। जब किसी टीम का कोई विकेट गिरता है और दूसरा बल्लेबाज़ तय समय के अंदर मैदान में प्रवेश नहीं करता है, तो विपक्षी टीम अंपायर से अपील करके उस खिलाड़ी को टाइम ऑउट कर सकती है।
वनडे और टेस्ट क्रिकेट में जहां विकेट गिरने के तीन मिनट के अंदर किसी बल्लेबाज़ को मैदान के अंदर आना होता है, तो वहीं टी20 क्रिकेट में यह सिर्फ 2 मिनट ही है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में विकेट गिरने के 5 मिनट के बाद मैदान के अंदर आये थे, लेकिन अफ्रीका टीम ने उनके खिलाफ टाइम ऑउट की अपील नहीं की थी, जिस कारण वह ऑउट नहीं हुए थे।
11 – मांकडिंग ऑउट
आईपीएल के 12 वें सीज़न में जब राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन के बीच में सीज़न का जब चौथा मैच खेला जा रहा था, तो उस समय पंजाब टीम के कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज़ जॉस बटलर को मांकडिंग ऑउट कर दिया था। इस ऑउट में जब कोई नॉनस्ट्राइक एंड पर खड़ा बल्लेबाज़ अपनी क्रीज से गेंदबाज़ के गेंद करने से पहले बाहर निकल जाता है, तो गेंदबाज़ उसी समय विकेट में गेंद लगाने के साथ गिल्लियों को गिरा देता है, तो वह खिलाड़ी ऑउट दिया जाता है।
इस तरह से ऑउट होने पर काफी विवाद भी देखने को मिला है, क्योंकि इसे खेल भावना के खिलाफ बताया गया लेकिन क्रिकेट के नियमों में यह वैध ऑउट माना जाता है।
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