भारतीय पैदलचाल धावक संदीप कुमार जो 20 किलोमीटर और 50 किलोमीटर के इवेंट्स पर हिस्सा लेते हैं। पिछले 3 सालों से संदीप भारत के लिए इस इवेंट में एक प्रमुख खिलाड़ी रहे हैं। मनीष सिंह रावत ने साल 2016 में हुए रियो ओलंपिक में हिस्सा लेते हुए इस इवेंट में 13 वें स्थान पर रहते हुए खत्म किया था।
संदीप ने रियो ओलंपिक के लिए अपनी जगह को पक्का करने के लिए पुर्तगाल में हुए आईएएफएफ रेस वॉकिंग चैलेंज में 20 किलोमीटर के इवेंट को 1 घंटा 23 मिनट में पूरा करके अपनी जगह को पक्का किया था।
शुरूआती जीवन
भारतीय ट्रैक फील्ड एथलीट संदीप कुमार का जन्म 1 मई 1986 को हुआ था। हरियाणा के एक छोटे से गांव से आने वाले संदीप मौजूदा समय में भारत के लिए एथलेटिक्स में ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में प्रमुख खिलाड़ी बन चुके हैं।
संदीप के पिता एक किसान हैं और उनके परिवार में किसी ने भी पहले खेलो को लेकर कोई रूचि नहीं थी, लेकिन जट रेजीमेंट सेंटर में उनके दाखिले के बाद संदीप ने रेसवॉकिंग को प्रोफेशनली लेने का विचार करते हुए ओलंपिक में पदक जीतने के अपने सपने को पूरा करने की तरफ बढ़ गए। साल 2006 में जब संदीप भारतीय आर्मी के जट रेजीमेंट सेंटर के साथ जुडने के 2 साल के बाद उन्होंने इस खेल को गंभीर रूप से लिया।
ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में रेसवॉकिंग किसी भी तरह से आसान नहीं होता है, क्योंकि आपका एक पैर हर समय हवा में होना चाहिए और ऐसा नहीं होने पर आप तुरंत अयोग्य घोषित कर दिए जायेंगे। इसके अलावा इस लम्बी दूरी की रेस के लिए स्टेमिना, तकनीक और फिटनेस काफी शानदार होनी चाहिए जिसमें आपकी मानसिक क्षमता की कड़ी परिक्षा होती है और इस कारण यह बाकी खेलों से कहीं अधिक कठिन होता है।
प्रोफेशनल जीवन
संदीप ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड जो पहले बसंत बहादुर राणा के नाम पर था, जिन्होंने 3 घंटे 56 मिनट 48 सेकेंड में लंदन में हुए साल 2012 के ओलंपिक में रेस को पूरा किया था, उनके रिकॉर्ड को संदीप नेे आईएएफएफ वर्ल्ड रेस वॉकिंग कैंप जो साल 2014 में हुआ था, उसमें रेस को 3 घंटे 56 मिनट 22 सेकेंड में पूरा करके तोड़ दिया था।
पुर्तगाल में हुई आईएएफएफ रेस वॉकिंग चैलेंज में संदीप ने पुरूषों की 20 किलोमीटर रेस को 1 घंटे 23 मिनट 32 सेकेंड में पूरा करके रियो में होने वाले साल 2016 के ओलंपिक खेलो के लिए अपनी जगह को पक्का कर लिया था।
संदीप कुमार ने 50 किलोमीटर इवेंट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड को नेशनल वॉकिंग चैंपियनशिप 2018 में तोड़कर काफी सुर्खियां बटोरी थी, इसी साल संदीप ने इसी इवेंट में 3 घंटे 56 मिनट 71 सेकेंड में रेस को पूरा करके गोल्ड मेडल जीता था।
कोच एलेक्जेंडर अर्टेसीबसेव के साथ समस्या होने की वजह से संदीप को अपना ट्रेनिंग कैंप बदलना पड़ा जिसमें वह बैंगलूरू साई सेंटर से एनआईएस पटियाला आकर ट्रेनिंग करने लगे।
इस बात को लेकर संदीप ने एक इंटरव्यू में कहा था, कि, मेरे कोच के साथ कुछ विवाद थे, किसी भी एथलीट के खेल में तभी सुधार होता है, जब उसका कोच के साथ अच्छा तालमेल हो लेकिन एलेक्जेंडर ने मेरी बातों को सुनना ही बंद कर दिया था। इसके बाद मैने एएफआई से रिक्वेस्ट की मुझे दूसरे कोच के अंडर में ट्रेनिंग लेने की छूट दी जाए। एएफआई ने मेरी इस मांग को स्वीकार करते हुए मुझे सुरेंद्र कुमार के अंडर में एनआईएस पटियाला ट्रेनिंग सेंटर भेज दिया गया।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए संदीप ने कहा कि, मैं लंदन में होने वाले साल 2017 के वर्ल्ड चैंपियनशिप में 20 किलोमीटर और 50 किलोमीटर दोनों ही इवेंट के लिए क्वॉलीफाइ किया था, लेकिन एलेक्जेंडर ने 20 किलोमीटर इवेंट में मेरे नाम को हटाते हुए गणपति को शामिल कर लिया, जिसमें रियो ओलंपिक में भी उन्होंने ऐसा ही किया था।
पर्सनल लाइफ
ट्रैक एंड फील्ड एथलीट संदीप कुमार का जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ में हुआ था। एक किसान परिवार से आने वाले संदीप ने कभी इसकी सपना नहीं देखा था, कि वह एक दिन देश का विश्व स्तर पर नेतृत्व करेंगे लेकिन अपनी कड़ी मेहनत के दम पर संदीप ने इस काम को करके दिखाया।
निजी जानकारी
विवाद
यदि कोच के साथ होने वाले विवाद को दरकिनार कर दिया जाए तो संदीप कुमार अपने अभी तक के करियर में विवादो से काफी दूर ही देखे गए हैं।
नेटवर्थ
संदीप की नेटवर्थ को लेकर अभी किसी भी तरह का जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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