भारतीय प्रोफेशनल महिला गोल्फर खिलाड़ी शर्मीला निकोलेट ने अपने बचपन में मज़े के लिए गोल्फ खेलना शुरू किया था, जिसके बाद वह आगे चलकर भारत के लिए शानदार गोल्फ खिलाड़ी बनकर उभरी।
शुरूआती जीवन
बैंगलुरू में जन्म लेनी वाली शर्मीला ने कभी ये नहीं सोचा था, कि वह एक दिन गोल्फ में देश का नेतृत्व कर रही होंगी, लेकिन उन्हें अपने माता-पिता का पूरा समर्थन मिला। 18 साल की उम्र में शर्मीला ने एक प्रोफेशनल गोल्फर के तौर पर खेलना शुरू कर दिया था। यह खिलाड़ी सिर्फ अपने खेल के लिए ही नहीं फेमस हुई बल्कि शर्मीला के ग्लैमर अंदाज ने भी काफी लोगों को प्रभावित किया। शर्मीला एक पूर्व सब-जूनियर स्वीमिंग चैंपियन नेशनल लेवल पर रह चुकी हैं।
निजी जीवन
शर्मीला का जन्म 12 मार्च 1991 को बैंगलुरू में हुआ था। शर्मीला के पिता का नाम मार्क निकोलेट है, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं वहीं शर्मला की मां का नाम सुरेखा निकोलेट है, जो एक परफ्यूमिस्ट हैं, जो बैंगलुरू में ही पदमी अरोमा लिमिटेड़ को चलाती हैं। शर्मीला ने 10 वीं और 12 वीं की पढ़ाई बिशअप कॉटन गर्ल्स इंटरनेशनल स्कूल बैंगलुरू से की है।
वहीं शर्मीला ने अपना ग्रेजुएशन बैंगलुरू के एक प्राइवेट कॉलेज से किया है। साल 2002 में जब शर्मीला सिर्फ 11 साल की थी, तो उस समय उन्होंंने गोल्फ खेलना शुरू किया। 15 साल की उम्र में शर्मीला ने गोल्फ में अपना पहला खिताब जीता, इसके अलावा यह गोल्फ खिलाड़ी स्वीमिंग में भी काफी शानदार थी और इसी कारण नेशनल सब-जूनियर स्वीमिंग चैंपियन भी रही हैं। अपने स्कूल बिशअप कॉटेन में शर्मीला स्टेट लेवर की एथलीट भी रह चुकी हैं।
प्रोफेशनल जीवन
निकोलेट का चचेरा भाई गोल्फ खेलता था, जो उन्हें इस खेल में लेकर आया लेकिन युवा शर्मीला ने शुरूआत में इसे सिर्फ एक मजे को तौर पर खेलना शुरू किया लेकिन समय बीतने के साथ उनकी इस खेल में दिलचस्पी लगातार बढ़ती चली गयी, जिसके बाद शर्मीला ने गोल्फ को अपना करियर बनाने का फैसला लिया। निकोलेट ने इसी दौरान यूनाइटेड स्टेट्स यूनीवर्सिटी की स्कॉलरशिप को भी लेने से मना कर दिया क्योंकि वह अपने सपने को पूरा करना चाहती थी।
साल 2006 में दोहा में हुए एशियन गेम्स और एशिया पैसिफिक जूनियर गोल्फ टूर्नामेंट में शर्मीला को पहली बार देश के लिए खेलने का मौका मिला। इसके बाद शर्मीला ने कई अंतरराष्ट्रीय गोल्फ टूर्नामेंट में हिस्सा लिया जिसमें कालावे वर्ल्ड जूनियर एमेचर चैंपियनशिप जो सैंडिगो में हुई थी उसमें भी हिस्सा लिया।
इसके बाद साल 2005-2006 में शर्मीला को भारत की नंबर 1 जूनियर गर्ल घोषित किया गया, यही नहीं साल 2007-2008 में ओपन लेडीज एमेचर गोल्फर और टॉप गर्ल जूनियर भी शर्मीला के नाम के साथ जुड़े। शर्मीला निकोलेट ने जब साल 2007-2008 में ऑल इंडिया एमेचर चैंपियनशिप में जीत हासिल की तो वह सबसे युवा खिलाड़ी थी, इसे जीतने वाली।
शर्मीला निकोलेट ने साल 2009 में महिला गोल्फ एसोसियेशिन ऑफ इंडिया के साथ जुड़ गयी। WGAI में शर्मीला ने खुद को एक प्रोफेशनल गोल्फर के तौर पर ढालने की कोशिश की जिससे वह WGAI और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले गोल्फ टूर्नामेंट को जीत सके। साल 2009 में बैंकॉर में हुए थाई LPGA इवेंट में शर्मीला ने टॉप 10 में फिनिश किया था, जिसमें उन्हें 2 जीत हासिल हुई थी।
वहीं साल 2010-2011 में शर्मीला को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिला जिसमें लेडीज़ एशियन टूर इवेंट जो चाइना, इंडोनेशिया और थाईलैंड में हुए थे, उसमें हिस्सा लिया। साल 2012 में शर्मीला ने लेडीज यूरोपियन टूर विद फुल टूर के लिए क्वालिफाइ करने वाली सबसे युवा गोल्फर खिलाड़ी बन गयी।
अवार्ड्स
अचीवमेंट
निजी जानकारी
विवाद
भारतीय गोल्फर खिलाड़ी शर्मीला निकोलेट ने हमेशा गोल्फ इवेंट में अपने प्रदर्शन के दम पर लगातार सुर्खियां बटोरी हैं। इसके अलावा उनका ग्लैमरस अंदाज भी काफी लोगों को प्रभावित करता रहा। वहीं अभी तक वह अपने करियर में विवादों से काफी दूर ही रही हैं।
नेटवर्थ
शर्मीला निकोलेट की नेटवर्थ को लेकर बात करी जाए तो वह लगभग 2 लाख रूपये के आसपास होने की उम्मीद की जा सकती है।
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