देश के जान-पहचाने प्रतिभाशाली आर्चरी खिलाड़ी राहुल बनर्जी जो ओलंपिक में पदक जिताने में एक महत्तवपूर्ण योगदान दे सकते हैं। राहुल ने साल 2012 में हुए लंदन ओलंपिक में टीम और व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट में हिस्सा लिया था। राहुल बनर्जी उस भारतीय आर्चरी टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जिसने नंबर 1 की रैंक हासिल की थी। इस टीम में राहुल के अलावा जयंता तालुकदार और तरूणदीप राय भी शामिल थे।
शुरूआती जीवन
यह भारतीय आर्चरी खिलाड़ी कोलकाता का रहने वाला हैं। राहुल बनर्जी ने 13 साल की उम्र में ही अपनी बहन से प्रेरणा लेते हुए जो देश की एक शानदार महिला आर्चरी खिलाड़ी हैं, सीखना शुरू कर दिया था। टाटा एकेडमी में आर्चरी की प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेने के बाद साल 2004 में राहुल बनर्जी ने इंटनेशनल डेब्यू यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप से किया।
निजी जीवन
15 दिसम्बर 1986 को कोलकाता में राहुल बनर्जी का जन्म हुआ था। राहुल के पिता का नाम अशोक बनर्जी और मां का नाम कल्पना बनर्जी हैं, वहीं उनकी बड़ी बहन का नाम डोला बनर्जी है, जो एक पूर्व ओलंपिक आर्चरी खिलाड़ी रह चुकी हैं।
कल्पना बनर्जी हमेशा चाहती थी, कि उनकी बेटी गायिका में अपना करियर बनाये और राहुल भी उन्हीं कदमों पर चलकर आगे ऐसा ही करे लेकिन पिता अशोक जो एक आर्चरी क्लब के साथ थे उसी कारण डोला और राहुल के भविष्य का प्लान पूरी तरह से बदल गया। 10 साल की उम्र में डोला बनर्जी के अंदर खेल की एक लत सी लग गयी जो राहुल के लिए प्रेरणा थी।
पिता अशोक लगातार अपने बच्चों का समर्थन करते रहे चाहे कैसे भी हालात हों, वहीं मां कल्पना अपने बच्चों के स्पोर्ट्स करियर को लेकर अधिक खुश नहीं थी, जिसका एक मतलब यह था, कि बच्चे खेल के कारण घर से हमेशा दूर ही रहते थे। दोनों ही आर्चर खिलाड़ी अधिकतम 1 दिन के लिए ही घर आ पाते थे।
बनर्जी ने आज जो कुछ भी हासिल किया है, उसमें उनकी बड़ी बहन का काफी बड़ा योगदान रहा है और यह युवा आर्चर खिलाड़ी हमेशा अपनी बहन डोला जो उनकी एक तरह से आर्चरी में पहली कोच भी थी, को इसका श्रेय भी देता है।
प्रोफेशनल जीवन
यूथ वर्ल्ड चैंपियन साल 2004 से राहुल बनर्जी ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करते हुए सिल्वर पदक जीता था। टीम इवेंट में राहुल ने इस पदक को जीता था। साल 2008, 2009 और 2010 में हुए वर्ल्डकप में गोल्ड मेडल्स को अपने नाम पर किया था। साल 2009ृ-2010 में हुए एशियन ग्रांड प्रिक्स में राहुल ने व्यक्तिगत रूप से गोल्ड मेडल जीता था।
नई दिल्ली में हुए साल 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में राहुल बनर्जी ने व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने के साथ टीम इवेंट में कांस्य पदक को भी अपने नाम पर किया था। इसके अलावा साल 2010 में हुए एशियन गेम्स में टीम इवेंट में कांस्य पदक भी जीता था। साल 2012 में राहुल लंदन में होने वाले ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाइ कर गए थे, लेकिन व्यक्तिगत इवेंट में वह 17 वें स्थान पर रहे थे, वहीं टीम इवेंट में 9 वें स्थान पर रहे थे।
अवार्ड
तीरंदाज़ी में शानदार प्रदर्शन के लिए साल 2011 में अर्जुन पुरस्कार मिला।
अचीवमेंट
निजी जानकारी
विवाद
राहुल बनर्जी ने हमेशा अपने खेल और आर्चरी में अपने अचीवमेंट को लेकर ही सुर्खियां बटोरी हैं। राहुल का पूरा ध्यान अपने खेल को लेकर ही रहता है, जिस कारण वह किसी भी तरह के विवाद से पूरी तरह दूर ही दिखे हैं।
नेटवर्थ
अपने आर्चरी के प्रोफेशन के अलावा राहुल इस्टर्न रेलवे में नौकरी करते हैं। फिलहाल बनर्जी की नेटर्वथ को लेकर अभी किसी भी तरह की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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