क्रिकेट दुनिया मे दूसरा सबसे ज्यादा देखा जाने वाला और खेला जाने वाला खेल है। भारत मे लोग जिस रुची के साथ क्रिकेट को देखते है अनुसरण करते है और खेलते है शायद उतनी रुची के साथ लोग पढाई भी नही करते है यही कारण है कि क्रिकेट को भारत मे धर्म का दर्जा दिया गया है।
हम इस आर्टिकल मे ऐसे भारतीय बल्लेबाजो के बारे मे बतायेगे जो वनडे क्रिकेट मे डेब्यु करते हुए अपने पदार्पण का यादगार बनाया है।
अभी के समय मे इस नाम से भी हर कोई वाकिफ हो इस खिलाडी के कारनामो से भी। बल्लेबाजी का कोई भी क्रम हो ये बल्लेबाज हर क्रम पर रन बनाता है, इसके बाद भी फिल्डिंग की बात करें तो मनीष पांडे एक बेहतरीन फिल्डर है। बिते कुछ सालो मे मनीष पांडे के लिए काफी बेहतर रहा है। मनीष पांडे ने 2015 मे जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे क्रिकेट मे पदार्पण किय था। इस मैच मे भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 84 पर 4 विकेट गिर चुके थे। मनीष पांडे बल्लेबाजी करने उतरे और 86 गेंदो मे 73 रनो की मैच जीताउ पारी खेली थी। इस मैच मे अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान 4 चौका और 1 छक्का जडा था।
इस नाम से भी हम सभी वाकिफ है, किसी समय मे हम इन्हे एक कमेंटेटर के तौर पर जानते थे और आज कल नवजोत सिंह सिद्धु अपने कामो से भी सुर्खियों मे भी बने रहते है। टेस्ट डेब्यु के करीब चार साल बाद 1987 वर्ल्ड कप मे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नवजोत सिंह सिद्धु ने डेब्यु किया था और 73 रनो की शानदार पारी खेली थी। भारत इस मैच को 1 रन से हार गया था।
इस नाम को हम सब मे से कुछ लोगो को याद होगा और बहुत से लोग इस को जानते भी नही होगे। बृजेश पटेल का घरेलु क्रिकेट का सफर काफी शानदार रहा है लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मे कुछ खास नही कर पाये है। 1974 मे इंगलैंड के खिलाफ लीड्स के मैदान पर वनडे मे डेब्यु किया था और 6 नंबर पर बल्लाजी करते हुए 82 रन का शानदार और मैच जीताउ पारी खेला था। बृजेश पटेल के 82 रन के बदौलत भारत ने इंगलैंड टीम को 265 रन का लक्ष्य दिया था और भारत इस मैच को जीत गया था।
अभी के समय मे इस नाम से भी हर कोई वाकिफ हो इस खिलाडी के कारनामो से भी। बल्लेबाजी का कोई भी क्रम हो ये बल्लेबाज हर क्रम पर रन बनाता है, इसके बाद भी फिल्डिंग हो विकेटकिपींग फर्क नही पडता है बस बल्लेबाज आउट होना चाहिए। रोबिन उथप्पा ने 2006 मे इंगलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट मे पदार्पण किय था। इस मैच मे भारतीय टीम 288 रनो के लक्ष्य का पिछा करने उतरी थी, लक्ष्य बडा था ओपनिंग करने उतरे के रोबिन उथप्पा ने 96 गेंदो मे 86 रनो की शानदार पारी खेली थी। इस मैच मे अपनी 86 रनो पारी के दौरान 12 चौका और 1 छक्का जडा था। इस मैच को भारतीय टीम ने 7 विकेट से मैच जीता था और भारतीय टीम के उपर के 4 बल्लेबाजो ने अर्धशतक जडा था।
अभी के समय मे इस नाम से हर कोई वाकिफ हो इस खिलाडी के कारनामो से भी। बल्लेबाजी का कोई भी क्रम हो ये बल्लेबाज हर क्रम पर रन बनाता है, इसके बाद भी फिल्डिंग हो विकेटकिपींग फर्क नही पडता है बस बल्लेबाज आउट होना चाहिए। बिता साल के एल राहुल के लिए काफी बेहतर रहा, वर्ल्ड कप जैसे श्रृखंला मे ओपनिंग करनी हो या नंबर 5 पर आके फिनिश करना हो हर जगह के एल राहुल उम्मीदो पर खडे उतरे है। के एल राहुल ने 2016 मे जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे क्रिकेट मे पदार्पण किय था। इस मैच मे भारतीय टीम 169 रनो के लक्ष्य का पिछा करने उतरी थी, लक्ष्य छोटा था ओपनिंग करने उतरे के एल राहुल ने 115 गेंदो मे 100 रनो की नाबाद पारी खेली और मैच जीताकर ही वापस लौटे थे। इस मैच मे अपनी शतकीय पारी के दौरान 7 चौका और 1 छक्का जडा था।
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