भारतीय शूटिंग खिलाड़ी मानवजीत सिंह संधू जो ट्रैप शूटिंग के विशेषज्ञ खिलाड़ी माने जाते हैं। मानवजीत को शूटिंग में शानदार प्रदर्शन के लिए अर्जुन अवार्ड और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दोनों मिल चुके हैं। पंजाब से आने वाले मानवजीत को उस तरह से पहचान नहीं मिली जैसे राज्यवर्धन सिंह राठौर और अभिनव बिंद्रा को मिली हो लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि वह देश का प्रतिभाशाली शूटर खिलाड़ी हैं। अपने शूटिंग के करियर में संधू ने कई कीर्तिमान बनाये हैं।
शुरूआती जीवन
एक बच्चे के तौर पर मानवजीत सिंह संधू भी अपने पिता से काफी प्रभावित थे। मानवजीत के पिता जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिलने के साथ वह देश केे लिए ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुके थे अपने बेटे के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं थे। खून में ही शूटिंग होने की वजह से मानवजीत को पिता के अंडर में ही ट्रेनिंग मिली।
निजी जीवन
42 साल के इस शूटर खिलाड़ी का जन्म 3 नवंबर 1976 को पंजाब के फिरोजपुर डिस्ट्रिक के रत्ता खेरा पंजाब सिंह वाला गांव में हुआ था। मानवजीत के पिता का नाम गुरबीर सिंह है। मानवजीत ने अपनी स्कूल की पढ़ाई हिमांचल प्रदेश के लॉरेंस स्कूल से करने के अलावा चंडीगढ़ के यदाविंद्रा पब्लिक स्कूल और नई दिल्ली के दिल्ली पब्लिक स्कूल से भी की है।
वहीं मानवजीत ने अपना ग्रेजुएशन दिल्ली यूनीवर्सिटी के वेंकेटेश्वारा कॉलेज से किया है। मानवजीत ने कंगन से शादी की और साल 2011 में इस दंपति को बेटा भी हुआ।
प्रोफेशनल जीवन
साल 2006 में मानवजीत सिंह संधू ट्रैप शूटिंग में विश्व के नंबर 1 खिलाड़ी बन गए थे, वहीं साल 2010 में उनकी रैकिंग तीसरी थी। साल 2006 में हुई ISSF वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में मानवजीत ने गोल्ड मेडल जीतने के साथ पहले भारतीय शूटर खिलाड़ी बन गए थे, जो वर्ल्ड चैंपियन क्राउन को प्राप्त किया था।
एशियन गेम्स 1998, 2002 और 2006 में मानवजीत ने 4 सिल्वर पदक अपने नाम पर किये थे। इसके अलावा साल 1998 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में ट्रैप डिसीप्लिन में गोल्ड मेडल जीता था, वहीं साल 2006 के कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक। मानवजीत ने 6 क्ले शूटिंग चैंपियनशिप मेडल भी जीते हैं।
बिजिंग में हुए साल 2008 के ओलंपिक खेलों में भी मानवजीत ने हिस्सा लिया था और वह 12 वें स्थान पर रहे थे। वहीं साल 2004 के एथेंस ओलंपिक में मानवजीत ने 19 वें स्थान पर खत्म किया था। साल 2010 में मानवजीत ने पहले कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था और उसके एक हफ्ते बाद ही मानवजीत ने मेक्सिको में हुए वर्ल्डकप में भी गोल्ड मेडल जीता।
यूएसए में साल 2014 में हुए वर्ल्डकप में मानवजीत ने गोल्ड मेडल जीता। वहीं साल 2016 में मानवजीत रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाइ कर गए थे।
अवार्ड
अचीवमेंट
निजी जानकारी
विवाद
अपनी शानदार सफलाताओं और प्रदर्शन के अलावा यह निशानेबाज खिलाड़ी पूरे करियर में किसी भी विवाद में पड़ते हुए नहीं दिखे। मानवजीत सिंह संधू का हमेशा पूरा ध्यान अपने खेल को सुधारने में रहा जिससे वह बेहतर प्रदर्शन लगातार कर सके।
नेटवर्थ
प्राइमरी इनकम की बात करे तो मानवजीत सिंह संधू अपने स्पोर्टिंग करियर से अधिकतर कमाई करते हैं, फिलहाल उनकी नेटवर्थ को लेकर किसी तरह की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
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