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दिग्गज़ रेसलिंग खिलाड़ी सुशील कुमार के बारे में जानिए सभी जानकारी

कई युवावों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत माने जाने वाले देश के दिग्गज़ रेसलर खिलाड़ी सुशील कुमार जो एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ओलंपिक में 2 पदक जीते हैं। सुशील ने साल 2008 बिजिंग ओलंपिक और साल 2012 के लंदन ओलंपिक में पदक जीते थे। रेसलिंग में शानदार प्रदर्शन के लिए सुशील को भारत सरकार की तरफ से राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भी मिल चुका है।

शुरूआती जीवन

अपने पिता और चचेरे भाईयों से प्रेरणा लेते हुए सुशील कुमार ने 14 साल की उम्र में रेसलिंग की शुरूआत की थी। सुशील ने छत्रसाल स्टेडियम में मौजूद अखाड़े में यशवीर सिंह और रामपाल के अंडर में ट्रेनिंग करना शुरू किया था। इसके बाद सुशील कुमार ने अपने जीवन में पीछे मुड़कर नहीं देखा और सिर्फ 4 सालों के अंदर हरियाण स्टेट चैंपियन खिलाड़ी बन गए। साल 1998 में सुशील कुमार ने वर्ल्ड कैडेट गेम्स में 18 साल की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीता।

निजी जीवन

26 मई 1983 को सुशील कुमार का जन्म साउथ वेस्ट दिल्ली में नजफगढ़ में बपरोला गांव में जाट परिवाप में हुआ था। सुशील के पिता दीवान सिंह एमटीएनल दिल्ली में ड्राइवर के पद पर नौकरी कर रहे हैं, वहीं मां कमला देवी एक गृहणी हैं। सुशील ने अपनी बैचलर डिग्री फिजिकल एजुकेशन में करने के बाद दादरी स्थित नोएडा कॉलेज से इसी विषय में मास्टर डिग्री हासिल की।

यह भारतीय रेसलर पूरी तरह से शाकाहारी हैं और डेयरी प्रोडेक्ट का अपनी डाइट में अधिक इस्तेमाल करते हैं। वर्तमान में सुशील कुमार भारतीय रेलवे में सहायक कॉमर्शियल मैनेजर के पद पर तैनात हैं।

प्रोफेशनल जीवन

एशियन जूनियर रेसलिंग चैंपियनशिप साल 2000 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद सुशील कुमार ने साल 2003 में हुई एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक और कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल को अपने नाम पर किया है। साल 2004 में हुए एथेंस ओलंपिक में सुशील कुमार ने 60 किलोग्राम कैटेगरी में हिस्सा लिया और 14 वें स्थान पर खत्म किया।

लेकिन सुशील ने इसके बाद जोरदार वापसी करते हुए साल 2005 और 2007 में हुई कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। सुशील ने ओलंपिक में अपना पहला पदक साल 2008 के बिजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक के तौर पर जीता। इसके बाद सुशील कुमार ने साल 2012 के लंदन ओलंपिक में इतिहास रचते हुए सिल्वर पदक जीता।

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुए साल 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में सुशील कुमार ने 74 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। सुशील ने अपने करियर का आखिरी पदक साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में 74 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था।

अवार्ड्स

  • रेसलिंग में शानदार प्रदर्शन के लिए साल 2005 में अर्जुन पुरस्कार मिला।
  • भारत सरकार की तरफ से राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिला।
  • पद्म श्री पुरस्कार भी सुशील कुमार को मिल चुका हैं।

अचीवमेंट

  • वर्ल्ड चैंपियनशिप साल 2010 में 60 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता।
  • नई दिल्ली में हुए साल 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता।
  • ग्लासगो में हुए साल 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता।
  • गोल्ड कोस्ट में हुए साल 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में 74 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता।
  • एशियन चैंपियनशिप साल 2003 में कांस्य पदक जीता।
  • 66 किलोग्राम कैटेगरी इवेंट में एशियन चैंपियनशिप साल 2007 में सिल्वर पदक जीता।
  • एशियन चैंपियनशिप साल 2008 में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
  • दिल्ली में हुए साल 2010 की एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।
  • कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप साल 2003 में 60 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता।
  • केपटाउन में हुई साल 2005 की कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।
  • साल 2007 में हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में 66 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता।
  • जालंधर में साल 2009 में हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।

निजी जानकारी

  • नाम – सुशील कुमार सोलंकी
  • पिता का नाम – दीवान सिंह
  • मां का नाम – कमला देवी
  • पत्नि का नाम – सवी कुमार
  • लम्बाई – 5 फुट 5 इंच
  • वजन – 66 किलोग्राम
  • आंखो का रंग – ब्लैक
  • बालों का रंग – ब्लैक
  • जन्म – 26 मई 1983
  • उम्र – 36 साल (साल 2019 तक)
  • जन्मस्थान – बपरोला
  • राशी – मिथुन
  • राष्ट्रीयता – भारतीय
  • होमटाउन – बपरोला, नई दिल्ली
  • कॉलेज – नोएडा कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन, नोएडा

विवाद

रियो ओलंपिक के क्वालीफिकेशन के समय सुशील कुमार विवाद में फसते हुए दिखाई दिये। साल 2015 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद नरसिंह यादव को उम्मीद थी, कि रियो ओलंपिक के लिए उनका चयन होगा वहीं दूसरी तरफ सुशील कुमार वर्ल्ड चैंपियनशिप में कंधे में चोट की वजह से हिस्सा नहीं ले सके थे।

जिसके बाद रियो ओलंपिक के सिर्फ एक खिलाड़ी के चयन होने की स्थिती में दोनों ही रेसलरों के बीच एक शीत युद्ध देखने को मिल रहा था। दो बार ओलंपिक में पदक जीत चुके सुशील कुमार ने एक ट्रायल मैच कराने की सलाह दी जिससे किसी एक चयन किया जा सके लेकिन डब्लूएफआई ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया जिसके बाद सुशील कुमार ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन वहां से भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।

इस सारे घटनाक्रम को लेकर सुशील ने अपनी तरफ से बयान देते हुए कहा कि, मैं सिर्फ एक फेयर ट्रायल कराने की बात कर रहा हूं, जिससे ये पता चल सके कि मेरे और नरसिंह में कौन ओलंपिक में जाने के लिए बेहतर खिलाड़ी हैं। लेकिन इन सबके बावजूद सुशील कुमार को रियो ओलंपिक में जाने का टिकट नहीं मिल सका।

नेटवर्थ

सुशील कुमार की नेटवर्थ को लेकर बात करी जाए तो वह 1 मिलियन डॉलर के आसपास होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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