भारत के उभरते हुए रेसलिंग स्टार रवि कुमार दहिया जो 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल इवेंट में हिस्सा लेते हैं। रवि ने कुछ ही समय पहले हुए साल 2019 के वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 57 किलोग्राम कैटेगरी में कांस्य पदक जीतने के साथ साल 2020 के टोक्यो ओलंपिक के लिए अपनी जगह को पक्का कर लिया।
शुरूआती जीवन
10 साल की उम्र में ही रवि कुमार को सतपाल सिंह के साथ ओलंपिक में 2 बार पदक जीत चुके सुशील कुमार के अंडर में रेसिलंग की कोचिंग मिलना शुरू हो गयी थी। रवि कुमार दहिया उस गांव से आते हैं, जहां से देश को कई शानदार रेसलर खिलाड़ी मिले हैं, जिसमें फोगाट बहनें, बजरंग पूनिया, योगेश्वर दत्त जैसे नाम शामिल हैं और इसी कारण इसमें कोई संदेह नहीं कि रवि कुमार शुरू से ही रेसलिंग जाने का फैसला क्यों किया। रवि कुमार को लेकर भले ही अभी उतनी बात ना हुई हो लेकिन उनकी प्रतिभा को देखते हुए वह आने वाले समय के बड़े रेसलिंग स्टार खिलाड़ी जरूर बनेंगे।
निजी जीवन
रवि कुमार का जन्म हरियाणा के सोनीपत डिस्ट्रिक में नाहरी गांव में हुआ था। रेसलिंग को लेकर रवि के अंदर शुरू से एक जुनून था, लेकिन आर्थिक स्थिती मजबूत ना होने की वजह से रवि कुमार दहिया को अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए काफी कड़ा संघर्ष करना पड़ा। रवि के पिता के पास अपनी कोई जमीन नहीं थी, जिस कारण उन्होंने जीविका चलाने के लिए दूसरे के खेतों को किराए पर लिया हुआ था।
रवि के लिए फल खरीदने के लिए उनके पिता नाहरी से 40 किलोमीटर का सफर तय करके दिल्ली आते थे। अपनी रेसलिंग की पूरी जर्नी में रवि कुमार को आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ा। रवि के पिता ने अपने बेटे के वर्ल्ड रेसलिंग में कांस्य पदक जीतने की उपलब्धी को नहीं देखा, क्योंकि खेतो में काम करने की वजह से वह रवि के प्रदर्शन को नहीं देख पाते हैं। रवि के पिता राकेश कुमार काफी कड़ी मेहनत करते हैं, जिससे उनके बेटे को जीवन में कभी समझौता ना करना पड़े।
प्रोफेशनल जीवन
रवि कुमार दहिया ने नयी दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में रेसलिंग की ट्रेनिंग ली है। यह स्टेडियम पूरे देश में कुश्ती के स्कूल के तौर पर पहचाना जाता है, जहां से सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त से खिलाड़ी देखने को मिले हैं। 22 साल की उम्र में डेब्यू करने वाले रवि कुमार ने अपना पहला मैच वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेला और उसमें उन्होंने ईरान के खिलाड़ी और एशियन चैंपियन रीज़ा अत्रीनाघारची को हराकर कांस्य पदक को अपने नाम पर किया था।
साल 2015 में रवि ने जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर पदक को अपने नाम पर किया था। इसके बाद साल 2017 में रवि को घुटने के चोट का सामना करना पड़ा जब वह सीनियर नेशनल्स गेम्स में हिस्सा ले रहे थे और सेमीफाइनल तक पहुंच चुके खे लेकिन चोट के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा। जिसके बाद जल्द ही रवि ने फिट होकर शानदार वापसी की।
साल 2018 में हुई अंडर 23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में रवि ने सिल्वर पदक अपने नाम पर किया था। इसके अलावा सीनियर नेशनल्स में भी रवि ने दूसरा स्थान हासिल किया था। अपने एंकल में चोट के बावजूद रवि ने सीनियर एशियन चैंपिनशिप में हिस्सा लेते हुए 5 वें स्थान पर खत्म किया था।
इसके बाद रवि कुमार दहिया ने खुद को 57 किलोग्राम वर्ग में एक खिलाड़ी के तौर पर पूरी तरह से स्थापित कर लिया था। रवि ने सीनियर रेसलर खिलाड़ी संदीप तोमर और उत्कर्ष काले को वर्ल्ड चैंपियनशिप के चयन के समय हराया था, जिससे उन्हें टोक्यो ओलंपिक का टिकट भी मिल गया।
अचीवमेंट
निजी जानकारी
विवाद
अपने प्रदर्शन के अलावा रवि कुमार दहिया दूसरी किसी भी तरह की खबरो को लेकर कभी सुर्खियों में नहीं आये। अपने खेल को लेकर उनका पूरा ध्यान उन्हें किसी भी तरह के विवादों से काफी दूर रखता है।
नेटवर्थ
रवि कुमार दहिया की नेटवर्थ को लेकर किसी भी तरह की कोई जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
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